उज्‍ज्‍वला योजना में गड़बड़ी : लाभुक को कनेक्शन का पता नहीं, खाते में आ रही सब्सिडी

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उज्‍ज्‍वला योजना में गड़बड़ी : लाभुक को कनेक्शन का पता नहीं, खाते में आ रही सब्सिडी

प्रतिनिधि, मेदिनीनगर नगर पर्षद के वार्ड नंबर पांच की रहने वाली रंजू देवी के घर उज्‍ज्‍वला योजना के तहत रसोई गैस और चुल्हा 28 मार्च को मिला है. लेकिन जो आंकड़े हैं उसके मुताबिक उसके नाम पर पूर्व में ही दो सिलिंडर मिला है. जो कि चार जनवरी व 28 फरवरी को उसके नाम पर […]

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प्रतिनिधि, मेदिनीनगर

नगर पर्षद के वार्ड नंबर पांच की रहने वाली रंजू देवी के घर उज्‍ज्‍वला योजना के तहत रसोई गैस और चुल्हा 28 मार्च को मिला है. लेकिन जो आंकड़े हैं उसके मुताबिक उसके नाम पर पूर्व में ही दो सिलिंडर मिला है. जो कि चार जनवरी व 28 फरवरी को उसके नाम पर आपूर्ति की गयी है. ऐसे में यह सवाल उठना स्वभाविक है कि जब लाभुक के घर 28 मार्च को कनेक्शन मिला है तो फिर आखिर उसके पूर्व उसके नाम पर दो सिलिंडर कैसे मिल गये. रंजू देवी की कहानी तो एक बानगी मात्र है.

उज्जवला योजना के तहत इस तरह की कई गड़बड़ी सामने आयी है. बुधवार को पलामू उपायुक्त अमीत कुमार के निर्देश के आलोक में सदर अनुमंडल पदाधिकारी नैंसी सहाय ने इस पूरे मामले की जांच की तो कई चौंकाने वाले तथ्य उभरकर सामने आये. पूरे मामले की जानकारी कंपनी को देने का निर्णय लिया गया है. साथ ही आस्था गैस एजेंसी के खिलाफ विधि सम्मत कार्रवाई करने का भी निर्णय लिया गया है.

कैसे हुआ मामले का खुलासा

आशा देवी सदर प्रखंड के जनकपुरी की रहने वाली है. बताया गया कि आशा देवी किसी काम को लेकर प्रखंड कार्यालय आयी थी. इसी दौरान उनके द्वारा बैंक खाते को अपडेट कराया गया तो पाया गया कि उनके खाते में सब्सिडी की राशि आयी है. जबकि उनके घर उज्‍ज्‍वला योजना के तहत कनेक्शन ही नहीं लगा था. आशा देवी चौंक गयी.

सदर अनुमंडल पदाधिकारी नैंसी सहाय ने बताया कि बुधवार को जांच के दौरान यह पता चला कि जब लक्ष्मी देवी का मामला सामने आया तो आस्था गैस एजेंसी के संचालक इंद्रदेव राम ने स्वयं आशा देवी के घर जाकर गैस चुल्हा और सिलिंडर उपलब्ध करा दिया गया. इससे कई सवाल उठ रहे हैं. आम तौर पर गैस एजेंसी के संचालक द्वारा गैस और चूल्हा उपलब्ध कराया जाता है. लेकिन जब संचालक स्वयं जाकर लाभुक के घर रसोई गैस की आपूर्ति कर रहे हैं.

साथ ही उज्‍ज्‍वला योजना के तहत मिलने वाले लाभ से पहले ही खाते में राशि आ रही है तो इससे यह पता चल रहा है कि इस मामले में व्यापक पैमाने पर गड़बड़ी हुई है. जबकि उज्जवला योजना के तहत निबंधन कराने के एक सप्ताह के अंदर सिलिंडर और चु्ल्हा की आपूर्ति मुफ्त में की जाती है. शहर के वार्ड नंबर पांच में मुन्नी खातून के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ है.

एसडीओ श्रीमति सहाय ने कहा कि इस योजना के तहत गरीबी रेखा से नीचे जीवन बसर कर रहे लोगों को लाभ मिल रहा है. जिनमें जागरूकता का अभाव है वह खाते का अपडेट समय पर नहीं करा पाते. इस पूरे मामले में व्यापक पैमाने पर कालाबाजारी किये जाने की आशंका है जिसके आधार पर मामले की गहन छानबीन की जा रही है.

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