Ramadan start 2020 : लॉकडाउन में घरों में रहकर ही की जाएगी इबादत, सोशल डिस्टेंसिग का पालन करते हुए होगा इफ्तार

Updated at : 21 Apr 2020 8:39 AM (IST)
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Ramadan start 2020 : लॉकडाउन में घरों में रहकर ही की जाएगी इबादत, सोशल डिस्टेंसिग का पालन करते हुए होगा इफ्तार

Islam. Mosque silhouette in night sky with crescent moon and star

रमजान ( Ramzan ) का महीना इस्लाम धर्म के अनुयायियों के लिए पाक महीना माना जाता है. इस्लामिक कैलेंडर के अनुसार नौवें महीने को रमजान के महीना माना जाता है. इस साल 2020 में रमजान का चांद अगर 24 अप्रैल को दिखाई देता है तो 25 अप्रैल से पाक महीना रमजान शुरू हो जाएगा.रमजान के महीने में इस्लाम धर्म के अनुयायियों के द्वारा प्रत्येक दिन रोजे रखे जाते हैं. इस्लाम धर्म के अनुयायी इस महीने रोजे के दौरान दिन भर भूखे-प्यासे रहते हैं और शाम में एक साथ इफ्तार के जरिए भोजन ग्रहण करते हैं. वहीं सुबह सेहरी का समय तय होता है जिस समय भोजन किया जाता है उसके बाद दिन भर कुछ भी खाने या पीने का चलन रोजे में नही है.

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रमजान ( Ramzan )का महीना इस्लाम धर्म के अनुयायियों के लिए पाक महीना माना जाता है. इस्लामिक कैलेंडर के अनुसार नौवें महीने को रमजान के महीना माना जाता है.इस साल 2020 में रमजान का चांद अगर 24 अप्रैल को दिखाई देता है तो 25 अप्रैल से पाक महीना रमजान शुरू हो जाएगा.रमजान के महीने में इस्लाम धर्म के अनुयायियों के द्वारा प्रत्येक दिन रोजे रखे जाते हैं. इस्लाम धर्म के अनुयायी इस महीने रोजे के दौरान दिन भर भूखे-प्यासे रहते हैं और शाम में एक साथ इफ्तार के जरिए भोजन ग्रहण करते हैं. वहीं सुबह सेहरी का समय तय होता है जिस समय भोजन किया जाता है उसके बाद दिन भर कुछ भी खाने या पीने का चलन रोजे में नही है.

इस साल 2020 में कोरोना संक्रमण को देखते हुए रोजे के दौरान इबादत अपने घरों में ही रहकर किए जाएंगे.PTI के अनुसार, केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्री एवं केंद्रीय वक्फ परिषद के अध्यक्ष मुख्तार अब्बास नकवी ने पवित्र माह रमजान में सभी धार्मिक संगठनों, सार्वजनिक संगठनों,व व्यक्तिगत स्थलों पर लॉकडाउन व सोशल डिस्टेंसिग का सही तरीके से पालन करने व अपने -अपने घरों में ही इबादत करने को कहा है.

अभी कोरोना संक्रमण के कारण पूरे देश मे लॉकडाउन लागू है और इस बार मस्जिदों में नमाज के लिए लोग नहीं जा पाएंगे.हर बार लोग भारी संख्यां में रोजाना मस्जिद में जुटते थे और रोजे का नमाज पढ़ते थे. इस बार मस्जिद जाने पर पाबंदी रहेगी. लॉक डाउन को देखते हुए मुस्लिम धर्म गुरुओं ने भी यह सलाह दी है कि इस साल कोरोना संक्रमण से ऐहतियात बरतते हुए ही रमजान मनाया जाएगा.और घर मे ही रहकर नमाज पढ़े जाएंगे. सभी को सचेत व सजग रहने की जरुरत है तभी कोरोना के खिलाफ जंग में जीत हासिल हो सकती है.कोरोना जैसी खरनाक बीमारी से लड़ने के लिए सभी को इसका ख्याल रखना जरूरी है.वहीं रमजान के महीने में हर बार मस्जिद में रात में पढ़ी जाने वाली तरावीह की नमाज भी घरों में ही लोग पढ़ेंगे.वहीं घरों में भी सोशल डिस्टेंसिंग का पालन किया जाएगा.

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ThakurShaktilochan Sandilya

लेखक के बारे में

By ThakurShaktilochan Sandilya

डिजिटल मीडिया का पत्रकार. प्रभात खबर डिजिटल की टीम में बिहार से जुड़ी खबरों पर काम करता हूं. प्रभात खबर में सफर की शुरुआत 2020 में हुई. कंटेंट राइटिंग और रिपोर्टिंग दोनों क्षेत्र में अपनी सेवा देता हूं.

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