आपका पत्र हमसे गहरे रिश्ते का प्रमाण

Published at :31 Aug 2015 11:38 PM (IST)
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आपका पत्र हमसे गहरे रिश्ते का प्रमाण

प्रभात खबर अपने पाठकों के मत को हमेशा से अति महत्वपूर्ण मानता रहा है. पाठकों की ओर से मिलने वाली राय, प्रतिक्रि या व आलोचना अखबार को उत्तरोत्तर बेहतर करते रहने के आवश्यक अवयव हैं. हमारे पुराने पाठक श्री महेश पोद्दार का पत्र है. इस पत्र में श्री पोद्दार ने कुछ सवाल उठाये हैं. ये […]

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प्रभात खबर अपने पाठकों के मत को हमेशा से अति महत्वपूर्ण मानता रहा है. पाठकों की ओर से मिलने वाली राय, प्रतिक्रि या व आलोचना अखबार को उत्तरोत्तर बेहतर करते रहने के आवश्यक अवयव हैं.

हमारे पुराने पाठक श्री महेश पोद्दार का पत्र है. इस पत्र में श्री पोद्दार ने कुछ सवाल उठाये हैं. ये सवाल महत्वपूर्ण हैं और हम इनके बारे में तथ्यगत जानकारी सामने रखना जरूरी समझते हैं, क्योंकि हो सकता है कि श्री पोद्दार का ध्यान इस तरफ न गया हो.

1. बिहार में आसन्न विधानसभा चुनावों पर पूरे देश की नजर है. इन चुनावों को राज्य के सत्ताधारी गंठबंधन के साथ-साथ भाजपा नीत एनडीए के लिए भी अति महत्वपूर्ण माना जा रहा है.

चूंकि यह चुनाव आम चुनाव के करीब डेढ़ साल बाद हो रहे हैं, लिहाजा केंद्र में पक्ष और विपक्ष की राजनीति ही नहीं, बल्किबंगाल व उत्तर प्रदेश जैसे बड़े राज्यों होनेवाले चुनावों के मद्देनजर भी बिहार का यह चुनाव महत्वपूर्ण भूमिका अदा करने वाला माना जा रहा है.

देश के समूचे मीडिया में बिहार चुनाव को इसी दृष्टि से महत्व दिया जा रहा है और प्रभात खबर भी ऐसा कर रहा है.

2. प्रभात खबर लोकतांत्रिक मूल्यों में आस्था रखता है. इसी प्रतिबद्धता के तहत अपने संपादकीय पेज पर सभी मतों व विचारों को स्थान देने का प्रयास करता है.

जदयू के प्रवक्ता पवन वर्मा यदि प्रकाशित होते हैं, तो भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता व राज्यसभा सासंद एमजे अकबर, भाजपा सांसद तरुण विजय और भाजपा सांसद आरके सिन्हा के लेख भी नियमित रूप से हमारे संपादकीय पेज पर प्रकाशित होते हैं.

संभव है कि हमारे बहुत से पाठक इन लोगों की राय से सहमत न हों, लेकिन हमारी जिम्मेदारी बनती है कि हम सभी तरह की राय, दृष्टिकोण व विचारों से पाठकों को अवगत करायें.

3. जहां तक चंचल के व्यंग्य की बात है, तो चंचल वरिष्ठ व प्रतिष्ठित कलाकार हैं. पत्रकार के तौर पर बहुत से प्रतिष्ठित पत्र- पत्रिकाओं में दशकों से लिख रहे हैं.

जहां तक नरेंद्र मोदी की तुलना हिटलर से करने की बात है, यह उनकी निजी सोच होगी. बहुत से लोग इस तरह की सोच प्रकट करते हैं और सार्वजनिक रूप से सामने रखते हैं. पिछले माह मुंबई की मेयर और शिवसेना नेता स्नेहल अंबेकर ने भी नरेंद्र मोदी को हिटलर बताया था. यह उनका निजी मत था, लेकिन मीडिया ने इसे प्रकाशित किया था. इसी तरह तमाम मत अखबार में छपते रहे हैं.

यहां मैं स्पष्ट करना चाहता हूं कि प्रभात खबर में प्रकाशित होनेवाले लेखक अपने लेख-कॉलम में जो राय या विचार प्रस्तुत करते हैं, वह प्रभात खबर की नहीं, बल्किउनकी निजी राय व विचार हैं.

4. भारत सरकार के डिजिटल इंडिया से लेकर सभी महत्वपूर्ण कार्यक्रमों की जानकारी प्रभात खबर में विस्तार से प्रकाशित होती रही है.

शायद ही किसी अन्य मीडिया ने इन कार्यक्र मों को इतने विस्तार से दिया हो. इस क्र म में हो सकता है कि एकाध कार्यक्र म कहीं रह गये हों, लेकिन इसके आधार पर मत बनाना सही नहीं है.

पत्र लिखने के लिए धन्यवाद. इस तरह के बेबाक पत्र प्रभात खबर और पाठकों के बीच भरोसे के गहरे रिश्ते का प्रमाण हैं और यह हमारी पूंजी भी है.

राजेंद्र तिवारी

कॉरपोरेट संपादक, प्रभात खबर

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