अररिया हो या फारबिसगंज, कहीं फॉगिंग मशीन खराब, तो कहीं नहीं है केमिकल

Updated at : 03 Apr 2019 7:12 AM (IST)
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अररिया हो या फारबिसगंज, कहीं फॉगिंग मशीन खराब, तो कहीं नहीं है केमिकल

अररिया/ फारबिसगंज : अररिया हो या फारबिसगंज के शहरवासी इन दोनों नप के ढुल-मुल रवैये से खासा परेशान हैं. न तो शहर की मुकम्मल सफाई हो पा रही है न ही कचरों व नालियों के गंदगियों से पनपने वाले मच्छरों को समाप्त करने के लिए फॉगिंग मशीन से ही शहर में छिड़काव किया जा रहा […]

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अररिया/ फारबिसगंज : अररिया हो या फारबिसगंज के शहरवासी इन दोनों नप के ढुल-मुल रवैये से खासा परेशान हैं. न तो शहर की मुकम्मल सफाई हो पा रही है न ही कचरों व नालियों के गंदगियों से पनपने वाले मच्छरों को समाप्त करने के लिए फॉगिंग मशीन से ही शहर में छिड़काव किया जा रहा है. अररिया के 29 वार्डों में मच्छर का प्रकोप बढ़ने लगा है.

इसका कारण गर्मी का शुरूआत होना माना जा रहा है, जबकि हाल के दिनों में रूक-रूक कर हो रही बारिश के कारण शहर में रखा कचरे का अंबार सड़ने लगा है. जिस कारण जहां सड़ांढ फैल रही है वहीं मच्छरों का प्रकोप भी बढ़ता जा रहा है. ऐसा नहीं है कि शहर में इस पर नियंत्रण पाने के लिए नप के पास फॉगिंग मशीन नहीं है. लेकिन नप के लापरवाही के कारण शहर में छिड़काव कार्य नहीं होने से मच्छर का प्रकोप बढ़ता जा रहा है.
परेशान शहरवासी मच्छर के प्रकोप से बचने के लिए बार-बार पार्षद से लेकर नप कार्यालय का चक्कर लगा रहे हैं. इधर सूत्रों की मानें तो नप के पास फॉगिंग मशीन तो है लेकिन उसमें डाला जाने वाला कैमिकल ही समाप्त है. जिसकी खरीद जैम पोर्टल से होती है. जबकि जैम पोर्टले पर कार्यपालक पदाधिकारी का अब तक निबंधन नहीं हो पाया है.
रजिस्ट्रेशन के कारण आ रही है बाधा
फॉगिंग मशीन में आंशिक खराबी के कारण छिड़काव कार्य रूका हुआ था. उसे ठीक करने के बाद पुन: छिड़काव किया गया. लेकिन इस बीच कैमिकल समाप्त हो गया. कैमिकल की खरीददारी जैम पोर्टल से होती है. जिसका निबंधन उनके नाम से नहीं हो पाया है. जल्द ही निबंधन कर लिया जायेगा.
बताया कि निबंधन होने के बाद आचार संहिता भी परेशानी का सबब बन सकता है. लेकिन बारिश से पूर्व फॉगिंग मशीन के कैमिकल की खरीददारी कर छिड़काव कराया जायेगा.
दीनानाथ सिंह, कार्यपालक पदाधिकारी अररिया
चुनाव बाद की जायेगी फॉगिंग मशीन की खरीद
नगर परिषद के कार्यपालन पदाधिकारी दिपक कुमार ने कहा कि फॉगिंग मशीन खराब है. अभी आचार संहिता होने के कारण नये समान की खरीद नहीं हो सकती है. तकनिकी दिक्कते हैं. चुनाव के बाद बोर्ड या सशक्त स्थायी समिति से आदेश लेकर फॉगिंग मशीन की खरीद की जायेगी. साथ ही खराब पड़े मशीन को जल्द ही ठीक कराया जायेगा.
दीपक कुमार, कार्यपालक पदाधिकारी, फारबिसगंज
शाम ढलते ही फारबिसगंज में बढ़ जाता है मच्छर का प्रकोप
फारबिसगंज में मच्छरों के प्रकोप से आम जनजीवन अस्त-व्यस्त हैं. नप का फॉगिंग मशीन वर्षों से खराब पड़ा है. मच्छरों के प्रकोप से डेंगू मलेरिया का खतरा मंडराने लगा हैं. फारबिसगंज नगर परिषद क्षेत्र में मच्छरों पर रोक थाम के लिए कोई उपाय नहीं किया जा रहा है.
नगर परिषद की मच्छर भगाने की फॉगिंग मशीन वर्षों से खराब पड़ा है. सड़कों पर जगह-जगह कचरों का अंबार लगा है. नाले का पानी लोगों के घरों में प्रवेश कर रहा है. लेकिन इन सब से पड़े फारबिसगंज नगर परिषद में हर कोई अपने फायदे के लिए लड़ाई लड़ रहा है.
फारबिसगंज नगर परिषद में इन दिनों शहरीं क्षेत्र में जिस कदर गंदगी फैली हुई है मानो कई हफ्तों से सफाई हुई ही नहीं हो. नप क्षेत्र के सदर रोड समेत अन्य सड़कों किनारे कचरों का अंबार लगा है. शहर के छुआपट्टी, हाई स्कूल रोड़, मानिकचंद्र रोड, राजेंद्र चौक, काली मंदिर रोड, गोदना ठाकुरबाड़ी रोड , शिव मंदिर रोड , प्रोफेसर कालोनी, सदर रोड, राममनोहर लोहिया पथ, कादरी मोहल्ला, एसके रोड आदि सड़कों की स्थिति बद से बद्तर है.
नगर परिषद में सफाई के नाम पर खानापूर्ति हो रही है. जानकारों की मानें तो सफाई के नाम पर जम कर लूट की जा रही है. जिसे कोई देखने वाला नहीं है. नप की सफाई कुछ चुनिंदा सड़कों तक ही सीमित रहता है. कचरा का सही से उठाव नहीं होने से उस से आ रही दुर्गंध से शहरवासी परेशान हैं.
मच्छरों का प्रकोप बढ़ता जा रहा है. लोग अपने अपने घरों को कचरे को सड़क किनारे फैक रहे हैं और नगर परिषद उसे उठा नहीं पा रही है. शाम ढलते ही मच्छरों के प्रकोप से हर कोई परेशान हैं. शहरवासी मच्छरों को भगाने के लिए धुआं समेत कई उपाय करते हैं, लेकिन नगर परिषद का फागिंग मशीन खरीदी के समय से ही मच्छरों को भगाने में नाकाम दिख रही है.
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