वायदों में नियमित है सत्र
Edited by Prabhat Khabar Digital Desk
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दरभंगा : एक दौर था जब अनियमित शैक्षणिक सत्र ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय की पहचान बन चुकी थी. हालात ऐसे थे कि छात्र विश्वविद्यालय में नामांकन कराने से भी कतराते थे और अपनी उच्च शिक्षा के लिए अन्य विश्वविद्यालयों का सहारा लेते थे. 2010-13 के दौरान तत्कालीन विश्वविद्यालय प्रशासन के प्रयास से विवि के शैक्षणिक […]
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दरभंगा : एक दौर था जब अनियमित शैक्षणिक सत्र ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय की पहचान बन चुकी थी. हालात ऐसे थे कि छात्र विश्वविद्यालय में नामांकन कराने से भी कतराते थे और अपनी उच्च शिक्षा के लिए अन्य विश्वविद्यालयों का सहारा लेते थे.
2010-13 के दौरान तत्कालीन विश्वविद्यालय प्रशासन के प्रयास से विवि के शैक्षणिक सत्र को पटरी पर लाने की कोशिश की गयी. लेकिन एक बार फिर शैक्षणिक सत्र बेपटरी हो चुका है.
आलम यह है कि स्नातक एवं स्नातकोत्तर स्तर की सभी परीक्षाएं विलंब से चल रही है. इसका खामियाजा छात्रों को भुगतना पड़ रहा है. छात्रों की माने तो विवि के अनियमित सत्र के कारण वे दूसरे प्रदेशों के प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों में उच्च शिक्षा के अवसर से वंचित हो रहें हैं.
वहीं 2012 के उपरांत पीआरटी की परीक्षा का आयोजन भी नहीं हो पाया है. हालांकि इस बीच विवि के वरीय अधिकारी लगातार सार्वजनिक मंचों से गुणवत्तापूर्ण शिक्षा एवं नियमित सत्र का वादा करते रहे, पर विवि में परीक्षाओं की स्थिति कुछ अलग ही तसवीर पेश कर रही है. ऐसे में तो यही कहा जा सकता है कि वादों में तो विवि का शैक्षणिक सत्र नियमित हुआ, पर इसे वास्तविक रूप देना अभी भी बांकी है.
बेपटरी हुआ स्नातक सत्र
लनामिवि में स्नातक के सभी खंडों के सत्र बेपटरी हो चुकें हैं. स्नातक के सत्र 2012-15 के तृतीय खंड की परीक्षा अभी तक संपन्न नहीं हो पायी है. इसकी विशेष प्रायोगिक परीक्षा 13 जुलाई से शुरू हुई है.
जानकारों की माने तो सितंबर से पहले तृतीय खंड के परीक्षा परिणाम आने की संभावना नहीं दिखती. उसके बाद दशहरा, दीवाली, छठ आदि पर्व आ जायेंगे. इसके परिणाम आने के बाद ही पीजी के नये सत्र की शुरु आत हो सकती है. स्नातक सत्र 2013-16 के द्वितीय खंड (2014-15) की परीक्षा भी अभी तक शुरू नहीं हो पायी है. हालांकि 21 जुलाई से परीक्षा की घोषणा की गयी है. वहीं सत्र 2014-17 के प्रथम खंड (2014-15) के परीक्षा की प्रक्रिया भी अभी तक शुरू नहीं हो पायी है.
2012 के बाद नहीं हुई पीआरटी परीक्षा
लनामिवि में 2012 के बाद से अबतक पीएचडी में पंजीयन के लिए होने वाली पीआरटी परीक्षा का आयोजन नहीं किया गया है. जानकारों की मानें तो इससे विवि में शोध कार्य ठप होते जा रहे हैं. वहीं पीएचडी के लिए जारी 2009 के रेगूलेशन के आधार पर अब तक केवल एक बार 2012 में पीआरटी परीक्षा हुई है.
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