बिना पटना गए सिर्फ 7 घंटे में आरा से धनबाद का सफर, बिहारशरीफ-शेखपुरा होकर चलेगी ट्रेन, देखें संभावित रूट
ट्रेन की तस्वीर
Arrah To Dhanbad Train : नेउरा-जट डुमरी रेलखंड पर 120 किमी/घंटे की रफ्तार से स्पीड ट्रायल सफल होने के बाद अब ट्रेन के परिचालन की घोषणा का इंतजार है. इससे भोजपुर-आरा से बिहारशरीफ, शेखपुरा और धनबाद के लिए सीधी रेल सेवा शुरू होने की उम्मीद है.
Arrah To Dhanbad Train : भोजपुर और आरा के रेल यात्रियों के लिए बिहारशरीफ, शेखपुरा और धनबाद की ओर सीधी रेल सेवा शुरू होने की उम्मीद बढ़ गई है. दानापुर रेल मंडल के अंतर्गत नवनिर्मित नेउरा-जट डुमरी रेलखंड पर 120 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से स्पीड ट्रायल सफल रहा है. करीब 20 किलोमीटर लंबे इस रेलखंड के चालू होने से आरा से पटना जंक्शन गए बिना दूसरे शहरों तक ट्रेन चलाने का रास्ता खुल सकता है. हालांकि, प्रस्तावित ट्रेनों के परिचालन की तारीख और समय-सारिणी की आधिकारिक घोषणा अभी नहीं हुई है.
नेउरा-जट डुमरी रेलखंड पर 120 की रफ्तार से सफल ट्रायल
नवनिर्मित रेलखंड का बीते गुरुवार को रेलवे संरक्षा आयुक्त (सीआरएस) ने निरीक्षण किया. निरीक्षण के दौरान विशेष ट्रेन चलाकर 120 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से स्पीड ट्रायल किया गया, जो सफल रहा. अब इस रेलखंड पर नियमित परिचालन शुरू करने के लिए सीआरएस की अंतिम रिपोर्ट और जरूरी मंजूरी का इंतजार है. रिपोर्ट के आधार पर आगे की परिचालन प्रक्रिया बढ़ाई जाएगी.
आरा से पैसेंजर और धनबाद के लिए एक्सप्रेस ट्रेन चलाने की योजना
इस रेलखंड के तैयार होने के बाद आरा जंक्शन से दो ट्रेनों के परिचालन की योजना पर विचार किया जा रहा है. इनमें एक पैसेंजर या मेमू ट्रेन और दूसरी धनबाद के लिए एक्सप्रेस ट्रेन शामिल हो सकती है. दुर्गापूजा के आसपास पैसेंजर ट्रेन चलाने की योजना है, जबकि त्योहार के बाद एक्सप्रेस ट्रेन शुरू करने पर विचार किया जा रहा है. हालांकि, ये प्रस्तावित योजनाएं हैं और रेलवे की ओर से अभी अंतिम घोषणा नहीं की गई है.
पटना जंक्शन गए बिना बिहारशरीफ और शेखपुरा पहुंचने का विकल्प
प्रस्तावित रेल सेवा शुरू होने पर आरा, बिहटा और आसपास के क्षेत्रों के यात्रियों को बिहारशरीफ, शेखपुरा और दूसरे शहरों की ओर जाने के लिए अतिरिक्त विकल्प मिल सकता है. आरा से बिहारशरीफ अथवा किऊल की ओर मेमू ट्रेन चलाने की मांग भी उठ रही है. इससे यात्रियों को पटना जंक्शन होकर यात्रा करने की निर्भरता कम करने में मदद मिल सकती है. हालांकि, ट्रेन का अंतिम रूट और ठहराव रेलवे की आधिकारिक घोषणा के बाद ही स्पष्ट होगा.
