भगवान राम के 5 पिता कैसे? धीरेंद्र शास्त्री के पुराने बयान में ऐसा क्या था, जिस पर फिर छिड़ी बहस
कथावाचक वाचक धीरेंद्र शास्त्री (तस्वीर- ITG)
धीरेंद्र शास्त्री ने भगवान राम के पांच पिता होने की बात क्यों कही थी? जानिए अग्निदेव और दशरथ समेत पांचों का संदर्भ.
Shirendra Shastri on Ram Father: भगवान श्रीराम के पिता राजा दशरथ थे, यह बात सभी जानते हैं. लेकिन क्या आपने कभी सुना है कि भगवान राम के पांच पिता थे? बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री का एक पुराना बयान एक बार फिर चर्चा में है.
करीब तीन साल पहले दिए गए इस बयान को लेकर अब समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी प्रतिक्रिया दी है.
धीरेंद्र शास्त्री ने कब दिया था श्रीराम के 5 पिता वाला बयान?
दरअसल, धीरेंद्र शास्त्री का यह बयान जून 2023 में सामने आया था. उन्होंने रामकथा के दौरान भगवान राम के पांच पिता होने की बात कही थी. उन्होंने कहा था कि यह बात स्वीकार करना मुश्किल है, लेकिन सत्य है.
उन्होंने अपनी बात के समर्थन में पांच लोगों का जिक्र किया था. इनमें अग्निदेव, राजा दशरथ, जटायु, महर्षि विश्वामित्र और राजा जनक शामिल थे. उनके अनुसार, इन सभी का भगवान राम के जीवन में पिता जैसा स्थान था.
उन्होंने जटायु का उदाहरण देते हुए कहा था कि राजा दशरथ की मृत्यु के बाद भगवान राम ने उनका अंतिम संस्कार नहीं किया, जबकि जटायु का अंतिम संस्कार अपने हाथों से किया था.
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धीरेंद्र शास्त्री ने क्या कहा था?
धीरेंद्र शास्त्री का यह बयान जून 2023 में सामने आया था. इसमें उन्होंने भगवान राम के पांच पिता होने की बात कही थी. उनके बयान के शब्द थे.
"राम जी के पांच बाप थे.
पांच
कितने?
राम जी के पांच पिताजी हैं
विचित्र बात है, स्वीकार करना बड़ा मुश्किल है पर सत्य बात है, पाँच पिता.
सुनना, राम जी के पाँच पिता ये तुम्हें कहीं लेख में नहीं मिलेगा.
और पूछ भी मत लेना कि किस लेख में है.
क्योंकि हमारी तो छोटी सी कुमति है तो बता रहे हैं.
मती तो है ही नहीं कुमति है.
और इसको प्रमाणित हम यूँ कर रहे हैं,
दशरथ जी के प्राण गए पर राम जी ने अंत्येष्टि क्रिया नहीं की."
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कौन हैं भगवान राम के पांच पिता?
धीरेंद्र शास्त्री ने अपने विस्तृत बयान में पांच लोगों को भगवान राम का पिता बताया था.
- अग्निदेव: धीरेंद्र शास्त्री के अनुसार, पुत्रेष्टि यज्ञ के दौरान अग्निदेव के माध्यम से राजा दशरथ को खीर प्राप्त हुई थी.
- राजा दशरथ: भगवान राम के जन्मदाता और पालन-पोषण करने वाले पिता.
- जटायु: धीरेंद्र शास्त्री ने बताया कि राजा दशरथ ने जटायु को अपने पुत्र का अधिकार देने का वचन दिया था.
- महर्षि विश्वामित्र: जिन्होंने भगवान राम को अपने साथ ले जाकर शिक्षा और मार्गदर्शन दिया.
- राजा जनक: माता सीता के पिता होने के कारण उन्हें भी पिता समान बताया गया.
यहां धीरेंद्र शास्त्री की व्याख्या में पांच पिता का अर्थ पांच जैविक पिता नहीं, बल्कि अलग-अलग संबंधों में पिता का स्थान रखने वाले व्यक्ति हैं.
अखिलेश यादव ने 3 नवंबर 2026 को जताई आपत्ति
इस पुराने बयान पर 3 नवंबर 2026 को अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया पर वीडियो साझा किया. उन्होंने धीरेंद्र शास्त्री की टिप्पणी पर आपत्ति जताते हुए उनके कार्यक्रम रद्द करने की मांग की. उन्होंने इसे सामाजिक सौहार्द से जुड़ा मामला बताया.
क्या है पूरे बयान की सच्चाई?
धीरेंद्र शास्त्री की बात का संदर्भ समझना भी जरूरी है. उन्होंने भगवान राम के पांच जैविक पिता होने की बात नहीं कही थी, बल्कि राजा दशरथ के अलावा चार अन्य लोगों को पिता समान बताया था.
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