आशियाना उजाड़े जाने के सदमे ने ले ली जान!

Published at :15 Jun 2017 9:53 AM (IST)
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आशियाना उजाड़े जाने के सदमे ने ले ली जान!

गया: आशियाना उजाड़े जाने के सदमे में 22 वर्षीय युवक विवेक कुमार की मौत होने का मामला सामने आया है. डॉक्टर ने उसकी मौत का कारण हर्ट अटैक बताया है. उल्लेखनीय है कि प्रशासन की ओर से महादेव घाट के पास बॉटम नाले पर अवैध रूप किये गये निर्माण को हटाया जा रहा है. इसमें […]

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गया: आशियाना उजाड़े जाने के सदमे में 22 वर्षीय युवक विवेक कुमार की मौत होने का मामला सामने आया है. डॉक्टर ने उसकी मौत का कारण हर्ट अटैक बताया है.
उल्लेखनीय है कि प्रशासन की ओर से महादेव घाट के पास बॉटम नाले पर अवैध रूप किये गये निर्माण को हटाया जा रहा है. इसमें कई लोगों के आशियाना उजाड़े गये हैं. कई लोगों ने इसके खिलाफ हाइकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है. कोर्ट ने इस मामले में स्टे ऑर्डर दिया है. जानकारी के अनुसार महादेव घाट निवासी पवन सिंह अपने परिवार के साथ कच्चे मकान में रहते थे.

पूर्व वार्ड पार्षद की पहल पर उनका मकान पक्का करने के लिए राजीव आवास योजना का लाभ दिया गया था. उनके भाई व अन्य परिवार भी इसी मुहल्ले में रहते हैं. मृतक के चाचा का कहना है कि श्री सिंह के 22 वर्षीय पुत्र विवेक कुमार उर्फ कल्लू मकान टूटने की सूचना मात्र से सदमा में आ गये थे. उनके चाचा पप्पू कुमार ने बताया कि विवेक कुछ दिनों से गुमसुम रहने लगा था. बुधवार की सुबह चार बजे अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गयी. इलाज के लिए पहले निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां से डॉक्टरों ने बेहतर इलाज के लिए जयप्रकाश नारायण अस्पताल भेज दिया. वहां के डॉक्टरों ने मेडिकल कॉलेज के लिए रेफर कर दिया, जहां उसकी मौत हो गयी. गौरतलब है कि बॉटम नाले पर अतिक्रमण के कारण दुर्गाबाड़ी व बारी रोड में हर मौसम में जलजमाव रहता है. यही नहीं, निगम कार्यालय परिसर, स्वराजपुरी रोड व कठोतर तालाब के पास भी पानी लग जाता है.

सरकारी की जमीन पर कैसे मिली मंजूरी : जानकार बताते हैं कि राजीव आवास योजना के लाभ के लिए सरकार ने कई तरह के नियम बनाये हैं. इस योजना का लाभ लेने के लिए लाभुक की रैयती जमीन जरूरी है व इसकी अंचल रसीद भी कटनी चाहिए. लोगों का कहना है कि यह जमीन अगर नाले की थी, तो इस योजना का लाभ कैसे दिया गया. लाभुक को अभी पूरा किस्त भी नहीं दी गयी, जबकि मकान तोड़ने का आदेश मिल गया. सूत्रों ने बताया कि इसी मुहल्ले में कई लोगों को योजना का लाभ दिया गया है. अगर यहां की जमीन सरकारी है, तो सरकार के नियमों को ताख पर रख कर योजना लाभ सभी को दिया गया है.
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