डीइओ अमरेंद्र कुमार पांडेय की दो टूक: विद्यालयों के विकास के लिए मिली राशि का हो शत-प्रतिशत सदुपयोग, धरातल पर दिखे बदलाव
डीइओ अमरेंद्र कुमार पांडेय का फाइल फोटो
डीइओ ने प्रधान शिक्षकों को निर्देश दिया कि विद्यालयों के विकास के लिए मिली राशि का शत-प्रतिशत उपयोग हो. राशि का असर स्कूलों की बुनियादी सुविधाओं में दिखना चाहिए.
schools development fund: विद्यालयों के विकास के लिए मिलने वाली राशि का शत-प्रतिशत उपयोग सुनिश्चित करें और उसका असर स्कूलों की बुनियादी सुविधाओं में दिखना चाहिए. राशि उपलब्ध होने के बावजूद विकास कार्यों में लापरवाही नहीं होनी चाहिए. ये निर्देश जिला शिक्षा पदाधिकारी (डीइओ) अमरेंद्र कुमार पांडेय ने शिक्षा विभाग की कार्यशाला को संबोधित करते हुए प्रधान शिक्षकों को दिये.
उन्होंने कहा कि विद्यालयों को उपलब्ध करायी गयी राशि का उद्देश्य बच्चों को बेहतर शैक्षणिक माहौल और जरूरी सुविधाएं मुहैया कराना है. इसलिए सभी प्रधान शिक्षक विद्यालयों की वास्तविक जरूरतों को ध्यान में रखकर विकास कार्यों को प्राथमिकता दें. राशि का इस्तेमाल केवल कागजों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि विद्यालय की आधारभूत संरचना में सुधार के रूप में दिखाई देना चाहिए.
राशि का सदुपयोग हो, विद्यालयों में दिखे बदलाव
डीइओ ने स्पष्ट किया कि विद्यालयों के विकास के लिए उपलब्ध राशि का सही तरीके से इस्तेमाल करना संबंधित प्रधान शिक्षकों की जिम्मेदारी है. स्कूलों में संसाधनों की कमी दूर करने और जरूरी सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए ठोस पहल की जानी चाहिए.
उन्होंने कहा कि विद्यालय परिसर और आधारभूत संरचना में सुधार से बच्चों को पढ़ाई के लिए बेहतर माहौल मिलेगा. इसके लिए प्रधान शिक्षक विकास कार्यों को गंभीरता से लें और उपलब्ध राशि का सदुपयोग सुनिश्चित करें.
विद्यालयों के विकास के लिए मिलकर करें काम
डीइओ अमरेंद्र कुमार पांडेय ने कहा कि विद्यालयों का समग्र विकास तभी संभव है, जब सभी संबंधित लोग अपनी जिम्मेदारियों को समझते हुए मिलकर काम करें. प्रधान शिक्षक स्कूलों की जरूरतों के अनुसार योजनाबद्ध तरीके से विकास कार्य कराएं और उपलब्ध संसाधनों का सही इस्तेमाल करें.
उन्होंने जोर दिया कि विद्यालय स्तर पर होने वाले सुधारों का सीधा लाभ बच्चों को मिलना चाहिए. शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए सभी प्रधान शिक्षक संकल्पित होकर काम करें.
बुनियादी सुविधाओं में सुधार पर जोर
कार्यशाला में विद्यालयों के विकास, आधारभूत सुविधाओं को बेहतर बनाने और उपलब्ध राशि का शत-प्रतिशत उपयोग करने पर विशेष जोर दिया गया. डीइओ ने संबंधित शिक्षकों से विकास कार्यों में जिम्मेदारी और गंभीरता बरतने की अपील की, ताकि विद्यालयों में सुविधाओं का विस्तार हो सके और बच्चों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण मिल सके.
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