अमृत योजना का दरभंगा में हो सकेगा क्रियान्वयन !

Published at :09 Jan 2016 6:52 PM (IST)
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अमृत योजना का दरभंगा में हो सकेगा क्रियान्वयन !

अमृत योजना का दरभंगा में हो सकेगा क्रियान्वयन ! 8 वर्षों में 30 करोड़ खर्च के बाद नहीं हुई जलापूर्तिअमृत योजना में सरकार ने दी 49.85 करोड़फोटो- 20परिचय- जलापूर्ति के लिए बना जल मीनार.दरभंगा. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सातों दिन 24 घंटे जलापूर्ति के अमृत योजना के तहत जिन 14 शहरों का चयन पहले चरण […]

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अमृत योजना का दरभंगा में हो सकेगा क्रियान्वयन ! 8 वर्षों में 30 करोड़ खर्च के बाद नहीं हुई जलापूर्तिअमृत योजना में सरकार ने दी 49.85 करोड़फोटो- 20परिचय- जलापूर्ति के लिए बना जल मीनार.दरभंगा. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सातों दिन 24 घंटे जलापूर्ति के अमृत योजना के तहत जिन 14 शहरों का चयन पहले चरण के लिए किया है. उसमें दरभंगा भी है. दरभंगा में इस अमृत योजना के क्रियान्वयन के लिए राज्य सरकार ने 49.85 करोड़ राशि की स्वीकृति दी है. इसमें कंसल्टेंट को 10-15 जनवरी के बीच योजना का डीपीआर उपलब्ध कराने के भी निर्देश दिये गये हैं. सरकार की इस महत्वपूर्ण योजना का क्रियान्वयन दरभंगा शहर में कैसे होगा. इस पर तरह-तरह के कयास लगाये जा रहे हैं. शहरी जलापूर्ति पर पूर्व में हुए हैं 30 करोड़ खर्चप्रमंडलीय मुख्यालय दरभंगा में शहरी जलापूर्ति योजना के तहत राज्य सरकार ने वित्तीय वर्ष 2008-09 में 4 करोड़ 97 लाख 64 हजार 200 की राशि की स्वीकृति दी. तत्कालीन नगर विकास एवं आवास मंत्री अश्विनी कुमार चौबे ने इस योजना का शिलान्यास के बाद घोषणा की थी कि दो वर्ष के भीतर पूरे शहर में जलापूर्ति शुरू कर दी जायेगी. इस योजना का नोडेल एजेंसी पीएचइडी तथा कार्यकारी एजेंसी कोलकाता के मेसर्स किर्लोस्कर एंड ब्रदर्स को बनाया गया. इस योजना के मुतल्लिक अब तक 12वें वित्त से 4 करोड़, 12 करोड़ 32 लाख 38 हजार, 4 करोड़ 80 लाख 29 हजार, 1 करोड़ 71 लाख 42 हजार तथा राज्य योजना से 3 करोड़, 1.50 करोड़, 1 करोड़ 64 लाख 2 हजार 64 तथा 73 लाख 58 हजार 500 का आवंटन हुआ है. 11 पंप हाउस व 8 जलमीनार का होना था निर्माणवर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार शहर की जनसंख्या 2 लाख 94 हजार 116 के मद्देनजर 9.2 लाख गैलन पानी आपूर्ति का लक्ष्य रखा गया. इसके तहत 11 पंप हाउस, 8 जलमीनार तथा 77 किलोमीटर पाइप लाइन बिछाने का निर्णय लिया गया. लक्ष्मीसागर, राय साहब पोखर, मिल्लत कॉलेज के निकट, पीएचईडी कार्यालय परिसर , नगर निगम गोदाम परिसर, हराही तालाब के पश्चिमी भिंडा, सैदनगर एवं जिला स्कूल परिसर में जलमीनारों का निर्माण कराकर उसके ईद-गिर्द पंप हाउस भी लगाये गये. वर्ष 2014 में योजना के अभिकर्त्ता ने जब पाइपों को भूमिगत बिछाना शुरु किया तो निगम प्रशासन ने उसे एक-एक योजना से जलापूर्ति शुरु करने को कहा, लेकिन लगातार आश्वासन के बावजूद एक भी योजना के चालू नहीं होने से क्षुब्ध पार्षदों ने गत 5 अगस्त की बैठक में योजना के कार्य एजेंसी पीएचइडी एवं अभिकर्त्ता किर्लोस्कर एंड ब्रदर्स पर प्राथमिकी दर्ज करने का निर्णय लिया. प्रधान सचिव ने नगर आयुक्त ने मांगा मार्गदर्शन5 अगस्त को निगम बोर्ड में पीएचईडी के खिलाफ लोक राशि का अपव्यय एवं ससमय कार्य पूरा नहीं करने पर प्राथमिकी दर्ज कराने संबंधी जानकारी नगर आयुक्त नागेंद्र कुमार सिंह ने विभागीय प्रधान सचिव को भेजकर मार्गदर्शन मांगा. लेकिन एक माह से अधिक अवधि के बाद भी कोई निर्देश नहीं मिला. ऐसी स्थिति में पुन: राज्य सरकार ने 49.85 करोड़ की स्वीकृति दे दी है. अब देखना है कि इसके क्रियान्वयन कर शहरवासियों की प्यास बुझाने में ‘अमृत योजना कितना सफल होता है.

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