भागलपुरी कतरनी धान उत्पादक संघ को मिलेगा एपीओ का दर्जा
देश में भागलपुरी कतरनी की धूम मच रही है. जीआइ टैग मिलने के बाद विदेशों में मांग बढ़ गयी है. कतरनी उत्पादन का मूल स्थान जगदीशपुर है. चिंता की बात है कि अब जगदीशपुर में ही उत्पादन क्षेत्र सिमट रहा है.
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राष्ट्रपति सम्मान से किसानों में बढ़ा रुझान
भागलपुरी कतरनी धान उत्पादक संघ, जगदीशपुर के प्रगतिशील किसान राजशेखर ने बताया कि कतरनी को बढ़ावा देने के लिए कतरनी बीज वितरण कार्यक्रम को समारोहपूर्वक किया गया, ताकि किसानों को कतरनी के महत्व का पता चल सके. संघ बनने के बाद कतरनी की खुशबू बढ़ी है, जो देश ही नहीं, बल्कि विदेशों तक जा रही है. यही कारण है कि राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू की ओर से जगदीशपुर की किसान खुशबू एवं मुंगेर के किसान सुबोध चौधरी को सम्मानित किया गया. इस दौरान 10 लाख रुपये नगद राशि भी मिली. इससे किसानों के बीच कतरनी की खेती के प्रति रुझान बढ़ा है. किसानों को जागरूक करने में कृषि विश्वविद्यालय के शोध निदेशक डॉ एएन सिंह ने किसानों को जागरूक किया.
किसानों ने उठायी चांदन नदी में चैक डेम बनाने की मांगउत्पादक संघ के सचिव राजकुमार पंजियारा, कोषाध्यक्ष अनिरुद्ध महतो, सखीचंद विश्वास, राजशेखर, दीपक कुमार, प्रवीण कुमार, आनंदी सिंह, खुशबू, मुखिया घनश्याम मंडल, परमेश्वर मंडल आदि किसानों ने जिला प्रशासन व विश्वविद्यालय प्रशासन से चांदन नदी में चैक डेम बनाने की मांग की, ताकि बालू उठाव के बाद नदी की गहराई के बाद सिंचाई में दिक्कत नहीं हो. इसके बाद ही कतरनी की खेती को बढ़ावा मिलेगा.
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