अकेली नहीं है राजनीति
Author :Prabhat Khabar Digital Desk
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Updated at :23 Jun 2015 5:29 AM
विज्ञापन

आज की राजनीति पर कुछ भी कहने के पहले दो बातें समझ लेनी जरूरी हैं. एक तो यह कि आज जो नजर आता है, वह आज का ही नहीं होता, बल्कि बीते हुए कल, आज में सम्मिलित होते हैं. आज की स्थिति को समझना हो तो कल की इस पूरी श्रृंखला को समङो बिना नहीं […]
विज्ञापन
आज की राजनीति पर कुछ भी कहने के पहले दो बातें समझ लेनी जरूरी हैं. एक तो यह कि आज जो नजर आता है, वह आज का ही नहीं होता, बल्कि बीते हुए कल, आज में सम्मिलित होते हैं.
आज की स्थिति को समझना हो तो कल की इस पूरी श्रृंखला को समङो बिना नहीं समझा जा सकता. मनुष्य की प्रत्येक आज की घड़ी पूरे अतीत से जुड़ी है. दूसरी बात यह कि राजनीति कोई जीवन का ऐसा अलग हिस्सा नहीं है, जो धर्म, साहित्य, कला से भिन्न हो. हमने जीवन को खंडों में तोड़ा है. राजनीति अकेली नहीं है, उसमें जीवन के सब पहलू और सब धाराएं जुड़ी हैं. और जो आज का है, वह भी सिर्फ आज का नहीं है, सारे कल उसमें समाविष्ट हैं.
मैं बीते कल पर इसलिए जोर देना चाहता हूं, कि भारत की आज की राजनीति में जो उलझाव है, उसका गहरा संबंध हमारी अतीत की समस्त राजनीतिक दृष्टि से जुड़ा है. जैसे, भारत का पूरा अतीत इतिहास और भारत का पूरा चिंतन राजनीति के प्रति वैराग सिखाता है. अच्छे आदमी को राजनीति में नहीं जाना है, यह भारत की शिक्षा रही है.
और जिस देश का यह खयाल हो कि अच्छे आदमी को राजनीति में नहीं जाना है, अगर उसकी राजधानियों में सब बुरे आदमी इकट्ठे हो जायें, तो आश्चर्य नहीं है. जब हम ऐसा मानते हैं कि अच्छे आदमी का राजनीति में जाना बुरा है, तो बुरे आदमी का राजनीति में जाना अच्छा हो जाता है.
आचार्य रजनीश ओशो
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
विज्ञापन
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए
विज्ञापन










