Tilak Varma Birthday: इलेक्ट्रिशियन के बेटे ने कैसे तय किया टीम इंडिया तक का सफर? आज हैं भारत के भरोसेमंद मैच विनर
तिलक वर्मा बर्थडे (फोटो- AI)
तिलक वर्मा आज अपना 24वां जन्मदिन मना रहे हैं. कभी पिता उन्हें डॉक्टर बनाना चाहते थे, लेकिन उन्होंने क्रिकेट चुना. जानिए हैदराबाद से टीम इंडिया तक पहुंचने वाले इस बल्लेबाज के संघर्ष की कहानी.
Tilak Varma Birthday Special: भारतीय क्रिकेट में अपनी आक्रामक बल्लेबाजी से पहचान बनाने वाले तिलक वर्मा आज 8 नवंबर को अपना 24वां जन्मदिन मना रहे हैं. हैदराबाद के एक साधारण परिवार से निकलकर टीम इंडिया तक पहुंचने का उनका सफर आसान नहीं रहा.
तिलक के पिता चाहते थे कि बेटा डॉक्टर बने, लेकिन तिलक के सपने कुछ और थे. बेट की जिद के आगे पिता ने भी अपनी पूरी ताकत लगा दी. आज वही तिलक वर्मा बड़े मुकाबलों में टीम इंडिया के भरोसेमंद खिलाड़ी बन चुके हैं. एशिया कप 2025 के फाइनल में पाकिस्तान के खिलाफ उनकी नाबाद 69 रनों की पारी इसका सबसे बड़ा उदाहरण है.
तिलक वर्मा को डॉक्टर बनाना चाहते थे पिता
नंबूरी ठाकुर तिलक वर्मा का जन्म 8 नवंबर 2002 को हैदराबाद में हुआ था. उनके पिता नंबूरी सूर्यनारायण एक मध्यमवर्गीय परिवार से आते थे और भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड (BHEL) में इलेक्ट्रिशियन के तौर पर काम करते थे. तिलक का बचपन बीएचईएल के क्वार्टर में बीता. परिवार की आर्थिक स्थिति ऐसी नहीं थी कि क्रिकेट को आसानी से करियर बनाया जा सके.
तिलक के पिता चाहते थे कि उनके दोनों बेटे पढ़-लिखकर डॉक्टर बनें. बड़े बेटे तरुण ने बैडमिंटन को चुना, जबकि छोटे बेटे तिलक का मन क्रिकेट में लगता था. तिलक ने अपने पिता से साफ कह दिया था कि वह क्रिकेटर बनना चाहते हैं. उनका मानना था कि डॉक्टर बनने पर उन्हें कुछ लोग जानेंगे, लेकिन क्रिकेट में अच्छा प्रदर्शन किया तो दुनिया उन्हें पहचानेगी. बेटे के इस सपने को पूरा करना पिता के लिए आसान नहीं था. सीमित आमदनी के बावजूद उन्होंने तिलक की क्रिकेट ट्रेनिंग में कोई कमी नहीं आने दी. परिवार के इसी समर्थन ने उनके क्रिकेटर बनने की राह आसान की.
11 साल की उम्र में घर से दूर शुरू किया क्रिकेट का सफर
तिलक की प्रतिभा को शुरुआती दिनों में ही पहचान मिल गई थी. महज 11 साल की उम्र में वह क्रिकेट की बेहतर ट्रेनिंग के लिए घर से दूर जाने लगे. इस दौरान कोच सलाम बयाश ने उनकी प्रतिभा को निखारने में अहम भूमिका निभाई. कोच ने न सिर्फ उन्हें क्रिकेट की बारीकियां सिखाईं, बल्कि उनकी ट्रेनिंग और आने-जाने की व्यवस्था में भी मदद की.
तिलक ने भी इस मौके को हाथ से नहीं जाने दिया. लगातार अभ्यास और मेहनत के दम पर उन्होंने घरेलू क्रिकेट में अपनी जगह बनाई. साल 2019 में उन्होंने फर्स्ट क्लास और लिस्ट-ए क्रिकेट में डेब्यू किया. इसके बाद उनके करियर को नई दिशा मिली.
