हो जाएं सावधान, कहीं आप न बन जाएं सायबर अपराधियों का अगला निशाना

Updated at : 07 May 2019 6:38 AM (IST)
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हो जाएं सावधान, कहीं आप न बन जाएं सायबर अपराधियों का अगला निशाना

गुलशन कश्यप, जमुई : जिले भर में बीते चार महीनों में एटीएम कार्ड से धोखाधड़ी की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं. हर दूसरे दिन एटीएम कार्ड से धोखाधड़ी का एक नया मामला सामने आ रहा है. पर इन सभी मामलों में पुलिस ज्यादातर कुछ कर नहीं पाती है, या पुलिस यह मान लेती है कि […]

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गुलशन कश्यप, जमुई : जिले भर में बीते चार महीनों में एटीएम कार्ड से धोखाधड़ी की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं. हर दूसरे दिन एटीएम कार्ड से धोखाधड़ी का एक नया मामला सामने आ रहा है. पर इन सभी मामलों में पुलिस ज्यादातर कुछ कर नहीं पाती है, या पुलिस यह मान लेती है कि इस मामले में हम बहुत ज्यादा कर नहीं सकते इसलिये वह महज मामला दर्ज कर इसे छोड़ देती है.

कई मामलों में तो पुलिस द्वारा मामला दर्ज नहीं किये जाने की बात भी सामने आती है, पर नतीजतन हमें अपने पैसों से हाथ धोना पड़ता है. हमारी एक छोटी सी भूल से हम अपनी मेहनत की कमाई खो देते हैं. ऐसे में निम्न सावधानियां बरतकर इन खतरों से बचा जा सकता है.
आप दो तरह से धोखाधड़ी के हो सकते हैं शिकार
कार्ड स्किमिंग : एटीएम के जरिए धोखाधड़ी करने वाले शातिरों ने ठगी का नया रास्ता खोज निकाला है जिसमें आपका एटीएम कार्ड चुराने की भी जरूरत नहीं है.
ठग एटीएम स्किमिंग के जरिए उपभोक्ताओं के खाते से मोटी रकम उड़ा ले जाते हैं. डेबिट कार्ड के ब्योरे की चोरी को एटीएम स्किमिंग कहते हैं. इसके लिए एटीएम की-पैड के पास डिवाइस लगा दी जाती है. कार्ड को मशीन में डालते ही मैग्नेटिक पट्टी पर दर्ज ब्योरा और पासवर्ड डिवाइस में रिकॉर्ड हो जाता है.
इस तरह डाटा चोरी कर ऑनलाइन खरीदारी या खाते से पैसा ट्रांसफर कर पैसा निकल जाता है. इसमें ठग एटीएम कार्ड रीडर के ऊपर नकली कार्ड रीडर लगा देते हैं. वहीं की-बोर्ड के ऊपर स्कैनर लगा देते हैं. कार्ड रीडर आपके कार्ड में मैग्नेटिक टेप की गुप्त जानकारी स्टोर कर लेता है और स्कैनर की-बोर्ड पर पासवर्ड को रिकाॅर्ड कर लेता है.
कार्ड रीडर से आपके कार्ड की मैग्नेटिक टेप की इनफॉरमेशन और स्कीमर से पासवर्ड चुराने के बाद ये शातिर ठग एटीएम कार्ड का क्लोन तैयार कर लेते हैं. इसके लिये सबसे पहले जिस एटीएम में आप पैसे निकालने के लिए जाते हैं मशीन को ठीक तरीके से देख लें. की-बोर्ड या फिर कार्ड रीडर में कुछ अजीब लगे तो एटीएम यूज न करें. ढीला कार्ड रीडर और फिसलती की-बोर्ड की बटन पर ध्यान दें.
