मानसिक यातना झेल रहे कैदी

Published at :16 Sep 2017 3:28 AM (IST)
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मानसिक यातना झेल रहे कैदी

लापरवाही. क्षमता से अधिक कैदियों को कोर्ट हाजत में रखा जा रहा गोपालगंज : सदर कोर्ट हाजत कैदियों को बीमार बना रहा है. सुबह से शाम तक हाजत में बंद रहनेवाले कैदियों की मानसिक स्थिति बिगड़ रही है. कैदी उत्पीड़न के शिकार हो रहे हैं. हर रोज मंडल कारा से पेशी के लिए सिविल कोर्ट […]

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लापरवाही. क्षमता से अधिक कैदियों को कोर्ट हाजत में रखा जा रहा

गोपालगंज : सदर कोर्ट हाजत कैदियों को बीमार बना रहा है. सुबह से शाम तक हाजत में बंद रहनेवाले कैदियों की मानसिक स्थिति बिगड़ रही है. कैदी उत्पीड़न के शिकार हो रहे हैं. हर रोज मंडल कारा से पेशी के लिए सिविल कोर्ट में कैदियों को लाया जाता है. दो कमरों का सदर कोर्ट हाजत है, जिसमें क्षमता से अधिक कैदियों को रखा जाता है. यहां रहनेवाले कैदियों की सुरक्षा को लेकर विशेष इंतजाम है. लेकिन, उन्हें सुविधाएं मुंह चिढ़ा रही हैं. बाथरूम के लिए शौचालय की कमी,
तो दूसरी तरफ पीने के लिए पानी भी नसीब नहीं हो पा रहा. शुक्रवार को ‘प्रभात खबर’ ने सदर कोर्ट हाजत की पड़ताल की, तो कई चौंकाने वाले मामला सामने आये. कैदी जिस वार्ड में बैठे हुए थे, वहां ऊमस भरी गर्मी में पंखा नहीं था. पीने के लिए नल है, जिसमें पानी कई दिनों से नहीं आ रहा है. नल खराब होने के कारण कूड़ा-कचरा से भरा था. हाजत की दीवार और फर्श पर गंदगी के कारण एक पल भी वहां रहना मुश्किल था. कैदियों ने बताया कि सुबह हाजत में बंद होने के बाद पेशी के लिए भेजा जाता है. फिर शाम तक रहना पड़ता है. हाजत की व्यवस्था को देख कई कैदी कोस भी रहे थे. वहीं, बाहर कैदियों की सुरक्षा के लिए पुलिस की कड़ी चौकसी थी.
निरीक्षी न्यायाधीश का आदेश भी बेअसर : सिविल कोर्ट में हाल में पहुंचे निरीक्षी न्यायाधीश चक्रधारी शरण सिंह ने न्यायालय परिसर की सुरक्षा और साफ-सफाई की व्यवस्था को लेकर जिला प्रशासन को निर्देश दिया था. निरीक्षी न्यायाधीश के आदेश का असर भी नहीं हुआ. न्यायाधीश ने कोर्ट परिसर में हाजत की व्यवस्था को देख कर चिंता जाहिर की थी. हाजत में कैदियों को सुविधा मिले, इसके लिए प्रशासन को निर्देश भी दिया था.
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