खेत की ओर जा रहे 71 वर्षीय किसान की टूटे बिजली तार की चपेट में आने से मौत, देर शाम खोजबीन के बाद मिला शव

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सदर अस्पताल में गमगीन परिजन. | Prabhat Khabar Network

जमुई के लखनपुर गांव में खेत की ओर जा रहे 71 वर्षीय किसान की बिजली के टूटे तार की चपेट में आने से दर्दनाक मौत हो गई. देर शाम तक घर न लौटने पर ग्रामीणों ने खोजबीन की, तब खेत में उनका शव मिला.

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जमुई टाउन थाना क्षेत्र के लखनपुर गांव में मंगलवार की शाम दर्दनाक हादसे में एक वृद्ध किसान की करंट लगने से मौत हो गयी. खेत की ओर जाने के दौरान किसान पहले से टूटकर गिरे बिजली के तार की चपेट में आ गए. हादसे में उन्होंने मौके पर ही दम तोड़ दिया. देर शाम तक घर नहीं लौटने पर परिजनों और ग्रामीणों ने तलाश शुरू की, जिसके बाद खेत में उनका शव बिजली के तार के पास पड़ा मिला. घटना के बाद परिवार में कोहराम मच गया और गांव में मातम छा गया.

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खेत जाते समय टूटे तार की चपेट में आए किसान

मृतक की पहचान लखनपुर गांव निवासी जीतन मंडल (71), पिता स्व. अनुप मंडल के रूप में हुई है. बताया जाता है कि जीतन मंडल मंगलवार की शाम किसी काम से अपने खेत की ओर जाह रे बहियार जा रहे थे. इसी दौरान खेत में पहले से बिजली का तार टूटकर गिरा हुआ था. इसकी जानकारी नहीं होने के कारण वह तार के संपर्क में आ गए. करंट लगते ही वह खेत में गिर पड़े और मौके पर ही उनकी मौत हो गयी.

देर शाम तक घर नहीं लौटे तो शुरू हुई तलाश

जीतन मंडल के देर शाम तक घर वापस नहीं लौटने पर परिजनों को चिंता हुई. इसके बाद परिवार के सदस्यों और ग्रामीणों ने उनकी खोजबीन शुरू की. तलाश करते हुए जब लोग खेत की ओर पहुंचे तो जीतन मंडल बिजली के तार की चपेट में पड़े मिले. आसपास बिजली का तार गिरा होने के कारण ग्रामीण तत्काल उनके पास जाने की हिम्मत नहीं जुटा सके. इसके बाद किसी तरह बिजली आपूर्ति बंद करवायी गयी और किसान को तार से अलग किया गया. ग्रामीणों ने उन्हें उठाकर देखा, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी.

पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल पहुंचा शव

घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और आवश्यक कार्रवाई पूरी कर शव को कब्जे में लिया. बुधवार की सुबह शव को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल लाया गया. पोस्टमार्टम की प्रक्रिया के बाद शव परिजनों को सौंपे जाने की कार्रवाई की गयी. किसान की मौत की खबर मिलते ही गांव में मातम पसर गया. परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है. मृतक अपने पीछे दो पुत्र और एक पुत्री छोड़ गए हैं.

बिजली विभाग की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल

हादसे के बाद ग्रामीणों में बिजली विभाग के प्रति नाराजगी देखी जा रही है. ग्रामीणों का कहना है कि खेतों और बहियारों से गुजरने वाले बिजली तारों की नियमित जांच होनी चाहिए. उनका आरोप है कि टूटे तार की समय पर मरम्मत अथवा बिजली आपूर्ति बंद कर दी जाती तो हादसा टाला जा सकता था.

ग्रामीणों ने खेतों और बहियारों में लगे बिजली तारों की स्थिति की जांच कराने, जर्जर तारों को बदलने और तार टूटने की सूचना मिलते ही तत्काल बिजली आपूर्ति बंद करने की व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है. हालांकि हादसा बिजली विभाग की लापरवाही से हुआ या किसी अन्य कारण से, यह जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा. पुलिस मामले में आवश्यक कार्रवाई कर रही है.

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