हाजीपुर: KVK हरिहरपुर में किसान-वैज्ञानिक मिलन आयोजित, खरीफ फसलों में कीट-व्याधि प्रबंधन और जैविक खेती के बताए गए वैज्ञानिक उपाय
उद्घाटन के दौरान डीएओ व अन्य | Prabhat Khabar Network
वैशाली के कृषि विज्ञान केंद्र में आयोजित कार्यक्रम में किसानों को खरीफ फसलों की वैज्ञानिक खेती और कीट-व्याधि प्रबंधन की विस्तृत जानकारी दी गई।
Hajipur News: वैशाली जिले के कृषि विज्ञान केंद्र (KVK) हरिहरपुर में शनिवार को आत्मा (ATMA) वैशाली के तत्वावधान में किसान-वैज्ञानिक मिलन-सह-परिचर्चा कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया. इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य खरीफ मौसम में फसलों की वैज्ञानिक खेती को बढ़ावा देना और फसलों में लगने वाले विभिन्न कीट-व्याधियों से बचाव के आधुनिक उपायों से किसानों को प्रशिक्षित करना था.
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कार्यक्रम का विधिवत उद्घाटन जिला कृषि पदाधिकारी (DAO) विकास कुमार, केवीके प्रधान अनिल कुमार सिंह, जिला उद्यान पदाधिकारी प्रशांत कुमार, उप परियोजना निदेशक (आत्मा) रमन कुमार और प्रगतिशील किसानों ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया. कार्यक्रम का कुशल संचालन उप परियोजना निदेशक आत्मा रमन कुमार ने किया.
कीटों की पहचान और समेकित नियंत्रण के वैज्ञानिक गुर
परिचर्चा के दौरान केवीके प्रधान अनिल कुमार सिंह ने धान, मक्का एवं अन्य खरीफ फसलों में लगने वाले प्रमुख कीटों और रोगों के प्रारंभिक लक्षणों की पहचान, समय पर उनकी रोकथाम और जैविक व रासायनिक कीटनाशकों के संतुलित छिड़काव की वैज्ञानिक तकनीकों की विस्तार से जानकारी दी. किसानों द्वारा अपनी फसलों में आ रही व्यावहारिक समस्याओं से जुड़े सवालों का वैज्ञानिकों और विभागीय अधिकारियों ने मौके पर ही समाधान किया.
किसानों को विभिन्न सरकारी योजनाओं और आधुनिक तकनीकों की दी गई जानकारी
कार्यशाला के दौरान कृषि अधिकारियों ने किसानों को सरकार द्वारा संचालित प्रमुख योजनाओं से अवगत कराया:
- प्रशिक्षण व परिभ्रमण: राज्य के अंदर एवं राज्य के बाहर किसानों के लिए आयोजित होने वाले विशेष प्रशिक्षण, किसान पाठशाला और जिला स्तरीय तकनीकी शिविर.
- डिजिटल कृषि: फार्मर रजिस्ट्री, डिजिटल क्रॉप सर्वे और पारदर्शी सब्सिडी प्रक्रिया की उपयोगिता.
- सतत कृषि पद्धतियां: उर्वरकों का संतुलित उपयोग, मृदा स्वास्थ्य संवर्धन, प्राकृतिक खेती और जैविक खेती के तौर-तरीके.
वैज्ञानिक खेती अपनाकर आय बढ़ाने का आह्वान
कार्यक्रम में पौधा संरक्षण के सहायक निदेशक विश्वजीत कुमार, सहायक निदेशक (शस्य) अफजल हुसैन, सहायक निदेशक (शस्य) अंकिता कुमारी, रिया राज, बीएओ प्रदीप, ज्योत्सना प्रियव्रता, विकास कुमार, अनिकेत कुमार, रौनी कुमार, सुनील कुमार, कुमार सचिन भास्कर सहित बड़ी संख्या में कृषि समन्वयक, सलाहकार और किसान उपस्थित रहे. अधिकारियों ने किसानों से अपील की कि वे पारंपरिक ढर्रे से बाहर निकलकर कृषि वैज्ञानिकों की सलाह और विभागीय योजनाओं का लाभ उठाएं, जिससे लागत में कमी आए और फसलों की पैदावार व आमदनी में बढ़ोतरी हो सके.
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