टुकुर-टुकुर देखता ही रह गया विभाग और मंडी में बिक गये किसानों के धान

बांका : गजब विडंबना है. सरकारी तंत्र का सहकारिता विभाग उसके 185 पैक्सों व 11 व्यापार मंडल रहने के बावजूद धान अधिप्राप्ति का लक्ष्य इस बार कोसों दूर रह गया. विभाग टुकुर-टुकुर देखता रहा गया और किसानों का धान मंडी व व्यापारी के हाथ औने-पौने कीमत की भेंट चढ़ गया. विभागीय जानकारी के मुताबिक जिले […]
बांका : गजब विडंबना है. सरकारी तंत्र का सहकारिता विभाग उसके 185 पैक्सों व 11 व्यापार मंडल रहने के बावजूद धान अधिप्राप्ति का लक्ष्य इस बार कोसों दूर रह गया. विभाग टुकुर-टुकुर देखता रहा गया और किसानों का धान मंडी व व्यापारी के हाथ औने-पौने कीमत की भेंट चढ़ गया. विभागीय जानकारी के मुताबिक जिले भर में 154 क्रय केंद्र कार्यरत हैं. जिसमें 150 पैक्स व चार व्यापार मंडल शामिल हैं. नतीजतन, अबतक महज 9389 एमटी ही धान की खरीद हो सकी है.
जबकि इस बार भी जिले का लक्ष्य 86 हजार एमटी है. परंतु सोचने वाली बात है कि अबतक महज 11 फीसदी धान की खरीद हो सकी है. जानकारी के मुताबिक धान अधिप्राप्ति की समय-सीमा 31 मार्च तक ही निर्धारित है. अलबत्ता, शेष बचे 26 दिनों में कितने धान की खरीद हो सकती है वह देखने वाली बात होगी. परंतु इस बार धान अधिप्राप्ति में हुई जिले की दुर्गति एक बड़ा प्रश्न बन गया है. जानकारों की मानें तो शासन-प्रशासन के लिए यह शोध का विषय होना चाहिए कि आखिर चूक कहां हुई. अगर विभागीय नियम व जटिल प्रक्रिया इसमें बाधा बनी, तो आगे के लिए यह सुधार का मुद्दा होना चाहिए. साथ ही अगर पैक्स व व्यापार मंडल के स्तर पर सुस्ती हुई है तो उसपर भी ध्यान देना होगा.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए




