सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस पर हमला करने के मामले में सरपंच समेत पांच दोषी, सजा 20 मई को

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सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस पर हमला करने के मामले में सरपंच समेत पांच दोषी, सजा 20 मई को

सड़क मार्ग से पटना से भागलपुर जा रहे सुप्रीम कोर्ट के तत्कालीन जस्टिस बी पी सिंह पर बेगूसराय एन एच 31 पर आरोपियों के द्वारा हमले किए जाने मामले की सुनवाई कर रहे अपर एवं जिला सत्र न्यायाधीश महेश प्रसाद सिंह ने इस हमला मामले मे 5 आरोपित को हमला करने का दोषी पाया.

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बेगूसराय. सड़क मार्ग से पटना से भागलपुर जा रहे सुप्रीम कोर्ट के तत्कालीन जस्टिस बी पी सिंह पर बेगूसराय एन एच 31 पर आरोपियों के द्वारा हमले किए जाने मामले की सुनवाई कर रहे अपर एवं जिला सत्र न्यायाधीश महेश प्रसाद सिंह ने इस हमला मामले मे 5 आरोपित को हमला करने का दोषी पाया. न्यायालय ने आरोपित को भारतीय दंड विधान की धारा 147,148, 427,337,353 और 189 में दोषी घोषित किया. सजा के बिंदु पर सुनवाई 20 मई को होगी. न्यायालय में सभी आरोपित का बंध पत्र खंडित करते हुए सभी को न्यायिक हिरासत में ले लिया और सभी को बेगूसराय जेल भेज दिया. न्यायालय ने सुप्रीम कोर्ट के तत्कालीन जस्टिस बी पी सिंह पर हमला करने मामले में शाम्हो थाना के अकबरपुर बरारी बिजुलिया निवासी दिलीप कुमार सिंह( जो वर्तमान में सरपंच है),रंजीत कुमार सिंह,रजनीश कुमार एवं लखीसराय जिला थाना के पथुआ निवासी शिवदानी ठाकुर और भुल्लू भगत को दोषी घोषित किया है. अभियोजन की ओर से अपर लोक अभियोजक बहोर दास ने कुल 11 गवाहों की करायी. अभियोजन के अनुसार घटना नगर थाना क्षेत्र अंतर्गत एन एच 31 अवस्थित डी सी पेट्रोल पंप के पास घटी थी. आरोपित पर आरोप है कि 15 फरवरी 2003 को सुप्रीम कोर्ट के तत्कालीन जस्टिस बी पी सिंह अपनी कार बी आर 1 के /8023 से भागलपुर जा रहे थे. डी सी पेट्रोल पंप के पास से गुजर रही उनके काफिला पर आरोपितों ने हमला कर दिया. इस हमले में जस्टिस तो बाल बाल बच गये परंतु उनकी कार का शीशा क्षतिग्रस्त हो गया. स्काॅर्ट में शामिल पुलिस ने मौका ए वारदात पर हमलावर को पकङ लिया. यह मामला करीब 22 वर्षों तक न्यायालय में चला और इस वर्षों में यह मामला कई न्यायाधीश के सामने से गुजरा. आपको बता दें कि घटना के दिन राजनीतिक दल ने बिहार बंद बुलाया था. जिसमे राजनीतिक कार्यकर्ता बिहार बंद को लेकर सङकों पर उतरे थे. घटना की प्राथमिकी जस्टिस को स्काॅर्ट कर रहे साहेबपुरकमाल थाना के तत्कालीन अवर निरीक्षक सूचक यदुनाथ मिश्रा ने दर्ज करायी थी. आपको बता दें कि न्यायालय ने 5 आरोपित को जिस धारा में दोषी घोषित किया है1 उसमें भारतीय दंड विधान की धारा 147 में 2 साल,धारा 148 में 3 साल,धारा 189 में 2 साल,धारा 353 में 2 साल,धारा 337 में 6 महीना,धारा 427 में 2 साल सजा का प्रावधान है.

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