छात्र समागम ने कराया संस्कृत विवि को बंद

Published at :02 Jan 2016 7:39 PM (IST)
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छात्र समागम ने कराया संस्कृत विवि को बंद

छात्र समागम ने कराया संस्कृत विवि को बंद भू-संपदा पदाधिकारी को विवि ने किया पदमुक्तआंदोलन के कारण दोपहर दो बजे तक विवि का कार्य बाधित रहा. दरभंगा. कामेश्वर सिंह दरभंगा संस्कृत विश्वविद्यालय के भू-संपदा पदाधिकारी का निलंबन एवं गिरफ्तारी, झूठी प्राथमिकी को समाप्त कराने सहित अन्य मांगों को लेकर नारेबाजी करते हुए जुलूस की शक्ल […]

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छात्र समागम ने कराया संस्कृत विवि को बंद भू-संपदा पदाधिकारी को विवि ने किया पदमुक्तआंदोलन के कारण दोपहर दो बजे तक विवि का कार्य बाधित रहा. दरभंगा. कामेश्वर सिंह दरभंगा संस्कृत विश्वविद्यालय के भू-संपदा पदाधिकारी का निलंबन एवं गिरफ्तारी, झूठी प्राथमिकी को समाप्त कराने सहित अन्य मांगों को लेकर नारेबाजी करते हुए जुलूस की शक्ल में पहुंचे छात्र समागम के छात्रों ने शनिवार को संस्कृत विवि को बंद कर दिया. इसके बाद विवि मुख्यालय के गेट पर आकर धरना पर बैठ गये. बंद कराने के दौरान छात्रों ने कार्यालय में काम कर रहे कर्मियों और अधिकारियों को कार्यालय से बाहर कर दिया. बंदी के दौरान छात्रों ने करीब एक घंटे तक कुलपति को भी घेरे रखा. मौके पर हुई सभा को संबोधित करते हुए जदयू के जिला प्रवक्ता सह सीनेट सदस्य डा. अंजित चौधरी ने कहा कि शिक्षा के मंदिर में मारपीट की घटना निंदनीय है. कुलपति को इस मामले में पहल कर अपने स्तर से गठित जांच समिति का प्रतिवेदन मंगवाकर भू-संपदा पदाधिकारी के कहने पर किया गया झूठा मुकदमा समाप्त करवाना चाहिए. वहीं जांच के क्रम में जो दोषी पाये जाने पर उनपर कठोर कार्रवाई की जाये. छात्र समागम के प्रदेश उपाध्यक्ष मो. कलाम ने कहा कि धैर्यनाथ चौधरी एवं कर्मचारी सुनील सिंह पर भू-संपदा पदाधिकारी की ओर से कातिलाना हमला निंदनीय है. इसलिए भू-संपदा अधिकारी को निलंबित करते हुए उन्हें पैतृक महाविद्यालय भेजा जाये तथा झूठा दलित मुकदमा वापस लिया जाये. आंदोलन को समर्थन दे रहे राष्ट्रीय शोषणमुक्ति मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष आरके दत्ता एवं सह संयोजक संतोष श्रीवास्तव ने कहा कि मिथिला की संस्कृति एवं शैक्षणिक जगत को शर्मसार करने वाले भू-संपदा पदाधिकारी को अविलंब गिरफ्तार किया जाये एवं उन्हें बर्खास्त किया जाये. वहीं नागरिक अधिकार मोर्चा के अध्यक्ष श्यामा प्रसाद तिवारी ने कहा कि भू-संपदा पदाधिकारी की ओर से उठाया गया कदम नीतीश सरकार को बदनाम करने की षडयंत्रकारी नीति की साजिश है. समागम के लनामिवि के अध्यक्ष नेजामुल होदा ने कहा कि भू-संपदा पदाधिकारी अपने सगे संबंधियों को सुरक्षागार्ड के रूप में बहाल कर विवि परिसर में आतंक का माहौल कायम किये हुए हैं. सभा को अमन कुमार राय, रमाशंकर सिंह, भोला कुमार, शशि पटेल, इस्तियाक अहमद, संजय पोद्दार, आनंद मोहन झा आदि ने संबोधित किया. धरना के बाद कुलपति ने शिष्टमंडल से वार्त्ता की. वार्त्ता में कुलपति ने भू-संपदा पदाधिकारी को पदमुक्त करने, उनके निलंबन की प्रक्रिया के लिए शासी निकाय को लिखे जाने, वहीं झूठा मुकदमा के बावत आरक्षी अधीक्षक से बात करने का आश्वासन दिया. शिष्टमंडल से हुई वार्त्ता के बावत पूछे जाने पर सीसीडीसी सह प्रभारी कुलसचिव डा. शिवलोचन झा ने पुष्टि करते हुए कहा कि आंदोलन के कारण दोपहर दो बजे तक विवि का कार्य बाधित रहा.

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