Jharkhand News : सरकारी स्कूल में सोता रहा 5 साल का मासूम, ताला बंद कर चलते बने टीचर, जांच के आदेश

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Jharkhand News: पलामू जिले के नावाबाजार थाना क्षेत्र की कुंभीकला पंचायत के महुंगाई उत्क्रमित मध्य विद्यालय में शिक्षकों की लापरवाही के कारण एक पांच वर्षीय बच्चा कक्षा में सोता रहा और शिक्षक स्कूल बंद कर चलते बने. बीइइओ रामानंद सिन्हा ने बताया कि घटना की जांच के लिए टीम गठित की गयी है.

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Jharkhand News: अक्सर कहा जाता है कि घर में बच्चों की देखरेख उसके अभिभावक करते हैं, जबकि स्कूल में बच्चों की देखरेख की जिम्मेवारी शिक्षकों की होती है, लेकिन पलामू में एक मामला सामने आया है, जहां स्कूल के शिक्षकों की घोर लापरवाही देखी गयी है. नावाबाजार थाना क्षेत्र की कुंभीकला पंचायत के महुंगाई उत्क्रमित मध्य विद्यालय में शिक्षकों की लापरवाही के कारण एक पांच वर्षीय बच्चा पहली कक्षा में सोता रहा और शिक्षक स्कूल बंद कर चलते बने. हालांकि खोजबीन के बाद क्लास में बेहोश पड़े बच्चे का इलाज कराया गया है. बीइइओ रामानंद सिन्हा ने बताया कि घटना की जांच के लिए टीम गठित की गयी है.

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क्लास में सोते मासूम को छोड़ शिक्षक चले गये घर

प्रमोद यादव का पांच वर्षीय पुत्र उत्क्रमित मध्य विद्यालय, महुंगाई में कक्षा एक में पढ़ता है. पढ़ाई के दौरान वह क्लास रूम में ही सो गया था. जब विद्यालय में करीब तीन बजे छुट्टी हुई. विद्यालय के शिक्षकों ने कमरे में ताला बंद कर दिया और घर चले गये. बच्चा कमरे में ही रह गया. जब शाम तक वह घर नहीं पहुंचा तो उसके माता-पिता खोजबीन करने लगे. गांव के लोग भी बच्चे के घर नहीं पहुंचने की बात को लेकर परेशान थे. गांव के लोगों को विश्वास नहीं हो रहा था कि वह कहीं गायब हो जायेगा. ग्रामीणों ने स्कूल में पहुंचकर खोजबीन शुरू की. खिड़की से दिखाई पड़ा कि बच्चा कमरे में सो रहा है. उस कमरे का ताला तोड़ा और बच्चे को बाहर निकाला. इसके बाद बच्चा क्लास में बेहोश पड़ा हुआ था. उसी स्थिति में ग्रामीण चिकित्सक के पास इलाज कराने ले गये. इलाज कराने के बाद बच्चा होश में आया.

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क्या कहते हैं प्रधानाध्यापक

उत्क्रमित मध्य विद्यालय महुगाई के प्रधानाध्यापक सत्येंद्र राम ने बताया कि विभागीय मीटिंग में वह कंडा गये हुए थे. उस समय तक विद्यालय के शिक्षक आनंदी राम, धर्मेन्द्र पांडेय एवं शकील अहमद बगैर सूचना के गायब थे. सहायक अध्यापिका चुरामणि देवी उपस्थित थीं. उन्हें स्कूल की जिम्मेवारी देकर मीटिंग में गया था.

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क्या कहते हैं बीइइओ

बीइइओ रामानंद सिन्हा ने बताया कि घटना की जांच के लिए टीम गठित की गयी है. पूरे मामले की जांच की जिम्मेवारी सीआरपी फ्रेस कुमार एवं बीपीओ पंकज कुमार बच्चन को दिया गया है. जांच रिपोर्ट आने के बाद दोषी शिक्षकों पर कार्रवाई होगी. इधर, मुखिया सब्या सिंह ने इस मामले को गंभीरता से लिया. उन्होंने कहा कि शिक्षकों की लापरवाही के कारण ही ऐसा हुआ है. मुखिया ने इस मामले में पलामू के उपायुक्त एवं शिक्षा विभाग के पदाधिकारी से दोषी शिक्षकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है.

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रिपोर्ट : चंद्रशेखर सिंह, मेदिनीनगर, पलामू

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