गोपालगंज: रात होते ही सड़कों पर दौड़ती हैं 'आँखें चौंधियाने' वाली चाइनीज लाइटें, हादसों की बढ़ी आशंका

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चाइनीज लाइटें लगा कर चलती गाड़ियां

Bright Chinese lights in Uchakgaon : गोपालगंज के उचकगांव प्रखंड में वाहनों पर लगी तेज चाइनीज और फैंसी लाइटें राहगीरों के लिए परेशानी का सबब बन गई हैं। शाम ढलते ही इन तेज रोशनी वाली लाइटों से सामने से आने वाले वाहन चालकों की आंखें चौंधिया जाती हैं, जिससे सड़क पर गड्ढे, पैदल यात्री या अन्य वाहन दिखाई नहीं देते।

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Bright Chinese lights in Uchakgaon : गोपालगंज के उचकगांव प्रखंड क्षेत्र में वाहनों पर लगायी जा रही तेज रोशनी वाली चाइनीज और फैंसी लाइटें राहगीरों और दूसरे वाहन चालकों के लिए परेशानी का कारण बन रही हैं. स्थानीय लोगों का कहना है कि शाम ढलने के बाद ऐसी लाइटों से सामने से आने वाले वाहन चालकों की आंखें कुछ समय के लिए चौंधिया जाती हैं. इससे सड़क पर गड्ढे, पैदल यात्री और दूसरे वाहन नजर नहीं आने का खतरा बना रहता है.

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शाम होते ही सड़कों पर बढ़ जाती है परेशानी

उचकगांव प्रखंड की मुख्य सड़कों और चौक-चौराहों पर दोपहिया और चारपहिया वाहनों में तेज रोशनी वाली फैंसी लाइटों का इस्तेमाल बढ़ने की शिकायत सामने आ रही है. ग्रामीणों के अनुसार शाम ढलते ही इन लाइटों के कारण सड़क पर वाहन चलाना मुश्किल हो जाता है.

सामने से आती तेज लाइट आंखों को कर देती है चौंधिया

स्थानीय राहगीरों का कहना है कि जब सामने से कोई वाहन तेज रोशनी वाली लाइट जलाकर गुजरता है, तो कुछ क्षण के लिए दूसरे चालक की आंखें चौंधिया जाती हैं. इस दौरान सड़क पर मौजूद गड्ढे, पैदल यात्री या आगे चल रहा वाहन ठीक से दिखाई नहीं देता. ग्रामीण इलाकों की सड़कों पर यह स्थिति दुर्घटना का खतरा बढ़ा सकती है.

बिना डिवाइडर वाली सड़कों पर ज्यादा खतरा

उचकगांव क्षेत्र के कई ग्रामीण मार्गों पर सड़क की चौड़ाई सीमित है और कई जगह डिवाइडर की व्यवस्था नहीं है. ऐसे रास्तों पर सामने से आने वाली तेज रोशनी का असर और अधिक महसूस होता है. राहगीरों और वाहन चालकों का कहना है कि कुछ सेकंड की दृश्यता बाधित होना भी सड़क पर गंभीर स्थिति पैदा कर सकता है.

एन एच 531 पर रात के चाइनीज लाइटें लगा कर चलती गाड़ियां | Prabhat Khabar Network
एन एच 531 पर चलती गाड़ियां

छोटी दुर्घटनाओं के पीछे भी लाइटों पर उठ रहे सवाल

ग्रामीणों का दावा है कि हाल के दिनों में ग्रामीण इलाकों के प्रमुख मार्गों पर हुई कुछ छोटी-मोटी दुर्घटनाओं के पीछे तेज रोशनी वाली लाइटों की भूमिका भी रही है. हालांकि इन घटनाओं में लाइटों को कारण मानने की आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आयी है. स्थानीय लोग फिर भी ऐसी लाइटों के इस्तेमाल पर नियंत्रण की मांग कर रहे हैं.

अनधिकृत तेज और रंगीन लाइटों पर नियमों में रोक

मोटर वाहन नियमों के तहत वाहनों में निर्धारित मानकों से अधिक तेज रोशनी या अनधिकृत रंगीन लाइटों का इस्तेमाल नियमों के दायरे में आता है. इसके बावजूद बाजार में आसानी से उपलब्ध सस्ती फैंसी लाइटें कई वाहनों पर लगायी जा रही हैं. कुछ वाहन चालक इन्हें गाड़ी का लुक आकर्षक बनाने और अधिक दूरी तक रोशनी पाने के लिए इस्तेमाल करते हैं.

ग्रामीणों ने सघन वाहन चेकिंग की मांग की

क्षेत्र के प्रबुद्ध लोगों ने प्रशासन और परिवहन विभाग से मुख्य सड़कों और चौक-चौराहों पर सघन वाहन जांच अभियान चलाने की मांग की है. लोगों का कहना है कि नियमों के विपरीत लगी तेज लाइटों को वाहनों से हटवाया जाए, ताकि रात में सड़क पर दूसरे चालकों और राहगीरों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके.

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