IPL ने बदली किस्मत, मुंबई इंडियंस ने दिया बड़ा मंच
तिलक वर्मा के करियर में आईपीएल एक बड़ा टर्निंग पॉइंट साबित हुआ. साल 2022 में मुंबई इंडियंस ने उन्हें अपनी टीम में शामिल किया. अपने पहले ही सीजन में उन्होंने 14 मैचों में 397 रन बनाकर सभी का ध्यान खींचा. दबाव के समय रन बनाने की उनकी क्षमता ने उन्हें खास पहचान दिलाई.
2023 में भी तिलक का प्रदर्शन शानदार रहा. उन्होंने 11 मैचों में 343 रन बनाए. उनकी बल्लेबाजी में आक्रामकता के साथ मैच की परिस्थिति को समझने की क्षमता भी नजर आई. यही वजह रही कि जल्द ही उन्हें भारतीय टीम में जगह मिल गई.
अगस्त 2023 में तिलक ने वेस्टइंडीज के खिलाफ टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट में डेब्यू किया. इसके बाद सितंबर 2023 में उन्होंने वनडे क्रिकेट में भी कदम रखा. अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शुरुआती मौकों को भुनाते हुए उन्होंने भारतीय टीम में अपनी उपयोगिता साबित की.
एशिया कप फाइनल में पाकिस्तान के खिलाफ बने जीत के हीरो

तिलक वर्मा के करियर की सबसे यादगार पारियों में एशिया कप 2025 के फाइनल की पारी शामिल है. पाकिस्तान के खिलाफ खिताबी मुकाबले में भारतीय टीम लक्ष्य का पीछा करते हुए दबाव में थी. ऐसे समय में तिलक ने धैर्य और आक्रामकता का बेहतरीन संतुलन दिखाया.
उन्होंने 53 गेंदों पर नाबाद 69 रन बनाए. उनकी पारी में जरूरी मौकों पर बड़े शॉट लगाने के साथ विकेट बचाकर खेलने की समझ भी दिखी. तिलक आखिर तक क्रीज पर टिके रहे और भारत को पांच विकेट से जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाई. इस प्रदर्शन ने उन्हें बड़े मुकाबलों का खिलाड़ी साबित किया. पूरे एशिया कप में भी तिलक का बल्ला खूब चला. उन्होंने सात पारियों में 213 रन बनाए. पाकिस्तान के खिलाफ फाइनल में खेली गई उनकी पारी लंबे समय तक भारतीय क्रिकेट प्रशंसकों को याद रहेगी.
सुरेश रैना को मानते हैं आदर्श
तिलक वर्मा की बल्लेबाजी में आक्रामकता और तकनीक दोनों का मेल देखने को मिलता है. वह मैदान के चारों ओर शॉट खेलने की क्षमता रखते हैं. कवर ड्राइव और स्ट्रेट ड्राइव उनके पसंदीदा शॉट्स में शामिल हैं. वह पूर्व भारतीय क्रिकेटर सुरेश रैना को अपना आदर्श मानते हैं.
टी20 क्रिकेट में तिलक की खासियत यह है कि वह जरूरत के हिसाब से अपनी बल्लेबाजी का अंदाज बदल सकते हैं. कभी तेजी से रन बनाने की जिम्मेदारी संभालते हैं, तो कभी पारी को संभालकर टीम को मुश्किल परिस्थिति से बाहर निकालते हैं. उनके टी20 इंटरनेशनल करियर में दो शतक भी दर्ज हैं.
ऐसा रहा है तिलक वर्मा का इंटरनेशनल और IPL करियर
उपलब्ध करियर आंकड़ों के अनुसार, तिलक वर्मा ने पांच वनडे मुकाबलों में 68 रन बनाए हैं. वहीं, 75 टी20 इंटरनेशनल मैचों में उनके नाम 1,940 रन दर्ज हैं. इस दौरान उन्होंने दो शतक और 11 अर्धशतक लगाए हैं. आईपीएल में भी उनका प्रदर्शन प्रभावशाली रहा है. मुंबई इंडियंस का प्रतिनिधित्व करते हुए तिलक ने 68 मुकाबलों में 35.73 की औसत से 1,858 रन बनाए हैं. उनके नाम आईपीएल में एक शतक और 10 अर्धशतक दर्ज हैं.
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