Darbhanga: राशन डीलर का लाइसेंस रद्द, हजारों किलो अनाज गबन-कालाबाजारी का आरोप
प्रतीकात्मक तस्वीर
बिरौल के सुपौल पंचायत में जन वितरण प्रणाली विक्रेता का लाइसेंस तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया गया है. लाभुकों के अनाज का गबन, कालाबाजारी और दुकान महीनों बंद रखने के गंभीर आरोपों की जांच में पुष्टि हुई है. हजारों किलो अनाज के स्टॉक और अनियमित वितरण के मामलों ने सनसनी फैला दी है.
Biraul, Ration Dealer: बिरौल के सुपौल पंचायत के जन वितरण प्रणाली विक्रेता मो. अफरोज आलम का लाइसेंस एसडीओ शशांक राज ने तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया है. डीलर पर लाभुकों के अनाज का गबन कर कालाबाजारी करने, महीनों दुकान बंद रखने और जांच टीम के साथ अभद्र व्यवहार करने के आरोप जांच में प्रमाणित हुए हैं. उसकी अनुज्ञप्ति संख्या 02/20 को समाप्त कर दिया गया है.
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तीन बार जांच में बंद मिली राशन दुकान
लोक शिकायत निवारण कार्यालय में दर्ज परिवाद के बाद प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी राजीव कुमार ने 28 अप्रैल, 1 जुलाई और 6 अगस्त को दुकान की जांच की. तीनों बार दुकान बंद मिली.
6 अगस्त को सुबह जांच के दौरान डीलर से मोबाइल पर संपर्क किया गया, जिसके बाद वह दुकान पर पहुंचा. जांच में स्टॉक बोर्ड अद्यतन नहीं पाया गया. डीलर ने संबंधित कागजात और इ-पॉश मशीन दिखाने से भी इनकार कर दिया.
जांच के दौरान एसडीओ पर की टिप्पणी
गोदाम सत्यापन के दौरान डीलर के कथित व्यवहार को भी गंभीर माना गया. उसने कहा कि एसडीओ कौन होता है जांच करने वाला और उसके गोदाम में एक बोरा भी अनाज नहीं है, जो करना है कर लिया जाए.
इसके बाद मामले की जांच रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की प्रक्रिया आगे बढ़ायी गयी.
इ-पॉश में हजारों किलो अनाज का स्टॉक
जांच में इ-पॉश मशीन पर 9,354 किलो गेहूं और 14,912 किलो चावल का स्टॉक दर्ज पाया गया. यानी कुल 24,266 किलो अनाज का स्टॉक इ-पॉश में दिख रहा था.
वहीं मई से जुलाई के बीच महज 9 से 15 कार्डों पर ही अनाज वितरण दर्ज होने की बात सामने आयी. जांच अधिकारियों ने इसे अनाज के गबन और अनियमितता का गंभीर संकेत माना.
लाभुकों ने भी लगाए गंभीर आरोप
जांच के दौरान लाभुकों ने भी डीलर पर अनियमितता के आरोप लगाये. लाभुकों के अनुसार, डीलर उनका फिंगरप्रिंट लेने के बाद बाद में राशन देने की बात कहकर उन्हें वापस भेज देता था.
इससे राशन वितरण में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी की आशंका सामने आयी.
अंतिम नोटिस के बाद भी नहीं हुआ उपस्थित
मामले में डीलर को अपना पक्ष रखने के लिए अंतिम नोटिस जारी किया गया था. लेकिन 20 अगस्त को भी वह उपस्थित नहीं हुआ.
इसके बाद एसडीओ शशांक राज ने उसकी अनुज्ञप्ति तत्काल प्रभाव से रद्द करने का आदेश जारी कर दिया. आदेश की प्रतिलिपि आगे की कार्रवाई के लिए प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी को भेज दी गयी है.
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