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ranchi

  • Jun 11 2019 1:51PM
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#JHARKHAND मुख्यमंत्री कृषि आशीर्वाद योजना के पंजीयन से भी मिलेगा पीएम किसान सम्मान योजना का लाभ

#JHARKHAND मुख्यमंत्री कृषि आशीर्वाद योजना के पंजीयन से भी मिलेगा पीएम किसान सम्मान योजना का लाभ

रांची :  प्रधानमंत्री किसान सम्मान योजना के तहत 35 लाख किसानों को लाभ मिलेगा. मुख्यमंत्री कृषि आशीर्वाद योजना के तहत जो डाटा तैयार किया गया है उसी डाटा का इस्तेमाल प्रधानमंत्री  किसान सम्मान योजना के तहत किसानों को लाभ पुहंचाने में किया जायेगा. 18 जून को टाना भगत स्टेडियम में एक आयोजन किया जायेगा. इस कार्यक्रम के तहत किसानों को जागरुक करने की कोशिश होगी.

सभी किसानों को उनका पैसा सीधे खाते में मिलेगा. इस कार्यक्रम में  कुछ किसानों को प्रतिकात्मक तौर पर डमी चेक दिया जा सकता है. टाना भगत स्टेडियम में किसानों को शामिल करने की जिम्मेदारी रांची डीसी महिमापत राय के साथ- साथ एग्रीचल्चर डायरेक्टर को दी गयी है. किसान इस कार्यक्रम में आयेंगे उन्हें वापस  उनके गांव छोड़ा जायेगा. 

क्या थी समस्या 
इस योजना के तहत जिसके नाम से जमीन और बैंक खाते होते हैं, उन्हीं के बैंक खाते में इस योजना की राशि पहुंचती है, जबकि झारखंड में अधिकांश जमीन वंशावली के आधार पर है और जमीन के कागजात अपने पूर्वजों के नाम पर है, जिसके कारण उस जमीन के वंशज को योजना का लाभ नहीं मिल रहा था. 
 
कैसे मिलेगा लाभ 
राज्य सरकार ने बताया था कि यहां एक किसानों की वंशावली तैयार करायी जायेगी. इस पर ग्रामसभा की आपत्ति ली जायेगी. आपत्ति की जांच हल्का कर्मचारी करेंगे. इसका सत्यापन अंचल निरीक्षक करेंगे. इस सूची को भी ग्राम सभा में रखा जायेगा. इसके बाद सूची अंचलाधिकारी के पास अनुमोदन के लिए जायेगा. वहां से एसडीओ और डीसी का अनुमोदन लिया जायेगा. इसके बाद सूची को पीएम पोर्टल में डाला जायेगा.  इसी दिन पूर्व में एक किस्त ले चुके करीब 4.50 लाख किसानों को दूसरी किस्त दी जायेगी. 
 
यह राशि करीब 90 करोड़ रुपये होगी. पूरे जिले में समारोह का आयोजन होगा. रांची में खेलगांव स्थित टाना भगत स्टेडियम  में समारोह का आयोजन होगा. जिन किसानों को दूसरी किस्त मिलनी है उन्हें फार्म डी भरना होगा जिसके तहत किसान यह घोषित करता है कि वह आयकर नहीं देता, किसी लाभ के पद में नहीं है. इसमें केंद्र सरकार के कृषि मंत्री नरेंद्र तोमर को भी हिस्सा लेने के लिए आमंत्रित किया गया है. राज्य सरकार ने तय किया है कि हर 15 दिनों में सूची को अपडेट कर राशि का भुगतान होगा. पूरी राशि डीबीटी के माध्यम से सीधे किसानों के खाते में जायेगी. सरकार ने उम्मीद जतायी है कि करीब 1000 करोड़ रुपये अगले पांच माह किसानों के खाते में जायेगी. 
 
 कौन से कागजात है जरूरी 
सबसे महचत्वपूर्ण है  खेसरा-  खतौनी . यानी राजस्व रिकॉर्ड, जिससे पता चलेगा कि आप किसान हैं. खसरा खतौनी पटवारी बनाता है. इसमें खेती की जमीन की डिटेल होती है. इससे पता चलता है कि अभी आप किस चीज की खेती कर रहे हैं. . दूसरा महत्वपूर्ण डॉक्यूमेंट है खतौनी. इसमें जमीन किसके नाम है उसकी डिटेल होती है. समस्या यही थी झारखंड में ज्यादातर किसान वंशावली के आधार पर खेती करते हैं. आधार कार्ड- PM किसान के तहत सालाना 6 हजार रुपये पाने के लिए आधार देना जरूरी देना अनिवार्य होगा. बैंक अकाउंट नंबर- किश्त पाने के लिए आपके पास बैंक अकाउंट नंबर जरूरी हैं क्योंकि सरकार डीबीटी के जरिए किसानों को पैसे ट्रांसफर कर रही है.
 
क्या है दिशा निर्देश 
 चिकित्सकों, इंजीनियरों, वकीलों, चार्टर्ड अकाउंटेंट और वास्तुकारों तथा उनके परिवार के लोग भी इस योजना का लाभ उठाने के पात्र नहीं हैं. इसमें छोटे और सीमान्त किसानों को ऐसे किसान परिवार के रूप में परिभाषित किया गया है जिनमें पति, पत्नी और नाबालिग बच्चों के पास संबंधित राज्य या संघ शासित प्रदेश के भूमि रिकॉर्ड के अनुसार सामूहिक रूप से खेती योग्य भूमि दो हेक्टेयर अथवा इससे कम है.भूमि सीमा को पूरा करने के बावजूद कुछ श्रेणी के लोग इस नकदी समर्थन के पात्र नहीं होंगे.  पहली किस्त प्राप्त करने के लिए आधार नंबर जरूरी नहीं है, लेकिन दूसरी किस्त से यह अनिवार्य होगा. 
 
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