पुलिस मुख्यालय की रिपोर्ट में खुलासा, बिहार में हत्या-लूट में आयी कमी, अपहरण में 300 प्रतिशत की वृद्धि

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जुलाई से सितंबर तक औसतन प्रतिमाह 23209 घटनाएं रजिस्टर्ड की गयी थीं, जबकि नवंबर में 18082 मामले ही सामने आये.

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पटना. राज्य में इस साल नवंबर में सभी तरह की आपराधिक घटनाओं में 22.9 फीसदी तक कमी आयी है. जुलाई से सितंबर तक औसतन प्रतिमाह 23209 घटनाएं रजिस्टर्ड की गयी थीं, जबकि नवंबर में 18082 मामले ही सामने आये.

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इसी प्रकार हत्या की घटनाओं में 13.53 फीसदी की कमी आयी है. पिछले तीन माह में औसतन हर माह 303 हत्याएं हुईं, जबकि नवंबर में हत्या के 262 मामले दर्ज किये गये. पुलिस मुख्यालय ने नवंबर हुई आपराधिक घटनाओं को लेकर एक रिपोर्ट जारी की है.

इसमें जुलाई से लेकर सितंबर तक में हुए आपराधिक घटनाओं के औसत और नवंबर में हुई आपराधिक घटनाओं का ब्योरा है. इसमें बताया गया है कि डकैती के मामले में 22.58 फीसदी और लूट के मामले में 4.92 फीसदी की कमी आयी है.

पिछले साल के मुकाबले घटा अपराध

रिपोर्ट के अनुसार अगर पिछले साल के नवंबर से इस वर्ष के नवंबर माह की तुलना की जाए, तो इस साल नवंबर में आपराधिक घटनाओं में 16.29 फीसदी कमी आयी है.

इसमें हत्या के मामलों में 3.68 फीसदी की कमी, डकैती के मामलों में 44 फीसदी की कमी, लूट के मामलों में 21 फीसदी की कमी और चोरी के मामलों में तीन फीसदी की कमी दर्ज की गयी है. केवल फिरौती के लिए अपहरण के मामलों में 60 फीसदी वृद्धि हुई है, लेकिन संख्या के लिहाज से यह आंकड़े कम हैं.

रेप और चोरी के मामलों में कमी

रिपोर्ट के अनुसार धोखाधड़ी व फिरौती के लिए अपहरण के मामले बढ़े हैं. जुलाई से सितंबर तक प्रतिमाह धोखाधड़ी के 348 केस दर्ज हुए थे, जबकि नवंबर में यह बढ़ कर 389 हो गये. यानी 11.67% वृद्धि हुई.

फिरौती के लिए अपहरण के मामले 300% तक बढ़े हैं. पिछले तीन माह में औसतन ऐसी दो घटनाएं दर्ज ह ुई थीं, जबकि नवंबर में आठ केस दर्ज हुए. रेप के मामलों में 45.58% व चोरी के मामले में 10.21% कमी दर्ज की गयी है.

Posted by Ashish Jha

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