TRE-4 को लेकर सम्राट चौधरी का बड़ा ऐलान, अब एक ही चरण में होगी परीक्षा, क्या-क्या बदला
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी
Bihar TRE-4: बिहार में प्रतियोगी परीक्षाओं को लेकर सीएम सम्राट चौधरी ने ट्वीट कर जानकारी दी है कि TRE-4 परीक्षा एकल चरण में ही आयोजित की जाएगी. इसके साथ ही पटना हाईकोर्ट के जज की अध्यक्षता में विशेषज्ञ समिति बनाने और विद्यार्थी सहयोग पोर्टल शुरू करने का फैसला लिया गया है.
Bihar TRE-4: बिहार में TRE-4 शिक्षक भर्ती परीक्षा को लेकर अभ्यर्थियों के लिए बड़ी खबर है. सरकार ने इस बार TRE-4 परीक्षा को एकल चरण में कराने की मांग स्वीकार कर ली है. छात्र प्रतिनिधियों के साथ बैठक में इस समेत 10 अहम मुद्दों पर सहमति बनी. मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने भी सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए इसकी जानकारी दी है.
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TRE-4 परीक्षा अब एकल चरण में होगी
27 अगस्त को शिक्षा विभाग के सचिव की अध्यक्षता में छात्र प्रतिनिधि मंडल के साथ बैठक हुई. इसमें छात्रों की ओर से रखी गई मांगों पर एक-एक करके चर्चा की गई. बैठक में TRE-4 भर्ती परीक्षा को एकल चरण में कराने की मांग स्वीकार कर ली गई. साथ ही एक अभ्यर्थी-एक परिणाम के मामले में नियम के अनुसार आगे की कार्रवाई करने का फैसला लिया गया.
सम्राट चौधरी ने भी दी फैसलों की जानकारी
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि सरकार छात्रों की मांगों को लेकर शुरू से ही गंभीर रही है. उन्होंने बताया कि इस बार की TRE-4 परीक्षा एकल चरण में आयोजित की जाएगी. मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि इसके साथ 9 अन्य महत्वपूर्ण फैसले लिए गए हैं.
सम्राट चौधरी ने बताया कि राज्य सरकार ने अलग-अलग परीक्षाओं में सुधार के लिए सुझाव देने के लिए 'परीक्षा सुधार पर एक विशेषज्ञ समिति' बनाई है. यह कमिटी पटना हाईकोर्ट के न्यायाधीश की अध्यक्षता में काम करेगी और अलग-अलग परीक्षाओं से जुड़ी छात्रों की शिकायतों को भी सुनेगी.
छात्रों की शिकायतों के लिए पोर्टल और शिविर
मुख्यमंत्री ने अपने पोस्ट में बताया कि छात्रों की समस्याओं और शिकायतों को जल्दी सुलझाने के लिए 'विद्यार्थी सहयोग पोर्टल' और 'विद्यार्थी सहयोग शिविर' शुरू किए गए हैं. सरकार के मुताबिक, इन माध्यमों से छात्रों की समस्याओं का समाधान 30 दिनों के भीतर किया जा रहा है.
70वीं BPSC समेत कई परीक्षाओं पर जांच का फैसला
बैठक में 70वीं BPSC की पारदर्शिता से जुड़े मामले, बिहार कर्मचारी चयन आयोग की परीक्षाएं समय पर कराने, 1799 दरोगा भर्ती परीक्षा की जांच और सहायक प्राध्यापक भर्ती से पहले बिहार पात्रता परीक्षा यानी BET से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा हुई.
इन मामलों को परीक्षा सुधार के लिए बनने वाली कमिटी के सामने रखने का फैसला हुआ है. शिकायतकर्ता सबूत के साथ अपनी बात या सुझाव कमिटी के सामने रख सकेंगे. कमिटी की रिपोर्ट और फैसले के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी.
1799 दरोगा भर्ती पर भी बड़ा फैसला
1799 पदों वाली दरोगा भर्ती परीक्षा की आगे की प्रक्रिया कमिटी की रिपोर्ट आने के बाद ही की जाएगी. वहीं, बिहार कर्मचारी चयन आयोग की ओर से भर्ती परीक्षाओं का कैलेंडर जल्द जारी करने और समय पर परीक्षा कराने के लिए कार्रवाई करने की बात कही गई है.
लाइब्रेरियन भर्ती शुरू करने की तैयारी
पुस्तकालयाध्यक्ष यानी लाइब्रेरियन के खाली पदों के हिसाब से भर्ती प्रक्रिया शुरू करने के लिए जल्द जरूरी कार्रवाई करने का फैसला लिया गया है. इससे लाइब्रेरियन भर्ती का इंतजार कर रहे अभ्यर्थियों को भी उम्मीद जगी है.
संविदा कर्मचारियों के लिए अलग कोटे पर होगा विचार
भर्ती में संविदा कर्मचारियों को मिलने वाले अंक और वेटेज के मामले में भी फैसला लिया गया है. इसके लिए एक उच्च स्तर की कमिटी बनाई जाएगी. यह कमिटी सरकार के नियमों को देखते हुए संविदा कर्मचारियों के लिए अलग कोटे की जरूरत पर विचार करेगी.
डोमिसाइल और उम्र सीमा पर भी विचार
बिहार की सभी भर्ती प्रक्रियाओं में ज्यादा से ज्यादा डोमिसाइल नीति लागू करने की मांग पर भी आगे कार्रवाई करने का फैसला हुआ है. इसके लिए न्यायविदों से मिले सुझाव के आधार पर नियम के अनुसार प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी.
इसके अलावा भर्ती परीक्षाओं में अधिकतम उम्र सीमा से जुड़े मामले को भी कमिटी के सामने रखने पर सहमति बनी है.
प्रश्न पत्र और OMR में पारदर्शिता पर जोर
BPSC की तरह होने वाली भर्ती परीक्षाओं में प्रश्न पत्र, OMR शीट और उत्तर पुस्तिका को लेकर पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग पर भी सहमति बनी. इस प्रस्ताव को भी पटना हाईकोर्ट के न्यायाधीश की अध्यक्षता में बनने वाली कमिटी के सामने रखने का फैसला हुआ है.
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पेपर लीक मामलों की जांच जारी
BPSC की ओर से आयोजित AEDO, सेनेटरी समेत अन्य परीक्षाओं के पेपर लीक मामलों की निष्पक्ष जांच को लेकर EOU की ओर से नियम के अनुसार जरूरी कार्रवाई की जा रही है. बैठक में सभी प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता, निष्पक्षता और जवाबदेही बनाए रखने की प्रतिबद्धता भी जताई गई.
छात्रों ने आंदोलन खत्म करने का फैसला लिया
बैठक में छात्रों की मांगों पर चर्चा और फैसले के बाद छात्र प्रतिनिधि मंडल ने आंदोलन खत्म करने का फैसला लिया. वहीं, मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि सरकार छात्रों के कल्याण और उनके बेहतर भविष्य के लिए लगातार काम कर रही है.
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