Watch Video: युवाओं ने ठाना है, भ्रष्टाचार मिटाना है', सुलतानगंज में NCC कैडेटों ने निकाली जागरूकता रैली
सुलतानगंज में एनसीसी कैडेटों ने भ्रष्टाचार के खिलाफ जागरूकता रैली और नुक्कड़ नाटक का आयोजन किया. युवाओं ने व्यवस्था में बदलाव की अलख जगाई.
Sultanganj Anti Corruption Rally: सुलतानगंज (भागलपुर). भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई सिर्फ सरकार या प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि इसमें समाज के हर नागरिक की भूमिका महत्वपूर्ण है. जब कोई व्यक्ति अपने छोटे से छोटे काम में ईमानदारी बरतता है, तभी व्यवस्था में बदलाव की शुरुआत होती है. इसी संदेश के साथ शुक्रवार को सुलतानगंज की सड़कों पर मुरारका महाविद्यालय के एनसीसी कैडेटों ने जागरूकता अभियान चलाया.
हाथों में जागरूकता का संदेश और जुबां पर भ्रष्टाचार विरोधी नारे लेकर निकले कैडेटों ने लोगों का ध्यान आकर्षित किया. महाविद्यालय परिसर से सुलतानगंज प्रखंड कार्यालय तक निकाली गयी रैली में युवाओं ने भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज बुलंद की. इस दौरान नुक्कड़ नाटक के माध्यम से यह समझाने की कोशिश की गयी कि भ्रष्टाचार किस तरह आम लोगों के अधिकारों को प्रभावित करता है और देश के विकास में बाधा बनता है.
अभियान का उद्देश्य केवल नारे लगाना नहीं, बल्कि लोगों को अपनी जिम्मेदारी समझाना और समाज में ईमानदारी की भावना को मजबूत करना था.
'भ्रष्टाचार हटाओ, देश बचाओ' के नारों से गूंजा शहर
मुरारका महाविद्यालय के एनसीसी पदाधिकारी राकेश कुमार के नेतृत्व में जागरूकता रैली निकाली गयी. महाविद्यालय परिसर से शुरू हुई रैली प्रखंड कार्यालय तक पहुंची. रास्ते में कैडेटों ने भ्रष्टाचार के खिलाफ नारे लगाकर लोगों को जागरूक किया.
इस दौरान 'भ्रष्टाचार हटाओ, देश बचाओ' और 'युवाओं ने ठाना है, भ्रष्टाचार मिटाना है' जैसे नारों से लोगों का ध्यान इस अभियान की ओर आकर्षित किया गया.
कैडेटों ने संदेश दिया कि भ्रष्टाचार केवल सरकारी व्यवस्था को कमजोर नहीं करता, बल्कि इसका सीधा असर आम नागरिकों के जीवन पर भी पड़ता है. जब किसी व्यक्ति को उसका अधिकार पाने के लिए अनुचित रास्ता अपनाने या अतिरिक्त पैसे देने की स्थिति का सामना करना पड़ता है, तो इससे व्यवस्था के प्रति लोगों का भरोसा प्रभावित होता है.
नुक्कड़ नाटक से समझायी भ्रष्टाचार की असली तस्वीर
रैली के दौरान नुक्कड़ नाटक अभियान का प्रमुख आकर्षण रहा. कैडेटों ने अभिनय के माध्यम से सामाजिक जीवन में भ्रष्टाचार के दुष्परिणामों को सामने रखा.
नाटक के जरिये यह संदेश दिया गया कि भ्रष्टाचार के कारण व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही कमजोर होती है. इसका नुकसान उन आम लोगों को उठाना पड़ता है, जिन्हें सरकारी योजनाओं और सुविधाओं का लाभ मिलना चाहिए.
कैडेटों ने लोगों से अपील की कि वे गलत कार्यों का समर्थन न करें और अपने दैनिक जीवन में ईमानदारी को प्राथमिकता दें. उनका कहना था कि भ्रष्टाचार के खिलाफ जागरूकता तभी प्रभावी होगी, जब लोग खुद भी अपने व्यवहार में बदलाव लायेंगे.
प्राचार्य बोले- नैतिक मूल्यों के बिना भ्रष्टाचार पर लगाम मुश्किल
महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ नागेंद्र तिवारी ने अभियान के दौरान एनसीसी कैडेटों को संबोधित किया. उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार देश के विकास में बड़ी बाधा है. इससे निपटने के लिए युवाओं को नैतिक मूल्यों का पालन करना होगा.
उन्होंने कहा कि नैतिक पतन भ्रष्टाचार के प्रमुख कारणों में से एक है. जब व्यक्ति अपने कर्तव्यों के प्रति ईमानदार रहेगा और गलत कार्यों से दूर रहेगा, तभी समाज और व्यवस्था में सकारात्मक बदलाव संभव होगा.
प्राचार्य ने युवाओं से स्वयं ईमानदारी अपनाने और अपने आसपास के लोगों को भी इसके लिए प्रेरित करने की अपील की. उन्होंने कहा कि युवा पीढ़ी में जागरूकता और जिम्मेदारी की भावना विकसित करना जरूरी है.
भ्रष्टाचार के खिलाफ युवाओं की भागीदारी क्यों है जरूरी?
भ्रष्टाचार का असर केवल सरकारी कार्यालयों या बड़े आर्थिक मामलों तक सीमित नहीं रहता. इसका प्रभाव शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और आम लोगों को मिलने वाली सुविधाओं तक पहुंचता है. जब व्यवस्था में अनियमितता बढ़ती है, तो सबसे ज्यादा परेशानी उन लोगों को होती है, जो अपने अधिकारों और सुविधाओं के लिए सरकारी तंत्र पर निर्भर रहते हैं.
ऐसे में युवाओं की भागीदारी महत्वपूर्ण हो जाती है. एनसीसी कैडेटों की इस पहल ने यह संदेश दिया कि सामाजिक बदलाव के लिए केवल शिकायत करना पर्याप्त नहीं है. नागरिकों को खुद भी ईमानदारी, पारदर्शिता और जवाबदेही के मूल्यों को अपनाना होगा.
मुरारका कॉलेज के कैडेटों ने अपने अभियान के माध्यम से लोगों को यही समझाने का प्रयास किया कि भ्रष्टाचार मुक्त समाज का निर्माण सामूहिक जिम्मेदारी से ही संभव है.
Sultanganj Anti Corruption Rally: जनजागरूकता से ही मजबूत होगी ईमानदार व्यवस्था
सुलतानगंज में आयोजित इस अभियान ने एक बार फिर सामाजिक जागरूकता में युवाओं की भूमिका को सामने रखा. एनसीसी कैडेटों ने रैली और नुक्कड़ नाटक के माध्यम से लोगों को भ्रष्टाचार के खिलाफ सजग रहने का संदेश दिया.
अभियान का मूल संदेश यही रहा कि बदलाव की शुरुआत व्यक्ति से होती है. यदि समाज का हर नागरिक अपने कर्तव्यों के प्रति ईमानदार रहे और भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने वाली गतिविधियों से दूरी बनाये, तो एक बेहतर व्यवस्था की दिशा में कदम बढ़ाया जा सकता है.
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