डिफॉल्टर कर्जदारों की संपत्ति होने लगी जब्त

Updated at : 28 Feb 2019 6:10 AM (IST)
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डिफॉल्टर कर्जदारों की संपत्ति होने लगी जब्त

रानीगंज : लाखों रुपये ऋण लेने के बाद लंबे समय से बैंक शाखा से दूरी बनाने वाले ग्राहकों के खिलाफ बैंक प्रबंधन का सख्त रवैया सामने आने लगा. सरफेसी एक्ट 2002 की धारा 14 के तहत डिफॉल्टर घोषित सभी कर्जदारों की बंधकीकृत संपत्ति जब्त होने वाली है. क्षेत्र में इस तरह की कार्रवाई का पहला […]

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रानीगंज : लाखों रुपये ऋण लेने के बाद लंबे समय से बैंक शाखा से दूरी बनाने वाले ग्राहकों के खिलाफ बैंक प्रबंधन का सख्त रवैया सामने आने लगा. सरफेसी एक्ट 2002 की धारा 14 के तहत डिफॉल्टर घोषित सभी कर्जदारों की बंधकीकृत संपत्ति जब्त होने वाली है. क्षेत्र में इस तरह की कार्रवाई का पहला नजारा हसनपुर पंचायत में देखने को मिला. कल तक अपने आशियाना में खिलखिलाता परिवार बैंक का कर्ज भूगतान नहीं करने के कारण सड़क पर आ गया. हालांकि संबंधित बैंक द्वारा ऋण अदायगी के लिए पर्याप्त मौका दिया गया था.
लेकिन अंतिम समय तक अपने आशियाना को जब्त होने से बचाने में वे विफल रहे. आने वाले समय में इस कार्रवाई की जद में दर्जनों परिवार के आने की उम्मीद है. मालूम हो कि केवल बीओबी बिस्टोरिया शाखा के दर्जनों ऋणधारकों के पास लगभग पौने पांच करोड़ रूपये बकाया है
जबकि ग्रामीण क्षेत्र को अलग कर मुख्यालय में ही देखे तो एक दर्जन से अधिक विभिन्न बैंकों के शाखा संचालित हो रहे हैं. अब तो लगभग सभी मुख्य बाजार व गांवों में बैंक अपनी पहुंच स्थापित कर चुका है. शाखा प्रबंधक की माने तो ऋण लेने के समय खाता के समुचित संचालन को लेकर ग्राहकों द्वारा मजबूत भरोसा जताया जाता है. लेकिन समय के साथ सब कुछ महज दिखावा बन कर रह जाता है. ऋण अदायगी के मामले में टालमटोल होते-होते एक दिन बड़ी राशि भूगतान करना मुश्किल हो जाता है.
जबकि आसान किस्तों के अनुरूप ग्राहक भूगतान करते रहे, तो बैंक भी अपने मकसद में कामयाबी हासिल करेगी, और नये-नये लोगों को भी अपना भविष्य उज्जवल करने का मौका मिलता रहेगा. बीओबी के ऋण वसुली समन्वयक दीपक सरकार ने कहा कि अब हर हाल में बैक का कर्जा भूगतान करना ही पड़ेगा, अन्यथा सरफेसी एक्ट 2002 के तहत कार्रवाई के लिए वेसे ऋणधारक तैयार रहे.
मुख्यालय के ही कई लोगों की बंधकीकृत संपत्ति पर भौतिक कब्जा किये जाने की कार्रवाई जल्द ही सामने आने की बात उन्होंने कही. बंधकीकृत संपत्ति पर भौतिक कब्जा करने के बाद निलामी के माध्यम से बैंक अपनी बकाया राशि वसुल करेगी. वहीं निलामी के दौरान बकाया राशि से अधिक प्राप्त होने की स्थिति में शेष राशि ऋणधारक को लौटा दिया जायेगा. बहरहाल समय के साथ बैंक के सख्त होते रूख से कहीं न कहीं ऋण भूगतान नहीं करने वाले लोगों में हड़कंप है.
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