Magha Shraddha 2026: आज मघा श्राद्ध पर बना खास संयोग, 6 आसन उपाय दूर कर देंगे पितृ दोष

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पितृ पक्ष द्वादशी तिथि पर मघा श्राद्ध को दर्शाती तस्वीर (फोटो- एआई)

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Magha Shraddha 2026: क्या आप भी पितृ दोष से छुटकारा पाना चाहते हैं? आज पितृ पक्ष के मघा श्राद्ध पर कर सकते हैं ये आसान उपाय.

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Magha Shraddha 2026: पितृ पक्ष के 12वें दिन (द्वादशी तिथि) को मघा श्राद्ध के नाम से जाना जाता है. धार्मिक परंपरा के अनुसार, इस दिन मघा नक्षत्र में श्राद्ध, तर्पण और पिंडदान करने से पूर्वज खुश होते हैं. पंचांग के अनुसार आज, 7 अक्टूबर 2026 को मघा श्राद्ध किया जाएगा. ऐसे में जानिए मघा नक्षत्र का ज्योतिष से संबध और आज किन 6 आसान उपायों को करने से पितृ दोष दूर हो सकता है.

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मघा नक्षत्र का ज्योतिष से क्या संबंध है

वैदिक ज्योतिष शास्त्र में अश्विनी से लेकर रेवती तक 27 नक्षत्रों का उल्लेख किया गया है. इनमें 10वां स्थान मघा का है. इस नक्षत्र के देवता पितृ माने गए हैं. जबकि इस नक्षत्र का स्वामी केतु ग्रह है. इसलिए मघा को पूर्वज, कुल, वंश और पितृ देव से जुड़ा नक्षत्र माना जाता है.

ज्योतिष शास्त्र के जानकार पं. धनंजय पांडेय ने बताया कि पितृ पक्ष में द्वादशी तिथि में मघा नक्षत्र का संयोग होने पर पितरों के लिए श्राद्ध, तर्पण और पिंडदान करने से पूर्वज प्रसन्न होकर वंशजों को खुशहाल रहने का आशीर्वाद देते हैं.

मघा श्राद्ध पर पितृ दोष दूर करने के 6 आसान उपाय

1. पितरों के नाम से तर्पण

ज्योतिषाचार्य पं. धनंजय पांडेय ने बताया कि पानी में काला तिल मिलाकर तर्पण (दक्षिण दिशा की ओर मुंह करके) करना चाहिए. इस उपाय को मघा नक्षत्र में करने से पितरों के नाम से पूर्वज प्रसन्न होते हैं, जिससे पितृ दोष दूर होता है.

2. पितरों के लिए पिंडदान करें

क्षमता के मुताबिक पितरों के नाम पिंडदान करने से पितृ दोष शांत होता है. अगर घर में ऐसा नहीं कर सकें, तो किसी तीर्थ स्थान या श्राद्ध के लिए उपयुक्त जगह पर पंडित जी से कराया जा सकता है.

3. तिल और अन्न का दान

मघा नक्षत्र में पितरों को याद करते हुए काले तिल, चावल, आटा, दाल और कपड़े आदि का दान करने की परंपरा है. ऐसा करने से पितृ दोष दूर होता है. शास्त्रों के अनुसार, दान जरूरतमंद व्यक्ति को करना बेहतर है.

4. कौआ, गाय और कुत्ते को भोजन कराएं

शास्त्रों में मघा श्राद्ध पंचबलि का उल्लेख मिलता है. इसमें कौआ, गाय, कुत्ते, चींटी और अतिथि (देवता) को भोजन कराने की परंपरा है. ऐसा करने से पितरों की विशेष कृपा मिलती है, जिससे पितृ दोष शांत होता है.

5. बड़े-बुजुर्गों का सम्मान करें

वैसे तो पितृ पक्ष में हर दिन जीवित माता-पिता, दादा-दादी और परिवार के बुजुर्गों की सेवा और सम्मान करना चाहिए. लेकिन, मघा श्राद्ध के दिन परिवार के अलावा भी अन्य बड़े-बुजुर्गों का आदर करने से पूर्वज खुश होते हैं. इससे पितृ दोष दूर होता है.

6. पितरों के नाम से भोजन कराएं

मघा श्राद्ध के दिन घर में सात्विक भोजन (बिना लहसुन-प्याज के) बनाकर ब्राह्मण या जरूरतमंद इंसान को भोजन कराने की परंपरा है. ऐसा करने से पूर्वजों की कृपा से पितृ दोष दूर होने की मान्यता है.

मघा श्राद्ध पर 'पंचबलि' का महत्व

पंचबलि जीवधार्मिक मान्यता और महत्व
गौ (गाय) बलि सुख-समृद्धि और सात्विक ऊर्जा की प्राप्ति
काक (कौआ) बलि पितरों तक संदेश पहुंचाने का माध्यम
श्वान (कुत्ता) बलि यमदेव के मार्गरक्षक के रूप में तृप्ति
पिपीलिकादि (चींटी) बलिसूक्ष्म जीवों को अन्न देकर ऋण मुक्ति
देव या अतिथि बलिघर में अन्नपूर्णा और पितृ देव का आशीर्वाद
मघा श्राद्ध पर पंचबलि की दर्शाती तस्वीर (फोटो- एआई)
मघा श्राद्ध पर पंचबलि की दर्शाती तस्वीर (फोटो- एआई)
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