आरा से धनबाद तक करीब सात घंटे में पहुंचने की उम्मीद
प्रस्तावित योजना के तहत आरा से कोइलवर, बिहटा और नेउरा-जट डुमरी रेलखंड होते हुए धनबाद तक एक्सप्रेस ट्रेन चलाने पर विचार हो रहा है. इस रूट से आरा से धनबाद की दूरी करीब सात घंटे में पूरी होने की संभावना जताई जा रही है. लेकिन ट्रेन की वास्तविक यात्रा अवधि, स्टेशनों पर ठहराव और समय-सारिणी की पुष्टि अभी नहीं हुई है. रेलवे की सूत्रों की मानें तो यह सफर सात घंटे में पूरा किया जा सकता है.
पांच स्टेशन और हॉल्ट से यात्रियों को मिल सकती है सुविधा
नेउरा जंक्शन और जट डुमरी जंक्शन के बीच नए रेलखंड पर गोनपुरा स्टेशन के साथ अधपा, चामुचक और बाजिदपुर हॉल्ट बनाए गए हैं. नेउरा स्टेशन पहले से पटना-आरा रेलखंड पर स्थित है, जबकि जट डुमरी स्टेशन पटना-गया रेलखंड से जुड़ा है. इन दोनों रेलखंडों के बीच संपर्क स्थापित होने से यात्रियों के साथ मालगाड़ियों के परिचालन के लिए भी नया विकल्प तैयार हुआ है.
तीन बड़े पुल और दो आरओबी का हुआ निर्माण
करीब 20 किलोमीटर लंबे नेउरा-जट डुमरी रेलखंड पर रेल परिचालन के लिए कई महत्वपूर्ण संरचनाएं बनाई गई हैं. इनमें तीन बड़े पुल, 16 छोटे पुल, पांच एलएचएस, दो रोड ओवरब्रिज (आरओबी), एक रेल ओवर रेल (आरओआर) और 12 रोड अंडरब्रिज (आरयूबी) शामिल हैं. इन संरचनाओं के निर्माण से रेलखंड को सड़क और दूसरे रेल मार्गों के साथ जोड़ने में मदद मिली है.
पटना के व्यस्त रेलमार्ग के लिए बाईपास बनेगी नई लाइन
नेउरा-दनियावां नई रेललाइन परियोजना की कुल लंबाई करीब 42 किलोमीटर है. इसके पहले चरण में जट डुमरी से दनियावां के बीच 22.74 किलोमीटर लंबे रेलखंड का निर्माण पूरा हो चुका है और इस पर ट्रेनों का परिचालन भी हो रहा है. अब नेउरा-जट डुमरी रेलखंड के तैयार होने से परियोजना के शेष हिस्सों को जोड़ने की दिशा में प्रगति हुई है.
इस नई रेललाइन का उद्देश्य दानापुर-पटना-किउल-झाझा मुख्य रेलमार्ग के लिए वैकल्पिक रास्ता तैयार करना है. इसके चालू होने से पटना होकर गुजरने वाली कुछ मालगाड़ियों को वैकल्पिक मार्ग मिल सकता है. इससे व्यस्त मुख्य रेलखंड पर दबाव कम करने और मालगाड़ियों के परिचालन को अधिक सुगम बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है.
रेलवे की मंजूरी के बाद परिचालन पर होगा फैसला
पूर्व मध्य रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी सरस्वती चंद्र के अनुसार, सीआरएस की अनुमति मिलने के बाद फिलहाल इस रेलखंड पर मालगाड़ियों के परिचालन का रास्ता साफ हो सकता है. उन्होंने बताया कि आरा से ट्रेन चलाने के प्रस्ताव पर भी विचार किया जा रहा है. पटना की ओर से इस रेलखंड पर एक-दो ट्रेनों के परिचालन को लेकर मंथन जारी है. इसके लिए रेलवे मंत्रालय की मंजूरी सहित जरूरी प्रक्रियाएं पूरी करनी होंगी.
फिलहाल यात्रियों को प्रस्तावित ट्रेनों की आधिकारिक घोषणा का इंतजार करना होगा. सीआरएस की अंतिम रिपोर्ट, रेलवे की मंजूरी और समय-सारिणी तय होने के बाद ही स्पष्ट होगा कि आरा से बिहारशरीफ, किऊल या धनबाद के लिए ट्रेन कब से चलेगी और उसका रूट क्या होगा.
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