पुलिस गिरफ्त में आरसीसी सुप्रीमो विनोद मरांडी
Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 04 May 2016 10:10 AM
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गया: नक्सली संगठन आरसीसी (रिवाॅल्यूशनरी कम्युनिस्ट सेंटर) सुप्रीमो विनोद मेहता उर्फ मरांडी को गया पुलिस ने गुप्त सूचना पर मंगलवार की दोपहर विष्णुपद थाने के नयी सड़क इलाके से गिरफ्तार कर लिया. फिलहाल, पुलिस उससे पूछताछ कर आरसीसी से जुड़े अन्य नक्सलियों के बारे में जानकारी प्राप्त कर रही है. जानकारी के अनुसार, मरांडी के […]
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गया: नक्सली संगठन आरसीसी (रिवाॅल्यूशनरी कम्युनिस्ट सेंटर) सुप्रीमो विनोद मेहता उर्फ मरांडी को गया पुलिस ने गुप्त सूचना पर मंगलवार की दोपहर विष्णुपद थाने के नयी सड़क इलाके से गिरफ्तार कर लिया. फिलहाल, पुलिस उससे पूछताछ कर आरसीसी से जुड़े अन्य नक्सलियों के बारे में जानकारी प्राप्त कर रही है.
जानकारी के अनुसार, मरांडी के मोबाइल लोकेशन के आधार पर पुलिस ने दबिश डाल कर गया शहर स्थित विष्णुपद थाने के नयी सड़क इलाका स्थित एक मकान से उसे गिरफ्तार किया. एसएसपी गरिमा मलिक ने मरांडी की गिरफ्तारी की पुष्टि की है. उन्होंने बताया कि अभी उससे पूछताछ की जा रही है. कई नक्सली वारदात के आरोपित आरसीसी प्रमुख विनोद मरांडी की पत्नी सुनीता देवी गुरारू प्रखंड की डीहा पंचायत से मुखिया पद की प्रत्याशी है. इन दिनों विनोद मरांडी अपनी पत्नी के प्रचार में जुटा था. वह मोबाइल फोन से ही पंचायत के लोगों से संपर्क कर अपनी पत्नी के पक्ष में वोट देने की अपील कर रहा था. संभवत: इसी वजह से पुलिस के हाथ लगे मोबाइल नंबर के आधार पर लोकेशन का पता लगा कर मरांडी को गिरफ्तार किया जा सका है. करीब 42 वर्षीय विनोद मरांडी ने 1997 में एमसीसी का दामन थामा था. इसके तीन वर्ष बाद उसे चाल्हो का जोनल कमांडर बना दिया गया. इसी बीच, औरंगाबाद में पुलिस के साथ मुठभेड़ में नक्सली संगठन से जुड़े सागर चटर्जी की मौत हो गयी. सागर दा की पत्नी संगठन से जुड़ी. पर, उसे वहां की गतिविधियां रास नहीं आयीं. उसने 2005 में आरसीसी की स्थापना की. इस संगठन में भी किचकिच के बाद उसने नक्सली संगठन काे बाय-बाय कह दिया. मौका पाकर विनोद मरांडी आरसीसी का मुखिया बन गया.
कई नक्सली कांडों का है आरोपित
2009 में चेरकी थाने की पुलिस ने मरांडी को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेज दिया. तब तक मरांडी पर नक्सली वारदात को अंजाम देने के 25 मामले दर्ज हो चुके थे. पुलिस ने उस पर 25 हजार रुपये का इनाम भी घोषित किया था. लेकिन, साक्ष्य व गवाहों के मौजूद नहीं होने के कारण 2012 में मरांडी को कोर्ट ने मुक्त कर दिया. इसके बाद से अब तक वह आरसीसी का नेतृत्व कर रहा है.
मरांडी पर टिकारी के जदयू विधायक अभय कुशवाहा के कुजापी स्थित घर पर पार्सल बम विस्फोट कराने के साथ सड़क निर्माण व अन्य कंस्ट्रक्शन कंपनियों से लेवी वसूलने का आरोप है. अन्य मामलों में विभिन्न थानों में मरांडी व इसके सहयोगियों के खिलाफ मामले दर्ज हैं. अब पुलिस मरांडी से आरसीसी से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण जानकारी व जुड़े लोगों के बारे में पूछताछ करने में जुटी है.
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