मुखियापति ने बनाया 65 की जगह 139 लाभुकों की सूची

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मुखियापति ने बनाया 65 की जगह 139 लाभुकों की सूचीजांच कमेटी ने बीडीओ से तलब किया रेकॉर्डफर्जीवाड़ा में लिप्त शिक्षक की कुंडली खंगालने में जुटा प्रशासनइंदिरा आवास के एडवाइस पर पंचायत सचिव का फर्जी हस्ताक्षरबैंक खाता की स्टेटमेंट से फर्जीवाड़ा का हुआ खुलासाभोरे प्रखंड में जगतौली पंचायत का नहीं मिल रहा अभिलेखप्रभात पड़तालफोटो – 25- […]

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मुखियापति ने बनाया 65 की जगह 139 लाभुकों की सूचीजांच कमेटी ने बीडीओ से तलब किया रेकॉर्डफर्जीवाड़ा में लिप्त शिक्षक की कुंडली खंगालने में जुटा प्रशासनइंदिरा आवास के एडवाइस पर पंचायत सचिव का फर्जी हस्ताक्षरबैंक खाता की स्टेटमेंट से फर्जीवाड़ा का हुआ खुलासाभोरे प्रखंड में जगतौली पंचायत का नहीं मिल रहा अभिलेखप्रभात पड़तालफोटो – 25- फोटो की जगह स्कैन कॉपी लगाना है. भोरे के जगतौली पंचायत में फर्जीवाड़ा की जड़ टिप्स ऑफ द आइस वर्क की तरह है. इंदिरा आवास हो या मनरेगा, जहां हाथ डालेंगे, वहीं फर्जीवाड़ा सामने आयेगा. हद तो यह है कि इस फर्जीवाड़ा के खेल में भोरे प्रखंड के अधिकारी, प्रधान सहायक, नाजिर तक के शामिल होने की बात सामने आयी है. अब कार्रवाई की बारी आयी है, तो इस पूरे मामले को मैनेज करने में माफिया गोपालगंज से लेकर पटना तक पैरवी लगा रहे हैं. फर्जीवाड़े की प्रस्तुत है यह पहली किस्त. संजय कुमार अभय, गोपालगंजभोरे प्रखंड के जगतौली पंचायत में इंदिरा आवास, मनरेगा एवं पंचायत की अन्य योजनाओं की जांच के लिए गठित टीम ने भोरे के बीडीओ से पंचायत के विकास कार्यों का रेकॉर्ड तलब की है. रेकाॅर्ड प्रखंड कार्यालय से गायब है. पंचायत का रेकाॅर्ड नहीं मिलने से प्रखंड के अधिकारी खुद को लाचार पा रहे हैं. ग्रामीण बैंक के रेकाॅर्ड से सनसनीखेज खुलासा हुआ है. बैंक में भेजे गये एडवाइस पर भी पंचायत सचिव का फर्जी हस्ताक्षर पाया गया है. पंचायत सचिव ने लिखित रूप से फर्जी हस्ताक्षर होने की बात कही है तथा एक्सपर्ट से जांच कराने की अपील भी की है. जांच अधिकारी मान रहे हैं कि साहुजैन उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के शिक्षक रमेश सिंह, जो जगतौली पंचायत की मुखिया इंदू देवी के पति हैं, उनके द्वारा खुद इंदिरा आवास की सूची 65 की जगह 139 की तैयार कर उसकी मंजूरी तत्कालीन बीडीओ ज्ञानवती देवी से करा ली गयी है. पूरी राशि को अपने ग्रामीण बैंक के खाते में पैसा ब्लॉक के नाजिर और प्रधान सहायक के सहयोग से 29 मार्च 14 को 71.50 लाख की राशि जो इंदिरा आवास का था मंगा लिया. इतना ही नहीं इस खाते में महज 362 रुपया जमा था. जिसमें से 31 मार्च 14 को पांच हजार रुपये की नगद निकासी कर ली. मामला जब खुला तो ढ़ाई महीने बाद 14 जून 2014 को 71.95 लाख रुपया वापस कर दिया. इसी तरह पंचायत के उप मुखिया उमेश यादव के खाते में दो लाख रुपया उसी दिन मंगाया गया जिसमें 31 मार्च को 5 हजार रुपया उमेश यादव ने भी निकाल दिया जबकि उसके खाते में पहले से 3309 रुपया पहले से था. ब्याज का पैसा भी उप मुखिया ने खा लिया. उधर डीडीसी जीउत सिंह के द्वारा गठित डीआरडीए के निदेशक धनंजय कुमार, अल्पसंख्यक कल्याण पदाधिकारी रजनीश राय, डीआरडीए के लेखा अधिकारी के नेतृत्व में जांच टीम का गठन किया है.क्या कहते हैं अधिकारी” जगतौली पंचायत में इंदिरा आवास के राशि में बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़ा सामने आया है. जिसकी जांच करायी जा रही है. जांच रिपोर्ट आने के साथ ही फर्जीवाड़े में लिप्त लोगों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कर कार्रवाई की जायेगी. जिउत सिंह, डीडीसी, गोपालगंजजारी……….कल पढ़िये – मनरेगा से एक ही सड़क को तीन बार बनाया.

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