कार्ड क्लोनिंग : एटीएम कार्ड की क्लोनिंग से भी जालसाज आपकी गाढ़ी कमाई पर हाथ साफ कर लेते हैं. पहले स्किमर डिवाइस या स्वाइप मशीन के जरिए कार्ड का ब्योरा लिया जाता है. इसके बाद जालसाज सॉफ्टवेयर की मदद से एटीएम कार्ड का क्लोन तैयार कर लेते हैं. इस तरह फर्जी कार्ड से पैसा निकाल लिया जाता है.
बैंक को करें तुरंत शिकायत
एटीएम या ऑनलाइन पैसों की धोखाधड़ी होने पर आपको जल्द से जल्द उसी बैंक में रिपोर्ट करनी चाहिए जिस बैंक में आपका खाता है. ऐसा इसलिए क्योंकि जिस बैंक ने आपको कार्ड जारी किया है, नुकसान होने की स्थिति में वही पैसा वापस करेगा. अगर यह साबित हो जाए कि आप धोखाधड़ी का शिकार हुए हैं तो बैंक आपको नुकसान की भरपाई करेगा. हालांकि, इसमें बहुत सारे नियम और कायदे हैं.
इन तरीकों का इस्तेमाल कर आप रह सकते हैं सुरक्षित
– जब भी एटीएम कार्ड से रुपये निकालने जाएं, एटीएम मशीन में कैमरे को तलाश करने की कोशिश करें.
– जहां कार्ड स्वैप किया जाता है, वहां हिलाकर देखें. यदि वहां कैमरा या क्लोनिंग मशीन लगा होगा तो वह निकल आएगा.
– लेन-देन की जानकारी के लिए अपने मोबाइल पर एसएमएस अलर्ट सेवा लें.
– एटीएम से बाहर निकलने के बाद एक बार कैंसल बटन जरूर दबाएं.
– लेनदेन की रसीद अपने पास रखें. उसे एटीएम के पास फेंककर न जाएं.
– पिन दर्ज करते समय एटीएम के नजदीक खड़े रहें. हाथ से की-पैड को ढक लें.
– हमेशा अपना पिन कोड याद रखें. उसे लिखकर या फिर साथ लेकर न चलें.
– एटीएम पिन के लिए अपनी जन्मतिथि या गाड़ी के नंबर का इस्तेमाल न करें.
– कोशिश करें कि जिस एटीएम में गार्ड तैनात हो वहीं से पैसे की निकासी करें.
– आप अपना एटीएम किसी और के हाथ में इस्तेमाल के लिए न दें.
– एटीएम केबिन में अगर कोई और है तो उसके बाहर निकलने पर ही मशीन का प्रयोग करें.
– एटीएम प्रयोग करते समय हरी लाइट नहीं जलती है, तो मतलब है कि मशीन के साथ किसी ने छेड़छाड़ कर उसे हैंग किया है, ऐसे में उस मशीन का प्रयोग न करें.
बीते तीन महीनों में सायबर अपराध की कुछ घटनाएं
– 2 मई: सैप जवान जय किशोर गुप्ता के खाता से 23,500 रुपये की निकासी
– 2 मई: खैरा के भौंड़ निवासी बबलू तांती के खाता से 80 हजार रुपये की निकासी
– 26 अप्रैल: मलयपुर कैंप में तैनात सीआरपीएफ जवान के खाते से निकाले 60 हजार रुपये
– 3 मार्च: विठलपुर निवासी दिवाकर रावत के खाता से 39,500 की निकासी
– 12 फरवरी: दौलतपुर निवासी राजेश रोशन के खाता से 80 हजार उड़ाये
– 27 फरवरी: चौकीटांड निवासी रुबेसा खातून के खाता से 80 हजार की निकासी
– 21 फरवरी: दिघरा निवासी राबिन कुमार के खाता से 20 हजार निकाले
-15 मार्च: महेश्वरी निवासी प्रभात कुमार के खाता से 23,500 उड़ाया
– 5 मार्च: नीमरंग निवासी मो. इजरायल अंसारी के खाता से 78 हजार रुपये की निकासी
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