पुरानी हाट का शेड हो चुका है जर्जर

Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 23 Apr 2015 5:04 PM

विज्ञापन

फोटो : 22 बांका 5 : जर्जर शेड. प्रतिनिधि, बौंसीपुरानी हाट परिसर में बना शेड पूरी तरह से जर्जर अवस्था में पहंुच चुका है. करीब 30 साल पहले बने इस शेड में प्रखंड क्षेत्र के किसान व अन्य दुकानदार सप्ताह में दो दिन जब हाट लगता है तब यहां बैठक कर दुकानदारी करते थे. धूप […]

विज्ञापन

फोटो : 22 बांका 5 : जर्जर शेड. प्रतिनिधि, बौंसीपुरानी हाट परिसर में बना शेड पूरी तरह से जर्जर अवस्था में पहंुच चुका है. करीब 30 साल पहले बने इस शेड में प्रखंड क्षेत्र के किसान व अन्य दुकानदार सप्ताह में दो दिन जब हाट लगता है तब यहां बैठक कर दुकानदारी करते थे. धूप और बरसात से बचने के लिए यहां पर 6 शेड का निर्माण कराया गया था. आज इसकी हालत जर्जर हो चुकी है. कभी भी यह यह गिर सकता है. इन दिनों तेज हवा आने की वजह से इसके पाये हिलने लगे हैं. मालूम हो कि बुधवार एवं रविवार को बौंसी में हाट लगता है. जिसमें हजारों की संख्या में व्यवसायी, दुकानदार व खरीददारों की भीड़ रहती है. अगर यह तेज हवा के साथ गिर जाये तो बड़ी दुर्घटना हो सकती है. इसमें कितने ही लोगों की जान जा सकती है, हालांकि यह शेड अब ना तो लोगों को धूप से बचा सकता है ना ही बारिश से. इतना पुराना होने की वजह से इसके एसबेसट्स में जगह जगह काफी बडे़-बडे़ छेद हैं. हालांकि बारिस में भी यह पूरी तरह से चुने लगता है. वहीं पाया से में लगा छड़ पूरी तरह से बाहर झांकने लगा है. दुकानदारों का कहना है कि इस ओर ना तो हटिया ठेकेदार ही ध्यान देते हैं और ना ही विभाग के लोग जबकि हाट से प्रति वर्ष लाखों रुपये की वसुली होती है. अगर इसका पुनर्निर्माण नहीं कराया गया तो किसी भी दिन बड़ा हादसा हो सकता है.

विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन