नयी दिल्ली : अब तक केवल सात मैच खेलने वाले मिडफील्डर साहल अब्दुल समद ने अपने लाजवाब कौशल से पहले ही भारतीय फुटबॉल टीम में नयी जान भर दी है और इसमें कोई हैरानी नहीं कि यह युवा खुद को अर्जेंटीनी दिग्गज लियोनेल मेस्सी के ढांचे में ढलना चाहता है.
केरल के इस 22 वर्षीय खिलाड़ी ने जून में किंग्स कप में कुराकाओ के खिलाफ अपने पदार्पण मैच में ही छाप छोड़ी और चार महीने के अंदर ही वह भारतीय फुटबॉल टीम की मध्यपंक्ति का अहम खिलाड़ी बन गया है.
पिछले सप्ताह विश्व कप क्वालीफायर में एशियाई चैंपियन कतर के खिलाफ ऐतिहासिक गोलरहित ड्रॉ के दौरान साहल ने अपनी प्रतिभा का अच्छा प्रदर्शन किया. साहल ने कहा, मुझे ड्रिबलिंग और तेजी से गेंद लेकर आगे बढ़ना पसंद है. मैं जहां भी खेलूं मुझे ऐसा करना पसंद है. मुझे विरोधी रक्षापंक्ति को व्यस्त रखना और आक्रमण करना पसंद है. मैं लियोनेल मेस्सी का प्रशंसक हूं. मैं उनका खेल बहुत देखता हूं और उनसे अधिक से अधिक सीखने की कोशिश करता हूं.
उन्होंने कहा, यही मेरा खेलने का तरीका है क्योंकि प्रत्येक खिलाड़ी का खेल का अपना तरीका होता है. नये मुख्य कोच इगोर स्टिमाक ने जिन नये खिलाड़ियों को राष्ट्रीय टीम से जोड़ा है उनमें साहल भी शामिल हैं. उन्होंने इंडियन सुपर लीग क्लब केरल ब्लास्टर्स की तरफ से खेलते हुए अपना कौशल दिखाया. वह हालांकि जनवरी में एशियाई कप के लिये भारतीय टीम में जगह नहीं बना पाये थे.
साहल को गेंद पर नियंत्रण रखना पसंद है, लेकिन कई अवसरों पर वह आसानी से नियंत्रण खो देते हैं और यह ऐसा क्षेत्र में जिसमें उन्हें सुधार करने की जरूरत है. उन्होंने कहा, कुछ अवसरों पर मैं गेंद पर नियंत्रण रखता हूं जो कि अच्छा होता है तो कभी यह गलत भी होता है. कई बार मैं अपनी गलती से नियंत्रण खो बैठता हूं, लेकिन हर कोई मुझे गेंद के साथ खेलने के लिये प्रेरित करता है जिससे मेरा आत्मविश्वास बढ़ता है और मुझे खुशी भी मिलती है.