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lucknow

  • Mar 14 2019 11:55AM
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क्या मायावती पर दबाव बनाने के लिए चंद्रशेखर से मिलने पहुंची प्रियंका गांधी ?

क्या मायावती पर दबाव बनाने के लिए चंद्रशेखर से मिलने पहुंची प्रियंका गांधी ?

मेरठ : क्या उत्तर प्रदेश में कांग्रेस खुद को मजबूत करने के लिए भीम आर्मी का सहारा लेगी ? यह सवाल सबके जेहन में उठने लगे हैं. ऐसा इसलिए क्योंकि कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने बुधवार को भीम आर्मी के प्रमुख चंद्रशेखर आजाद से अस्पताल में मुलाकात की. इस मुलाकात के बाद कई तरह की खबरें आ रही है.

हालांकि, चंद्रशेखर से मुलाकात के बाद प्रियंका गांधी ने कहा कि चंद्रशेखर से मिलने के लिये अस्पताल आने में कोई राजनीति नहीं है. मैं इस लड़के से मिलने आई हूं, क्योंकि चन्द्रशेखर का संघर्ष मुझे पसंद आया. उसने अपने लोगों के लिए संघर्ष किया है. जब संवाददाताओं ने इस मुलाकात के राजनीतिक मायने को लेकर सवाल किया तो प्रियंका बोलीं, 'आप इसका राजनीतिकरण करना चाहते हैं तो कीजिए...मैं सिर्फ हाल जानने आयी थी.

जानकारों की मानें तो कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी की भीम आर्मी के प्रमुख से मुलाकात को उत्तर प्रदेश के राजनीतिक हलके में बसपा सुप्रीमो मायावती पर ‘‘दबाव ' बनाने के रूप में देखा जा सकता है क्योंकि एक दिन पहले ही मायावती ने चुनावी गठबंधन को लेकर कांग्रेस के लिए बसपा के दरवाजे बंद कर दिये थे. आपको बता दें कि लोकसभा चुनाव से पहले प्रियंका गांधी को पूर्वी उत्तर का प्रभार सौंपा गया था.

अचानक पहुंचीं प्रियंका गांधी

एक दिन पहले यानी मंगलवार को आजाद को अस्पताल में भर्ती कराया गया था. प्रियंका उनका हालचाल जानने बुधवार को आयीं थीं. प्रियंका कल शाम अचानक मेरठ के एक निजी अस्पताल में भर्ती भीम आर्मी के प्रमुख चंद्रशेखर से मिलने पहुंचीं. उनके साथ कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष राज बब्बर और पश्चिम उत्तर प्रदेश के प्रभारी ज्योतिरादित्य सिंधिया भी मौजूद थे. प्रियंका करीब आधा घंटा तक अस्पताल में रहीं.

क्या कहा चंद्रशेखर ने
मुलाकात के मायने पूछने पर चंद्रशेखर ने भी कहा कि मैं सियासी व्यक्ति नहीं हूं. मैं बहुजन समाज के लिए लड़ता हूं. वह (प्रियंका) कोई राजनीतिक बात करने नहीं आयी थीं_ ना कुछ पूछ रहीं थीं_ उन्होंने कहा कि प्रियंका गांधी वाड्रा उनकी तबियत पूछने आई थीं. इससे ज्यादा और कुछ नहीं. आगे चन्द्रशेखर ने कहा, ‘‘मैं बहुजन समाज के साथ हूं.' प्रियंका के दौरे के दौरान अस्पताल में सुरक्षा के कड़े प्रबंध किये गये थे.

यूपी की राजनीति

उल्लेखनीय है कि आसन्न चुनावी समर में गैर भाजपाई दलों की यही कोशिश है कि उत्तर प्रदेश में बसपा, सपा और कांग्रेस एक साथ मिलकर चुनाव लड़ें ताकि भगवा पार्टी को सत्ता पर पुन: कब्जा जमाने से रोका जा सके. यहां चर्चा कर दें कि सपा-बसपा ने कांग्रेस को राज्य में लोकसभा की सिर्फ दो सीटें देने की पेशकश की थी.

ऐसे बिगड़ी चंद्रशेखर की तबीयत
मंगलवार को चंद्रशेखर की तबीयत उस समय खराब हो गयी जब वह सहारनपुर से दिल्ली के लिए ‘बहुजन सुरक्षा अधिकार यात्रा' निकाल रहे थे. यात्रा जब देवबंद पहुंची तब अनुमति नहीं मिलने के कारण पुलिस ने यात्रा रोक दी और चंद्रशेखर को हिरासत में ले लिया था. पुलिस की कार्रवाई से नाराज उनके समर्थकों ने राजमार्ग पर हंगामा शुरू कर दिया. गुस्साई भीड़ की अधिकारियों के साथ नोकझोंक हुई. हंगामे के बीच अचानक चंद्रशेखर की तबीयत बिगड़ गयी और वह बेहोश हो गए, जिसके बाद उन्हें मेरठ लाया गया और अस्पताल में भर्ती कराया गया.

 
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