बाजार से यूरिया गायब

Updated at :21 Jan 2016 2:39 AM
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बाजार से यूरिया गायब

375 से 450 रुपये तक बिका यूरिया 20.5 एमटी के एवज में अबतक नौ हजार एमटी आवंटन गोपालगंज : किसानों पर यूरिया की कालाबाजारी भारी पड़ने लगी है. मंगलवार को हुई बारिश के बाद किसानों को सरकारी दर पर मिलनेवाला यूरिया ढूंढ़ने से भी नहीं मिल रहा है. नतीजतन किसान ऊंची दर पर यूरिया खरीदने […]

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375 से 450 रुपये तक बिका यूरिया

20.5 एमटी के एवज में अबतक नौ हजार एमटी आवंटन
गोपालगंज : किसानों पर यूरिया की कालाबाजारी भारी पड़ने लगी है. मंगलवार को हुई बारिश के बाद किसानों को सरकारी दर पर मिलनेवाला यूरिया ढूंढ़ने से भी नहीं मिल रहा है. नतीजतन किसान ऊंची दर पर यूरिया खरीदने को विवश हैं. ऐसे में कालाबाजारी के कारण किसान महंगाई की दोहरी मार झेलने को विवश हैं. जिले मे रबी सत्र के लिए 20 हजार पांच सौ एमटी यूरिया की आवश्यकता है. इसके एवज में अब तक नौ हजार 21 एमटी यूरिया जिले को उपलब्ध हुआ है.
उपलब्ध यूरिया में 85 सौ 21 एमटी बांट देने का दावा कृषि विभाग कर रहा है. विभाग पांच सौ एमटी यूरिया होने का दावा कर रहा है, लेकिन जिले में कहीं भी सरकारी दर पर यूरिया नहीं बांटा गया. किसानों की मानी जाये, तो सरकारी दर पर मिलनेवाला यूरिया दुकानों तक सिमट कर रह जाता है. नामों की जांच करायी जाये, तो पोल खुल जायेगी. सरकारी नियमानुसार 325 से 330 रुपये प्रति बोरे की दर से यूरिया बेचना है, जबकि बाजार में 375 से 450 रुपये प्रति बोरा यूरिया बेचा जा रहा है.
कालाबाजारी का यह खेल सरेआम जारी है, लेकिन कृषि विभाग चुप्पी साधे हुए है. कई ऐसे कृषि कर्मी हैं जिनके खुद की उर्वरक दुकान है, जो आसानी से सरकारी यूरिया को हजम कर जाते हैं. बुधवार को भी बारिश होती रही और अब भी किसानों को यूरिया की जरूरत है. अब सवाल उठता है कि यह यूरिया इन्हें कहां से मिलेगा.
क्या कहता है कृषि विभाग
अब तक जो यूरिया मिला है, उसकी बिक्री निर्धारित दर पर करायी गयी है. यूरिया की कालाबाजारी के खिलाफ छापेमारी की जा रही हैै. वैसे पर्याप्त मात्रा मेें यूरिया है और किसानों को परेशानी नहीं होगी.
डॉ वेद नारायण सिंह, डीएओ
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