वैशाली: गंगा उफान पर, राघोपुर दियारा में बाढ़ का खौफ; सड़कों पर पानी, चार स्कूल बंद

Updated:
विज्ञापन

पंचायत सरकार भवन डूबा.

राघोपुर में गंगा के बढ़ते जलस्तर से बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। कई सड़कें डूबीं, फसलें बर्बाद और आवागमन बाधित होने से ग्रामीण परेशान हैं। प्रशासन से मदद की मांग।

विज्ञापन

Flood in Raghopur :राघोपुर में गंगा के जलस्तर में पिछले कई दिनों से लगातार हो रही वृद्धि से राघोपुर दियारा में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है. नदी के उफान पर होने से ग्रामीणों में भय का माहौल है. निचले इलाकों में पानी फैलने के बाद अब ऊंचे स्थानों की ओर भी बाढ़ का पानी बढ़ रहा है. ग्रामीणों का कहना है कि यदि जलस्तर इसी रफ्तार से बढ़ता रहा तो पूरे प्रखंड में भीषण बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हो सकती है.

आपके शहर में

विज्ञापन

फसल डूबी, पशुपालकों के सामने चारे का संकट

प्रखंड के कई ढाबों में पानी भर गया है. सैकड़ों एकड़ में लगी मक्का, जनेरा और सब्जियों की फसल डूब चुकी है. इससे किसानों को भारी नुकसान हुआ है. वहीं बाढ़ के कारण पशुपालकों के सामने मवेशियों के चारे का संकट भी गहराने लगा है.

सड़कों पर घुटने से ज्यादा पानी, सिक्स लेन के पास सड़क कटी

बिंदा मार्केट से विश्राम टोला जाने वाली सड़क पर घुटने से अधिक पानी जमा है. फतेहपुर से खालसा घाट जाने वाली सड़क पर खालसा घाट के निकट और शिवनगर मार्केट से उत्तर विश्राम टोला जाने वाली सड़क पर पानी चढ़ने से आवागमन बाधित है.

कच्ची दरगाह-बिदुपुर निर्माणाधीन सिक्स लेन पुल के पाया नंबर 29 के पास पानी के तेज बहाव से सड़क कट गई है. पुल के कई पायों के आसपास भी बाढ़ का पानी फैल गया है. शिवनगर लंका टोला से विश्राम टोला जाने वाले मुख्य मार्ग, जुड़ावनपुर करारी से चकसिंगार जाने वाली पुलिया के पास की सड़क समेत दर्जनों ग्रामीण सड़कों पर पानी जमा है. राघोपुर के श्री कमल सिंह शंभू सिंह प्लस टू विद्यालय के पीछे और जुड़ावनपुर थाना के पास भी बाढ़ का पानी पहुंच गया है.

नाव नहीं मिली तो केले के थम और ट्यूब का सहारा

चकसिंगार पंचायत के सभी गांवों में बाढ़ का पानी फैल गया है. रामपुर श्यामचंद पंचायत के भट्ठी पर वार्ड संख्या एक के पास ढाब में पानी भर जाने से ग्रामीण केले के थम और ट्यूब को नाव की तरह इस्तेमाल कर आर-पार जा रहे हैं. स्थानीय लोगों के अनुसार प्रतिदिन 100 से 150 लोग पशुओं का चारा लाने और अन्य जरूरी कामों के लिए जान जोखिम में डालकर ढाब पार कर रहे हैं.

ग्रामीणों का आरोप है कि प्रशासन की ओर से अब तक सुरक्षित आवागमन के लिए नाव की व्यवस्था नहीं की गई है. लोगों ने निचले इलाकों के लिए छोटे-बड़े नावों का तत्काल परिचालन शुरू कराने की मांग की है.

फोटो- 75- बिंदा मार्केट से विश्राम टोला जाने वाली सड़क | Prabhat Khabar Network
बिंदा मार्केट से विश्राम टोला जाने वाली सड़क | Prabhat Khabar Network

2016 की बाढ़ का खौफ, सुरक्षित ठिकाने तलाश रहे ग्रामीण

गंगा किनारे बसे नैकीपारी, हैवतपुर, परोहा, जफराबाद, जहांगीरपुर, सरायपुर, तेरसिया, हेम्मतपुर, चकसिंगार, बहरामपुर, रामपुर श्यामचंद, वीरपुर, रामपुर बरारी और शिवनगर लंका टोला समेत कई निचले इलाकों के लोगों की चिंता बढ़ गई है.

ग्रामीणों को वर्ष 2016 की भीषण बाढ़ की तबाही याद आ रही है. उस दौरान कई लोगों के घर उजड़ गए थे और कई लोगों की जान चली गई थी. बाढ़ की आशंका को देखते हुए लोग अभी से परिवार और मवेशियों को सुरक्षित रखने के लिए ऊंचे स्थान तलाशने लगे हैं. लोगों को घर में राशन और मवेशियों के लिए चारे की चिंता सताने लगी है.

चकसिंगार के चार स्कूल बंद

बाढ़ के कारण चकसिंगार पंचायत के रामपुर, करारी-बरारी क्षेत्र स्थित तीन उत्क्रमित मध्य विद्यालय और एक हाई स्कूल समेत कुल चार विद्यालयों को बंद कर दिया गया है. प्रखंड विकास पदाधिकारी सह शिक्षा पदाधिकारी सीमा कुमारी ने इसकी जानकारी दी. उन्होंने बताया कि अन्य पंचायतों से भी बाढ़ को लेकर रिपोर्ट मांगी जा रही है. विद्यालयों से प्राप्त रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी.


विज्ञापन

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन