विकास के ब्रेकर में टापू बन गया वार्ड

Published at :15 Aug 2016 5:39 AM (IST)
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विकास के ब्रेकर में टापू बन गया वार्ड

वार्ड वासी सुविधाओं के लिए मुहताज हैं. सड़क, पेयजल, जलजमाव की समस्या मुंह बाये खड़ी है. हालात दियारे जैसे हैं. प्रभात खबर की टीम वार्ड की समस्याओं की पड़ताल की. प्रस्तुत है वार्ड की दुर्दशा पर रिपोर्ट गोपालगंज : विकास की हाइ स्पीड ब्रेकर ने वार्ड को टापू बना दिया है. यहां विकास के लिए […]

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वार्ड वासी सुविधाओं के लिए मुहताज हैं. सड़क, पेयजल, जलजमाव की समस्या मुंह बाये खड़ी है.

हालात दियारे जैसे हैं. प्रभात खबर की टीम वार्ड की समस्याओं की पड़ताल की. प्रस्तुत है वार्ड की
दुर्दशा पर रिपोर्ट
गोपालगंज : विकास की हाइ स्पीड ब्रेकर ने वार्ड को टापू बना दिया है. यहां विकास के लिए प्रयास किये गये हैं, लेकिन सड़क से ऊंचा बना नाला वार्ड में पानी फैला रहा है. एक आदमी बीमार है, वार्डवासी कंधे पर लाद उसे इलाज के लिए मुख्य मार्ग पर ले जा रहे हैं. चरपहिया इस सड़क पर नहीं आ सकती. ऐसी व्यवस्था विकास के दौर में बना दी गयी है. अफसर कॉलोनी के पीछे वार्ड नंबर 10 के वासी समस्याओं से कराह रहे हैं. सड़कों की स्थिति दयनीय है.
नाले बजबजा रहे हैं. जलनिकासी की कहीं व्यवस्था नहीं है. नाले का पानी सड़क पर बह रहा है. डस्टबीन का कहीं अता-पता नहीं है. जगह-जगह जमा कचरे बता रहे हैं कि सफाई गाड़ी कभी यहां आयी ही नहीं. पोल है, पर एलइडी का पता नहीं है. पेयजल के लिए कहीं सरकारी चापाकल नहीं है. एक स्कूल है, लेकिन मासूमों पर मौत का खतरा मंडरा रहा है.
ठीक स्कूल के ऊपर से 11 हजार वोल्ट का तार गुजरता है. यह दर्द है वार्ड संख्या दस के वासियों का, जहां शहर में होना ही अभिशाप बन गया है. गांव से भी बदतर हालात हैं यहां के. वार्ड का मुआयना करने पर लगता है कि यहां विकास कभी हुआ ही नहीं है. एक तरफ अफसर कॉलोनी की ओर से बड़ी गाड़ियां नहीं गुजर सकतीं, तो पश्चि›म साइड में नदी है. उत्तर से कोई मार्ग नहीं है. एक मुख्य पथ था, लेकिन सड़क से दो फुट ऊंचा नाला बन गया, जो सड़क के बीचोबीच है. ऐसे में चरपहिया वाहन इसमें फंस जाते हैं.
कोई बीमार हो जाये, तो बाइक अथवा कंधा ही सहारा होता है. वार्ड वासी मूलभूत सुविधाओं के लिए तरस रहे हैं, लेकिन विगत आठ माह के भीतर सुविधा पहुंचाने के बजाय इन्हें परेशानी झेलनी पड़ रही है.
सोलिंग में बना नाला व बदहाल सड़क पर चलने की व्यवस्था
क्या कहतें है वार्ड के लोग
वार्ड में होल्डिंग टैक्स मांगने के लिए अधिकारी आ जाते हैं. विकास में लूट है. डेढ़ फुट का नाला बनना था, नौ इंच का बना दिया. वह भी सड़क से ऊंचा.
प्रहलाद सिंह
दो हजार लोगों का यह वार्ड है. लाइट कहीं नहीं जलती. एक साल से कभी कचरे की गाड़ी नहीं आयी. स्कूल के ऊपर मौत दौड़ रही है. हालात गांव से खराब है.
ध्रुवदेव पांडेय
एनएच की तरफ से
अफसर कॉलोनी होने के कारण गाड़ी आ नहीं सकती. अपनी व्यवस्था के बावजूद बीमार होने पर उठा कर ले जाना पड़ता है.
शैलेश तिवारी
कटहरवा मुहल्ले के नाम से जानते हैं. ब्राह्मण और छोटी जाति के लोग हैं. हम लोगों ने सड़क का काम चंदा देकर कराये हैं. यहां परेशानी-ही-परेशानी है.
राधा साह
सड़क, बिजली, पेयजल की व्यवस्था नहीं है. कम-से-कम नप कभी सफाई गाड़ी भी भेज देता, तो होल्डिंग टैक्स की कीमत अदा हो जाती.
अजय प्रसाद
वार्ड में 18 लाख का काम कराया गया है. सड़क पर चलने में काफी दिक्कत है. फंड आयेगा, तो पीसीसी कराया जायेगा. तब तक परेशानी झेलनी ही पड़ेगी.
जयहिंद प्रसाद, वार्ड पार्षद, वार्ड नंबर 10
वार्डवासियों को पैदल जाने की विवशता
पाइप लाइन का काम हो रहा है. सड़क तोड़ कर उसे गड्ढानुमा छोड़ दिया जा रहा है. एक सड़क पर नाले का निर्माण करा कर छोड़ दिया गया. हालात यह है कि कहीं पानी जमा है, तो कहीं गड्ढा है. किसी सड़क पर परिचालन ही संभव नहीं है. इस व्यवस्था को नगर पर्षद ने जन्म दिया है, जो शायद तत्काल मिटनेवाली नहीं है और वार्डवासियों को दर्द से सराबोर कर दिया है.
कल वार्ड 11 में
मंगलवार को वार्ड नंबर 11 में प्रभात खबर की टीम जायेगी. वार्ड के हालात से बुधवार को रूबरू कराया जायेगा.
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