बक्सर के चौसा में 'ऑपरेशन सिंदूर' के शहीद सुनील सिंह के स्मृति द्वार का शिलान्यास
समारोह में मौजूद सांसद, एमएलसी, अधिकारी और परिजन.
बक्सर के चौसा में 'ऑपरेशन सिंदूर' के शहीद हवलदार सुनील कुमार सिंह के स्मृति द्वार का शिलान्यास किया गया. 7.50 लाख की लागत से निर्माण कार्य शुरू.
चौसा (बक्सर): नगर पंचायत के चौसा यादव मोड़ पर बुधवार को 'ऑपरेशन सिंदूर' के वीर बलिदानी शहीद हवलदार सुनील कुमार सिंह की पावन स्मृति में बनने वाले स्मृति द्वार का विधिवत शिलान्यास किया गया. नगर पंचायत की मुख्य पार्षद किरण देवी की अध्यक्षता में आयोजित गरिमामय समारोह में बक्सर सांसद सुधाकर सिंह ने शिलापट्ट का अनावरण कर निर्माण कार्य का शुभारंभ किया. कार्यक्रम से पूर्व उपस्थित सभी गणमान्य लोगों एवं ग्रामीणों ने वीर बलिदानी को याद करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की. इस दौरान शहीद की पत्नी सुजाता देवी पति के बलिदान को स्मरण कर भावुक हो गईं.
नगर पंचायत करा रही 7.50 लाख की लागत से निर्माण
शहीद हवलदार सुनील कुमार सिंह की स्मृति को अक्षुण्ण बनाए रखने के लिए नगर पंचायत चौसा द्वारा 7 लाख 50 हजार 700 रुपये की स्वीकृत राशि से इस भव्य तोरण द्वार का निर्माण कराया जा रहा है. कार्यक्रम का कुशल संचालन पूर्व जिला परिषद सदस्य डॉ. मनोज कुमार यादव ने किया. समारोह में विधान पार्षद (एमएलसी) सोनू राय, शहीद के पिता जनार्दन सिंह यादव सहित उनके परिजन और बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण व युवा उपस्थित रहे. लंबे इंतजार के उपरांत निर्माण कार्य आरंभ होने से शहीद के परिवार और समूचे क्षेत्रवासियों में सम्मान की नई उम्मीद जगी है.

गेट के बाद बनेगा शहीद स्मारक: सांसद
शिलापट्ट का अनावरण करते हुए सांसद सुधाकर सिंह ने कहा कि यह प्रवेश द्वार केवल ईंट-पत्थर की संरचना नहीं, बल्कि मातृभूमि की रक्षा में प्राण न्योछावर करने वाले सपूत की वीरता और बलिदान का जीवंत प्रतीक है. उन्होंने परिजनों को आश्वस्त किया कि स्मृति द्वार के निर्माण के पश्चात शीघ्र ही शहीद स्मारक का भी निर्माण कराया जाएगा. वहीं एमएलसी सोनू राय ने शहीद के चरणों में नमन करते हुए कहा कि पूरा समाज और प्रशासन हर कदम पर बलिदानी परिवार के साथ मजबूती से खड़ा है. शहीद के पिता ने कहा कि द्वार के साथ-साथ स्मारक निर्माण, बच्चों की बेहतर शिक्षा और अन्य सुविधाओं को लेकर अब भी ठोस प्रशासनिक सहयोग की आस है.

'ऑपरेशन सिंदूर' में ड्रोन व गोलाबारी का डटकर किया था सामना
हवलदार सुनील कुमार सिंह ने 9 मई 2025 को जम्मू-कश्मीर के राजौरी सेक्टर में चलाए गए 'ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान पाकिस्तानी गोलाबारी और ड्रोन हमले के बीच अदम्य साहस का परिचय दिया था. सीमा पार से मंडरा रहे छह पाकिस्तानी ड्रोन को सबसे पहले देखकर उन्होंने साथियों को सतर्क किया और अपनी राइफल से उन पर निशाना साधा. इसी बीच दुश्मन के तोप के गोले के छर्रे लगने से गंभीर रूप से लहूलुहान होने के बावजूद वे अंतिम समय तक बेस को रणनीतिक सूचनाएं देते रहे. अस्पताल में 27 दिनों तक जिंदगी और मौत से संघर्ष के बाद 6 जून 2025 को वे वीरगति को प्राप्त हुए. उनके इस अदम्य शौर्य के लिए उन्हें मरणोपरांत प्रतिष्ठित सेना मेडल (वीरता) से सम्मानित किया गया, जिसे उनकी धर्मपत्नी सुजाता देवी ने ग्रहण किया था. समारोह में कार्यपालक पदाधिकारी रानी कुमारी, सीओ विजय प्रकाश, वार्ड पार्षद हृदय नारायण सिंह सहित कई स्थानीय जनप्रतिनिधि मौजूद रहे.
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