दलालों के मकड़जाल में सदर अस्पताल
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Published at :21 Jan 2016 8:19 AM (IST)
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औरंगाबाद(नगर) : इएसओ का मानक का दर्जा प्राप्त बिहार का चौथा सदर अस्पताल अपनी बदहाली पर आंसू बहाने को विवश है. इस अस्पताल में दलालों की सक्रियता की वजह से सदर अस्पताल आये दिन सूर्खियों में रहता है. कारण यहां दलालों का नेटवर्क लगातार जोर पकड़ते जा रहा है. 18 घंटों तक दलालों की सक्रियता […]
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औरंगाबाद(नगर) : इएसओ का मानक का दर्जा प्राप्त बिहार का चौथा सदर अस्पताल अपनी बदहाली पर आंसू बहाने को विवश है. इस अस्पताल में दलालों की सक्रियता की वजह से सदर अस्पताल आये दिन सूर्खियों में रहता है. कारण यहां दलालों का नेटवर्क लगातार जोर पकड़ते जा रहा है. 18 घंटों तक दलालों की सक्रियता के कारण सेवा के मामले में शेष बची थोड़ी बहुत गुणवत्ता के बावजूद साधारण बीमारी से ग्रसित मरीजों को निजी क्लिनिकों में पहुंचा दिया जाता है.
जानकारी के अनुसार, सदर अस्पताल में सक्रिय दलालों के तार कई निजी क्लिनिक व नर्सिंग होम से जुड़े हुए हैं. इस मामले में अस्पताल प्रशासन द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है.
अस्पताल में जिले के सुदूर ग्रामीण क्षेत्र से आये मरीजों को देखते ही पहले से घात लगा बैठे दलाल उन पर गिद्ध की तरह हावी हो जाते हैं. फिर अपने चंगुल में फंसा लेते हैं, चिकित्सक के पास इलाज करने के लिए ले जाते हैं. फिर अपने जाल में फंसा कर निजी क्लिनिक पहुंचा देते हैं. यही नहीं सदर अस्पताल में पिछले चार महीनों से दवा की घोर कमी है. जब मरीज इलाज कराने के बाद सरकारी अस्पताल में दवा काउंटर पर पहुंचते हैं तो दलाल उन्हें जेनेरिक दवा नहीं खरीदने देते हैं. बल्कि बाहर की दुकानों पर ले जाकर मनमाने रुपये पर दवा की खरीदारी कराते हैं. क्योंकि वहां से इन्हें शुल्क मिलता है.
इस बाबत कई मरीजों ने इसकी शिकायत सिविल सर्जन से लेकर अस्पताल के उपाधीक्षक से भी की है. पर उनकी शिकायतों पर कोई कार्रवाई अभी तक नहीं की जा सकी है. इस संबंध में सदर अस्पताल के प्रभारी उपाधीक्षक डाॅ आरबी चौधरी ने बताया कि मैं अभी प्रभार में हूं. अस्पताल की स्थिति क्या है यह हमें संज्ञान में नहीं है. हालांकि अस्पताल में दलाल हावी है.
यह किसी से छुपा हुआ नहीं है. इधर, लोगों का कहना है कि जब जिला पदाधिकारी कंवल तनुज जिले में आये थे, उस समय सदर अस्पताल में हावी दलालों पर कार्रवाई करने का निर्देश दिया था. इसका भी असर अस्पताल में देखने को मिला था, एक दलाल को पुलिस ने गिरफ्तार भी किया था. लेकिन कुछ दिनों के बाद फिर से अस्पताल में दलाल हावी हो गये. जो दावा दलालों पर शिकंजा कसने का डीएम कंवल तनुज ने किया था उसका आदेश अब बेअसर दिखायी दे रहा है.
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