कैंपस... स्नातक के 19 छात्रों पर होगा केस

Updated:
विज्ञापन

कैंपस… स्नातक के 19 छात्रों पर होगा केसलनामिवि का मामलाफर्जी अंक-पत्र के सहारे स्नातक रिजल्ट लेने का किया प्रयास परीक्षा विभाग में हुई फर्जी अंक पत्र की पहचान दरभंगा. लनामिवि के स्नातक के 19 छात्रों पर फर्जी अंक-पत्र प्रस्तुत कर फाइनल रिजल्ट प्राप्त करने के प्रयास को लेकर उनपर केस दर्ज किया जायेगा. इसके साथ […]

विज्ञापन

कैंपस… स्नातक के 19 छात्रों पर होगा केसलनामिवि का मामलाफर्जी अंक-पत्र के सहारे स्नातक रिजल्ट लेने का किया प्रयास परीक्षा विभाग में हुई फर्जी अंक पत्र की पहचान दरभंगा. लनामिवि के स्नातक के 19 छात्रों पर फर्जी अंक-पत्र प्रस्तुत कर फाइनल रिजल्ट प्राप्त करने के प्रयास को लेकर उनपर केस दर्ज किया जायेगा. इसके साथ ही ऐसे मामलों में किसी गिरोह के सक्रिय होने की संभावना व्यक्त की जा रही है. वहीं विवि प्रशासन उक्त मामले को लेकर काफी सख्त हैं. इसपर कठोर कार्रवाई कर इसमें सक्रिय लोगों का भी खुलासा किये जाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गयी है. यह है मामला विवि में स्नातक तृतीय खंड के फार्म भरने के समय प्रथम खंड व द्वितीय खंड के अंक-पत्र की प्रति भी लगायी जाती है. वहीं तीनों खंडों के प्राप्त अंकपत्र के आधार पर परीक्षाफल प्रकाशित करने का विधान है. स्नातक सत्र 2012-15 के कुछ छात्रों ने फर्जी प्रमाण पत्र फार्म में लगाकर कॉलेज के माध्यम से विवि परीक्षा विभाग में जमा करा दिया. प्रवेश परीक्षा के लिए प्रवेश पत्र भी निर्गत हुआ और ये लोग परीक्षा में भी शामिल हुए. बॉक्स:::::::::::::::::::::::::::अंतिम रिजल्ट के समय हुआ खुलासा तृतीय खंड की परीक्षा हो जाने के बाद जब रिजल्ट की गणना की बारी आयी तो परीक्षा विभाग में रखे गये पूर्व के रिकॉर्ड से अंकपत्रों के मिलान के समय यह पाया गया कि पूर्व से निर्गत अंक पत्र में जिस विषय में 15 अंक है उसमें 65 अंक प्रस्तुत किया गया है. फिर इसकी गहन जांच परीक्षा विभाग के सहायकों द्वारा की गयी तब मामला प्रकाश में आया. मामला उजागर होने के बाद विवि प्रशासन ने छात्र कल्याण अध्यक्ष डॉ केपी सिन्हा, कानून पदाधिकारी बदरे आलम व डिप्टी परीक्षा नियंत्रक हिमांशु शेखर को जांच का जिम्मा दिया. टीम की जांच रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि फेल व कम अंक प्राप्त करनेवाले उक्त छात्रों ने फर्जी अंक प्रस्तुत कर इसके आधार पर अंतिम रिजल्ट लेने का प्रयास किया. ऐसे सभी छात्रों को विवि प्रशासन ने सूचना देकर प्राप्त अंक-पत्र को उपस्थापित करने का भी निर्देश दिया. बावजूद वे उपस्थित नहीं हुए. इसके बाद इनपर एफआइआर करने की तैयारी शुरू की गयी है. परीक्षा नियंत्रक डॉ कुलानंद यादव ने मामले की पुष्टि करते हुए कहा कि फर्जी अंक-पत्र देनेवाले छात्रों को चिह्नित कर लिया गया है. उन्हें बार-बार अपने-अपने प्रधानाचार्य के साथ उपस्थित होने को कहा गया पर वे ऐसा नहीं कर सके. अब ऐसे छात्रों पर एफआइआर की प्रक्रिया शुरू की जायेगी. बॉक्स:::::::::::::::::::::::::::इन कॉलेज के हैं ये छात्र बताया जाता है कि आरोपित छात्र विवि अंतर्गत मधुबनी स्थित डीएनवाइ कॉलेज, एएचएसके एवं समस्तीपुर जिला स्थित शिवाजी नगर कॉलेज व स्थानीय सीएम साइंस, मारवाड़ी कॉलेज के हैं. ऐसी संभावना व्यक्त की जा रही है कि उक्त धंधा संगठित गिरोह द्वारा कई वर्षों से चलाया जा रहा है.

विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन