गोपालगंज : भोरे को नगर पंचायत बनाने की प्रक्रिया शुरू, मौजों के चयन पर माले का विरोध और भाजपा का समर्थन
भोरे सीओ अनुभव राय
Bhore Nagar Panchayat : गोपालगंज के भोरे को नगर पंचायत का दर्जा मिलने की प्रक्रिया शुरू हो गई है, जिससे स्थानीय राजनीति गरमा गई है. गांवों के चयन को लेकर माले ने सवाल उठाए हैं, जबकि भाजपा ने इसे विकास के लिए महत्वपूर्ण बताया है. प्रशासन ने प्रक्रिया को मानकों के अनुरूप बताया है.
Bhore Nagar Panchayat : गोपालगंज जिले के भोरे को नगर पंचायत का दर्जा देने की प्रशासनिक प्रक्रिया शुरू होते ही स्थानीय राजनीति गरमा गई है. प्रस्तावित नगर पंचायत में शामिल किए जाने वाले गांवों और मौजों के चयन को लेकर भाकपा माले ने सवाल उठाए हैं. पार्टी ने सीमांकन में भेदभाव का आरोप लगाया है. दूसरी ओर भाजपा ने नगर पंचायत गठन का स्वागत करते हुए इसे क्षेत्र के विकास के लिए बड़ा कदम बताया है. प्रशासन ने चयन प्रक्रिया को सरकारी मानकों के अनुरूप बताया है.
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नगर पंचायत की प्रक्रिया शुरू होते ही बढ़ी राजनीतिक हलचल
भोरे को नगर पंचायत का दर्जा देने की प्रक्रिया शुरू होने के साथ ही स्थानीय स्तर पर राजनीतिक और सामाजिक चर्चाएं तेज हो गई हैं. प्रस्तावित नगर पंचायत के दायरे में किन गांवों और मौजों को शामिल किया जाएगा, इसे लेकर अलग-अलग राय सामने आने लगी है. इसी मुद्दे पर राजनीतिक दलों के बीच भी मतभेद उभर रहे हैं.
माले ने मौजों के चयन पर उठाए सवाल
भाकपा माले ने नगर पंचायत के प्रस्तावित सीमांकन और मौजों के चयन पर आपत्ति जताई है. पार्टी नेताओं का आरोप है कि चयन प्रक्रिया में पर्याप्त पारदर्शिता नहीं बरती गई. माले ने कुछ खास मौजों को शामिल किए जाने के पीछे भेदभाव की आशंका जताई है.
भाजपा ने नगर पंचायत गठन को बताया विकास का रास्ता
दूसरी ओर भाजपा नेताओं ने माले के आरोपों को खारिज करते हुए नगर पंचायत गठन का स्वागत किया है. भाजपा का कहना है कि भोरे को नगर पंचायत का दर्जा मिलने से क्षेत्र में बुनियादी सुविधाओं का विस्तार होगा. सड़कों, जल निकासी और अन्य नागरिक सुविधाओं में सुधार के साथ रोजगार के अवसर बढ़ने की भी उम्मीद जताई गई है.
विकास के लिए ऐतिहासिक कदम बता रही भाजपा
भाजपा नेताओं के अनुसार नगर पंचायत का गठन भोरे के विकास और कायाकल्प की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है. उनका कहना है कि शहरी निकाय का दर्जा मिलने के बाद विकास योजनाओं को बेहतर तरीके से लागू करने का अवसर मिलेगा. इससे पूरे क्षेत्र में आधारभूत सुविधाओं को मजबूत करने में मदद मिल सकती है.
सीओ ने चयन में भेदभाव के आरोप को किया खारिज
मौजों के चयन को लेकर उठ रहे सवालों पर भोरे के अंचलाधिकारी अनुभव राय ने आरोपों को सिरे से खारिज किया है. उन्होंने कहा कि नगर पंचायत गठन का प्रस्ताव सरकारी दिशा-निर्देशों और निर्धारित मानकों के आधार पर तैयार किया गया है. प्रशासन ने प्रक्रिया में आवश्यक मानकों को ध्यान में रखने की बात कही है.
जनसंख्या से लेकर व्यावसायिक गतिविधियों तक का अध्ययन
सीओ के अनुसार मौजों को शामिल करने से पहले कई महत्वपूर्ण पहलुओं का अध्ययन किया गया. इसमें जनसंख्या घनत्व, स्थानीय लोगों की जीवनशैली, व्यावसायिक गतिविधियां और शैक्षणिक स्तर जैसे बिंदुओं को ध्यान में रखा गया. इन्हीं मानकों के आधार पर प्रस्तावित दायरे को तैयार किया गया है.
आपत्ति और सुझाव देने का विकल्प खुला
अंचलाधिकारी अनुभव राय ने कहा कि नगर पंचायत गठन की प्रक्रिया विधिवत शुरू हो चुकी है. यदि किसी व्यक्ति, जनप्रतिनिधि या संगठन को लगता है कि कोई पात्र मौजा छूट गया है या किसी मौजे को अतिरिक्त रूप से शामिल किया गया है, तो वे सक्षम प्राधिकार के समक्ष अपनी आपत्ति या सुझाव दर्ज करा सकते हैं.
आपत्तियों की जांच के बाद होगी आगे की कार्रवाई
प्रशासन के अनुसार ड्राफ्ट सूची को लेकर मिलने वाली आपत्तियों और सुझावों पर नियमानुसार विचार किया जाएगा. प्राप्त आपत्तियों के आधार पर मौजों की सूची की सूक्ष्मता से जांच की जाएगी. इसके बाद निर्धारित प्रक्रिया के तहत आगे की कार्रवाई की जाएगी.
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