VIDEO: 5 साल बाद पुराने अंदाज में लौटे नीतीश कुमार, जनता दरबार में सुनी फरियाद, मंत्री और अफसरों की लगाई क्लास

Updated:
विज्ञापन

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने 5 साल के बाद एकबार फिर जनता दरबार लगाया है. चार देशरत्न मार्ग स्थित मुख्यमंत्री सचिवालय के संवाद सभाकक्ष में सुबह 11 बजे से फरियादियों का आना शुरू हुआ. सीएम तय समय पर यहां पहुचे और जनता की समस्याओं को सुनना शुरू किया. इस दौरान जनता दरबार वाले भवन के आसपास के इलाके में सुरक्षा के मजबूत इंतजाम किये गये. वहीं उन फरियादियों को ही मिलने का मौका दिया गया जिन्होंने रजिस्ट्रेशन कराया था और उन्हें अनुमति दी गयी थी.

विज्ञापन

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने 5 साल के बाद एकबार फिर जनता दरबार लगाया है. चार देशरत्न मार्ग स्थित मुख्यमंत्री सचिवालय के संवाद सभाकक्ष में सुबह 11 बजे से फरियादियों का आना शुरू हुआ. सीएम तय समय पर यहां पहुचे और जनता की समस्याओं को सुनना शुरू किया. इस दौरान जनता दरबार वाले भवन के आसपास के इलाके में सुरक्षा के मजबूत इंतजाम किये गये. वहीं उन फरियादियों को ही मिलने का मौका दिया गया जिन्होंने रजिस्ट्रेशन कराया था और उन्हें अनुमति दी गयी थी.

आपके शहर में

विज्ञापन

जनता दरबार में सीएम ने लोगों के फरियाद सुने. इस दौरान लोग मुख्यमंत्री के सामने अपनी समस्याओं को सुनाते और सीएम नीतीश कुमार उस विभाग से संबंधित मंत्री या अधिकारियों से फोन पर बात करके फौरन उस समस्या का समाधान करने का आदेश जारी करते दिखे. इस दौरान कई शिकायतों को सुनने के बाद सीएम हैरान होते भी दिखे. वहीं उन्होंने नाराजगी जताते हुए यह तक कहा कि अगर वो जनता दरबार फिर से नहीं लगाते तो शायद जान भी नहीं पाते कि लोग किस तरह की समस्याओं से जुझ रहे हैं. इससे पता चल रहा है कि समस्याएं किस तरह की आ रही है.

जनता दरबार में सीएम ने अल्पसंख्यक विभाग से जुड़ी शिकायत लेकर आए एक फरियादी की शिकायत को सुना. फरियादी ने सीमए को बताया कि उसे रोजगार लोन योजना का लाभ नहीं दिया गया. जबकि 2019 में स्वीकृत कर दिया गया था. सीएम ने संबंधित विभाग के वरीय अधिकारी से फोन पर बात करते हुए निर्देश दिया कि ये गलत हो रहा है. अगर लोन स्वीकृत है तो इसे नहीं देना कहीं से सही नहीं है. वहीं सारण के जेपी यूनिवर्सिटी में सेशन लेट होने की शिकायत को भी सीएम ने सुना और इसे सही करने का निर्देश भी दिया.

वहीं कुछ मामले आंगनबाड़ी से जुड़े हुए भी आए. आंगनबाड़ी सेविका ने अपनी शिकायत में सीएम को बताया कि दो-तीन साल से पेमेंट नहीं किया जा रहा है. इस मामले पर सीएम नीतीश काफी नाराज दिखे. उन्होंने संबंधित विभाग के मंत्री को फोन लगाकर अपनी नाराजगी बतायी. सीएम ने कहा कि ऐसे कई मामले सामने आ रहे हैं. ये सही नहीं है. सीएम ने विभाग के अपर मुख्य सचिव को ढूंढा और फोन पर बात करने का आदेश दिया.

जनता दरबार में पुलिस थानों में काम करने वाले आईटी विभाग के कर्मी भी आए. थाने में अस्थायी तौर पर डाटा ऑपरेटर का काम कर रहे कुछ शिकायतकर्तााओं ने कहा कि उन्हें अब नौकरी से हटाया जा रहा है. जिसपर जानकारी लेने सीएम ने पुलिस विभाग के वरीय अधिकारी को बुलाया. अधिकारी ने मामले को लेकर सीएम को पूरी जानकारी दी और प्राइवेट कंपनी के अधिकार क्षेत्र के बारे में बताया. सीएम ने मामले को देखने का आदेश दिया.

इस दौरान एक अजीब नजारा सामने दिखा जब एक नौजवान जनता दरबार में अपनी फरियाद लेकर आए. फरियादी ने खुद को ब्लैक फंगस का मरीज बताया. जिसके बाद वहां मौजूद सभी अधिकारी चौंक गए. फरियादी ने बताया कि उसका इलाज नहीं हो पा रहा है. जिसके बाद सीएम ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी से फोन पर बात की और आश्चर्य जताया. सीएम ने कहा कि युवक मेरे पास आकर बता रहा है कि वो ब्लैक फंगस का मरीज है और उसका इलाज नहीं किया जा रहा है.

एक फरियादी लेबर विभाग से जुड़ी शिकायत लेकर आए और बताया कि 2018 में उसे नौकरी पर रखा गया लेकिन अभी तक सैलरी नहीं दी. जिसके बाद सीएम ने संबंधित विभाग के मंत्री से बात की और मामले में हस्तक्षेप करने का निर्देश दिया. वहीं मुजफ्फरपुर से आए एक फरियादी ने कहा कि उनकी पत्नी हाइ स्कूल शिक्षिका थी जिनकी मौत हो चुकी है.फाइनेंसियल अपग्रेडेशन का काम अधिकारी नहीं करते है. पिछले कुछ सालों से वो दौड़ रहे हैं. जिसके बाद सीएम ने शिक्षा मंत्री से बात की और मामले को देखने का निर्देश दिया.

POSTED BY: Thakur Shaktilochan

विज्ञापन

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन