झारखंड कांग्रेस विधायक कैश कांड: हाईकोर्ट में एमएलए राजेश कच्छप की क्रिमिनल रिट याचिका पर फैसला सुरक्षित

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झारखंड हाईकोर्ट के जस्टिस एस चंद्रशेखर की अदालत ने सुनवाई के दौरान बंगाल सरकार से पूछा कि विधायकों के पास से नगद राशि बरामद हुई थी. वह मामला आयकर विभाग के पास क्यों नहीं भेजा गया. पश्चिम बंगाल सरकार की ओर से वरीय अधिवक्ता अनिल कुमार सिन्हा ने बताया कि मामले में जांच जारी है.

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रांची, राणा प्रताप. झारखंड हाईकोर्ट के जस्टिस एस चंद्रशेखर की अदालत ने कांग्रेस विधायकों के खिलाफ रांची के अरगोड़ा थाने में दर्ज शून्य प्राथमिकी को कोलकाता ट्रांसफर करने को चुनौती देनेवाली याचिका पर सुनवाई की. मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने प्रार्थी, झारखंड सरकार, पश्चिम बंगाल सरकार, केंद्र सरकार व सूचक का पक्ष सुना. मामले में सुनवाई पूरी होने के बाद अदालत ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया. उल्लेखनीय है कि प्रार्थी कांग्रेस विधायक राजेश कच्छप ने हाईकोर्ट में क्रिमिनल रिट याचिका दायर की है.

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कैश मामला आयकर विभाग के पास क्यों नहीं भेजा

झारखंड हाईकोर्ट के जस्टिस एस चंद्रशेखर की अदालत ने सुनवाई के दौरान बंगाल सरकार से पूछा कि विधायकों के पास से नगद राशि बरामद हुई थी. वह मामला आयकर विभाग के पास क्यों नहीं भेजा गया. आईपीसी की किस धारा के तहत यह मामला दर्ज किया गया. इस पर पश्चिम बंगाल सरकार की ओर से वरीय अधिवक्ता अनिल कुमार सिन्हा ने बताया कि मामले में जांच जारी है. यह पता नहीं चल पाया है कि पकड़ी गयी नगद राशि किस मद की है.

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नहीं होनी चाहिए थी प्राथमिकी

इससे पूर्व राज्य सरकार की ओर से अपर महाधिवक्ता सचिन कुमार ने पक्ष रखते हुए अदालत को बताया कि तीनों विधायकों के पास से जो नगद राशि बरामद हुई थी, उस मामले में पुलिस ने कोलकाता में प्राथमिकी दर्ज की थी. इसलिए सूचक अनूप कुमार सिंह द्वारा अरगोड़ा थाने में दर्ज करायी गयी जीरो एफआईआर को वरीय अधिकारियों की सलाह पर कोलकाता ट्रांसफर कर दिया गया था. राज्य सरकार व बंगाल सरकार की दलील का प्रार्थी के अधिवक्ता इंद्रजीत सिन्हा ने विरोध किया. उन्होंने बताया कि रुपये बरामदगी का मामला कोलकाता पुलिस के क्षेत्राधिकार में नहीं आता है. अधिक से अधिक यह आयकर का मामला हो सकता था. प्राथमिकी दर्ज नहीं होनी चाहिए थी. जीरो प्राथमिकी को ट्रांसफर करना भी गलत है.

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राजेश कच्छप की क्रिमिनल रिट याचिका पर सुनवाई

उल्लेखनीय है कि प्रार्थी कांग्रेस विधायक राजेश कच्छप ने क्रिमिनल रिट याचिका दायर की है. उन्होंने अरगोड़ा थाना में दर्ज शून्य प्राथमिकी को कोलकाता ट्रांसफर करने को चुनौती दी है. कांग्रेस विधायक अनूप सिंह ने हेमंत सरकार गिराने की साजिश में शामिल होने का आरोप लगाते हुए अरगोड़ा थाना में जीरो एफआईआर दर्ज करायी थी, जिसे कोलकाता ट्रांसफर किया गया था. पश्चिम बंगाल के हावड़ा में 30 जुलाई को लगभग 49 लाख रुपये के साथ पकड़े गये कांग्रेस के विधायक डॉ इरफान अंसारी, राजेश कच्छप व नमन विक्सल कोंगाड़ी के खिलाफ कैश कांड मामले में प्राथमिकी दर्ज की गयी है. इस केस में कोलकाता हाईकोर्ट से इन्हें जमानत मिल चुकी है.

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