बड़े-बड़े गड्ढों में समा गया है एनएच 333 ए मरम्मत के लिए विभाग के पास पैसा नहीं
बांका : चैंबर में बैठकर कुर्सी तोड़ रहे अधिकारियों को सड़क की हालत देखनी चाहिए. अगर अधिकारी खुद अपने वाहन से दयनीय हो चुकी सड़क की स्थिति देखें तो शायद उस मार्ग से चलने वाले वाहन व यात्रियों की दर्द महसूस कर सकते हैं. जी हां, यह बात झिरबा के ग्रामीणों व वाहन चालकों का […]
बांका : चैंबर में बैठकर कुर्सी तोड़ रहे अधिकारियों को सड़क की हालत देखनी चाहिए. अगर अधिकारी खुद अपने वाहन से दयनीय हो चुकी सड़क की स्थिति देखें तो शायद उस मार्ग से चलने वाले वाहन व यात्रियों की दर्द महसूस कर सकते हैं. जी हां, यह बात झिरबा के ग्रामीणों व वाहन चालकों का कहना है. वहीं दूसरी ओर एनएच 333ए भी यह मानती है कि वाकई सड़क की स्थिति बेहद खराब है. परंतु विभाग के पास एक फूटी कौड़ी नहीं कि सड़क को दुरुस्त की जा सके.
आपके शहर में
अलबत्ता, लोग अपनी समस्या व विभाग अपनी समस्या का राग अलापने को मजबूर हैं. जबकि दूसरी ओर एनएच333ए का दर्जा प्राप्त कर चुके सड़क की बात करें तो, जिला मुख्यालय से तीन किलोमीटर दूर पीबीएस कॉलेज के आगे झिरबा के पास सड़क खाई में तब्दील मिलेगा. करीब दस-दस फीट लंबाई के कई गड्ढे उग आये हैं. इसकी गहराई भी दो से तीन फीट के करीब है. गड्ढे में पानी भरा हुआ है. मरम्मत की पहल नहीं होने की वजह से सड़क का अपने आधार से दरकना जारी है. स्थिति दिनोंदिन विकट हो रही है. अब गड्ढे में जाते ही बड़े वाहन फंस जाते हैं. जो आसानी से नहीं निकलने में असमर्थ है.
मंगवार को एकाएक एक ट्रक इस गड्ढे में जाकर फंस गया. काफी मशक्कत के बावजूद ट्रक को इस गड्ढे से नहीं निकाला जा सका. अलबत्ता, वाहन मालिक ने जेसीबी व स्थानीय लोगों की सहायता से इस समस्या से पार पाना पड़ा. यह घटना केवल मंगवार की नहीं है. प्रतिदिन, ऐसी संकट वाहन चालकों व यात्रियों को सहनी पड़ रही है.
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