गंडक का पानी बढ़ा तो कटने लगी जमीन, मंगलपुर में कटाव रोकने के लिए ग्रामीणों का हल्लाबोल
सड़क पर प्रदर्शन करते ग्रामीण
गंडक नदी के बढ़ते जलस्तर और लगातार हो रहे कटाव से मंगलपुर गांव पर संकट के बादल छाए हैं. कटाव से परेशान ग्रामीणों ने विरोध प्रदर्शन कर बगहा-वाल्मीकिनगर मुख्य मार्ग को जाम कर दिया. वे स्थायी निर्माण की मांग कर रहे हैं.
Bihar Flood Alert: हरनाटांड़. गंडक नदी के बढ़ते जलप्रवाह और लगातार हो रहे कटाव से बगहा-2 प्रखंड की मंगलपुर औसानी पंचायत के मंगलपुर गांव पर खतरा मंडराने लगा है. कटाव से परेशान ग्रामीणों ने बुधवार को बगहा-वाल्मीकिनगर मुख्य मार्ग को मंगलपुर के समीप जाम कर प्रदर्शन किया. ग्रामीण कटाव स्थल पर स्थायी और पक्के निर्माण की मांग कर रहे थे. सड़क जाम के कारण दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई और घंटों आवागमन बाधित रहा.
आपके शहर में
Harnautand News: कटाव के विरोध में ग्रामीणों ने किया सड़क जाम

कटाव की समस्या को लेकर बड़ी संख्या में ग्रामीण मुख्य मार्ग पर जुट गए और प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन किया. ग्रामीणों का कहना था कि हर साल बरसात में गंडक नदी तेजी से जमीन काटती है, लेकिन स्थायी समाधान नहीं होने के कारण समस्या लगातार गंभीर होती जा रही है.
सूचना मिलने पर बगहा के राजस्व अधिकारी रवि प्रकाश और पटखौली थाना पुलिस मौके पर पहुंचे. अधिकारियों ने ग्रामीणों को समझाकर सड़क जाम समाप्त कराया और उनकी समस्या से वरीय अधिकारियों को अवगत कराने का आश्वासन दिया.
हर साल कट रही जमीन, बोरियों से नहीं थम रहा कटाव
ग्रामीण सोनू यादव, रोहित कुमार, विवेक कुमार और हरमूरत बीन ने बताया कि हर मानसून में कटाव रोकने के लिए बोरियां और बांस-बल्ला लगाए जाते हैं, लेकिन यह उपाय स्थायी साबित नहीं हो रहा है. ग्रामीणों का आरोप है कि हर साल कटाव रोकने की औपचारिकता तो पूरी होती है, लेकिन पक्के निर्माण की दिशा में ठोस पहल नहीं की जाती.
ग्रामीणों के अनुसार इस बार भी करीब सात से आठ फीट जमीन कट चुकी है. इससे लोगों में यह आशंका बढ़ गई है कि यदि समय रहते कटाव नहीं रोका गया तो गांव के अस्तित्व पर संकट खड़ा हो सकता है.
एनएच-727 और गंडक के बीच बसा है मंगलपुर गांव
स्थानीय ग्रामीण लालबाबू मिश्रा ने बताया कि मंगलपुर गांव एक ओर एनएच-727 और दूसरी ओर गंडक नदी के बीच स्थित है. प्रत्येक मानसून में नदी का कटाव तेज हो जाता है. बालू की बोरियां डालकर कटाव रोकने का प्रयास किया जाता है, लेकिन नदी के तेज बहाव के कारण इस बार भी जमीन लगातार कट रही है.
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की कि गांव की सुरक्षा के लिए स्थायी कटावरोधी संरचना का निर्माण कराया जाए, ताकि लोगों को घर-बार छोड़ने की स्थिति का सामना न करना पड़े.
500 से 600 मीटर पक्के बांध की जरूरत
बगहा-2 के राजस्व अधिकारी रवि प्रकाश ने बताया कि ग्रामीणों की शिकायत के अनुसार पिछले कुछ दिनों में सात से आठ फीट तक जमीन कट चुकी है. नदी में पानी का बहाव और वॉल्यूम अधिक होने के कारण सीमेंट अथवा बालू की बोरियां अपेक्षित रूप से प्रभावी साबित नहीं हो रही हैं.
उन्होंने कहा कि कटाव की समस्या के स्थायी समाधान के लिए करीब 500 से 600 मीटर लंबे पक्के आरसीसी बांध की जरूरत पड़ सकती है. इसके लिए तकनीकी टीम के आकलन और उच्चस्तरीय प्रशासनिक अनुमति की आवश्यकता होगी. स्थिति की रिपोर्ट वरीय अधिकारियों को भेजी जाएगी.
कटावरोधी कार्यों की जांच कर गुणवत्ता सुनिश्चित करने का भरोसा
बगहा-2 के सीओ वसीम अकरम ने बताया कि ग्रामीणों की परेशानी को देखते हुए वरीय अधिकारियों से बात कर उन्हें शांत कराया गया और सड़क जाम हटवाया गया. उन्होंने कहा कि फिलहाल कटावरोधी कार्य चल रहे हैं. इन कार्यों की जांच कर गुणवत्ता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए जाएंगे, ताकि नदी के कटाव को प्रभावी ढंग से रोका जा सके.
यह भी पढ़ें: नेपाल में मची तबाही का असर यहां तक पहुंचा, गंडक में बहकर आए शव और घरों का सामान
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए