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jamshedpur

  • Jun 24 2019 8:51AM
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Jharkhand Mob Lynching : तबरेज की मौत मामले में थानेदार सस्पेंड, 5 गिरफ्तार

Jharkhand Mob Lynching : तबरेज की मौत मामले में थानेदार सस्पेंड, 5 गिरफ्तार
तबरेज आलम. फाइल फोटो.

रांची/जमशेदपुर : सरायकेला-खरसावां जिला में हुई ‘मॉब लिंचिंग’ मामले में झारखंड सरकार ने कड़ी कार्रवाई की है. मुख्यमंत्री के निर्देश पर स्थानीय थानेदार को सस्पेंड कर दिया गया है. इस सिलसिले में पुलिस ने 5 लोगों को गिरफ्तार कर लिया है.

ज्ञात हो कि मॉब लिंचिंग के शिकार मुस्लिम युवक की छह दिन बाद अस्पताल में मौत हो गयी. सरायकेला के धातकीडीह गांव के पास चोरी करते हुए पकड़ाये तबरेज अंसारी की मौत के मामले में पुलिस ने मॉब लिंचिंग का केस दर्ज कर लिया है. मृतक तबरेज की पत्नी के बयान पर प्राथमिकी दर्ज करने के बाद पुलिस आरोपियों की गिरफ्तारी में जुट गयी है. रविवार को एक आरोपी पप्पू मंडल को गिरफ्तार कर पुलिस ने जेल भेज दिया. सरायकेला के एसपी कार्तिक एस खुद मामले की जांच कर रहे हैं.

सरायकेला थाना में दर्ज प्राथमिकी में तबरेज की पत्नी शाइस्ता परवीन ने कहा कि उसके पति तबरेज अंसारी 17 जून की रात को दो साथियों के साथ बाइक से जमशेदपुर के आजादनगर लौट रहे थे. धातकीडीह गांव के पास पप्पू मंडल एवं अन्य ने चोरी के संदेह में उन्हें पकड़ लिया अौर खंभे से बांधकर पीटा.

इस दौरान धार्मिक नारा लगाने के लिए भी मजबूर किया गया. लोगों की पिटाई से वह गंभीर रूप से घायल हो गये. बाद में पुलिस ने चोरी के मामले में उन्हें जेल भेज दिया. दो दिन बाद तबीयत बिगड़ने पर उन्हें सदर अस्पताल भर्ती कराया गया, जहां उनकी मौत हो गयी.

बताया जाता है कि तबरेज अंसारी को चोरी करते हुए लोगों ने पकड़ा था. उसके पास से चोरी के सामान भी बरामद हुए थे. इस दौरान कुछ लोगों ने उसकी जमकर पिटाई कर दी. पुलिस ने चोरी के मामले में उसे जेल भेजा था. सरायकेला जेल में तबीयत बिगड़ने पर उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गयी.

पुणे से ईद में घर आया था तबरेज

परिजनों के अनुसार, तबरेज पुणे में काम करता था. ईद की छुट्टी में अपने घर आया था. परिजनों ने तबरेज की बांध कर पिटाई करने का वीडियो भी पुलिस को सौंपा है. एसपी कार्तिक एस ने कहा है कि मृतक की पत्नी के बयान पर मॉब लिंचिंग और हत्या की प्राथमिकी दर्ज की गयी है. नामजद आरोपी पप्पू मंडल को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है. मामले की जांच चल रही है. अन्य दोषियों के खिलाफ भी कार्रवाई होगी.

घटनाक्रम

17 जून : खरसावां के कदमडीहा निवासी तबरेज अंसारी को सरायकेला के धातकीडीह गांव के पास ग्रामीणों ने चोरी के आरोप में पकड़ लिया. उसकी पिटाई की.

18 जून : पुलिस ने चोरी का मामला दर्ज कर तबरेज को जेल भेज दिया.

22 जून : जेल में तबीयत बिगड़ने पर उसे सरायकेला सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसकी मौत हो गयी. परिवार वाले टीएमएच भी लेकर गये, चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया.

दहाड़ें मारकर रोने लगी तबरेज की पत्नी शाइस्ता परवीन बोली

वह 17 जून की रात थी. मेरे शौहर जमशेदपुर से गांव लौट रहे थे. तभी घातकीडीह गांव में कुछ लोगों ने उन्हें घेर लिया. चोरी का आरोप लगाकर रात भर उन्हें बिजली के पोल से बांधकर रखा. उनके साथ खूब मारपीट की गयी. जय श्री राम व जय हनुमान बोलने के लिए कहा. नहीं बोलने पर मेरे शौहर को बहुत पीटा.

सुबह होने पर उन्हें सरायकेला थाने की पुलिस को सौंप दिया. पुलिस ने मारपीट करने वालों पर कार्रवाई की जगह मेरे शौहर को ही चोरी के आरोप में जेल भेज दिया. उन्हें अंदरूनी चोटें लगी थीं. इसी वजह से उनका इंतकाल हो गया. शाइस्ता परवीन यह कहते हुए दहाड़ें मारकर रोने लगती है.

कुछ ही महीने पहले उनका निकाह कदमडीहा गांव के तबरेज अंसारी से हुआ था. यह गांव झारखंड के सरायकेला जिला के खरसावां थाना क्षेत्र का हिस्सा है.

शाइस्ता मांग रही इंसाफ

शाइस्ता ने कहा, ‘मैंने पुलिस से इसकी लिखित शिकायत की है. उन्हें मेरी रिपोर्ट दर्ज कर मुझे इंसाफ दिलाना चाहिए. तबरेज सिर्फ 24 साल के थे. उनका कत्ल किया गया है. इस मामले में पुलिस और जेल प्रशासन ने लापरवाही की है. इसकी उच्चस्तरीय जांच होनी चाहिए.’

सरायकेला के थाना प्रभारी बोले

दूसरी तरफ, सरायकेला थाना के प्रभारी अविनाश कुमार ने कहा कि धातकीडीह गांव के लोगों ने तबरेज अंसारी को चोरी के आरोप में पकड़ा था. ग्रामीणों ने तबरेज को धातकीडीह के कमल महतो की छत से कूदते हुए देखा था. उनके साथ दो और लोग थे, जो भाग गये. तबरेज को ग्रामीणों ने पकड़ लिया. इसके बाद गांव वालों ने उसे चोर बता कर हमारे हवाले किया. उसके खिलाफ चोरी की रिपोर्ट दर्ज करायी गयी थी. हम इलाज कराने के बाद उसे कोर्ट ले गये, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में सरायकेला जेल भेज दिया गया. इसमें पुलिस की कोई लापरवाही नहीं है.

सरायकेला सदर अस्पताल में हुआ हंगामा

इधर, तबरेज की मौत के बाद जेल अधिकारी पोस्टमार्टम के लिए लाश लेकर पहुंचे, तो सरायकेला सदर अस्पताल में हंगामा हो गया. कुछ देर के हंगामे के बाद पुलिस अधिकारियों ने आक्रोशित लोगों को समझाया. इसके बाद तबरेज के शव को जमशेदपुर भेज दिया गया.

मॉब लिंचिंग के को लेकर सुर्खियों में रहा है झारखंड

झारखंड हमेशा से मॉब लिंचिंग के लिए सुर्खियों में रहा है. झारखंड जनाधिकार मोर्चा की एक रिपोर्ट के मुताबिक, मौजूदा भाजपा शासन में कम से कम 12 लोगों को भीड़ ने मौत के घाट उतार दिया. इनमें 10 मुसलमान और 2 आदिवासी हैं.

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