महाराष्ट्र में भारी बारिश का कहर: उत्तरी मुंबई के मनोरी तट के पास फंसा मानवरहित विदेशी टैंकर, कोस्ट गार्ड अलर्ट

Updated:
विज्ञापन

मुंबई में भारी बारिश के कारण उत्तरी तट के पास एक बड़ा विदेशी टैंकर फंस गया है. भारतीय तटरक्षक बल बचाव अभियान चला रहा है. जहाज चट्टानी इलाके में फंसा है, जिससे बचाव कार्य चुनौतीपूर्ण हो गया है.

विज्ञापन

Maharashtra Heavy Rain: भारी बारिश और हाई टाइड के बीच उत्तरी मुंबई के मनोरी तट के पास एक विशालकाय मानवरहित (बिना चालक दल का) वाणिज्यिक टैंकर 'एमटी अल जाफजिया' समुद्र में फंस गया. यह जहाज फिलहाल तट से महज एक किलोमीटर की दूरी पर है. घटना की गंभीरता को देखते हुए भारतीय तटरक्षक बल (ICG) ने स्थिति को संभालने के लिए अपने अत्याधुनिक जहाजों को मौके के लिए रवाना कर दिया है.

विज्ञापन

खराब मौसम से उखड़े तीन जहाजों के लंगर

पीटीआई ने तटरक्षक बल से मिली आधिकारिक जानकारी के अनुसार बताया, 5 जुलाई को नौवहन महानिदेशालय से एक आपातकालीन संदेश मिला था. भारी बारिश और खराब मौसम के चलते समुद्र में खड़े तीन जहाजों- 'एमटी एस्फाल्ट स्टार', 'एमटी स्टेलर रूबी' और 'एमटी अल जाफजिया' के लंगर उखड़ गए थे, जिससे ये जहाज अपनी जगह से बहने लगे. 'एमटी एस्फाल्ट स्टार' और 'एमटी स्टेलर रूबी' को फिलहाल सुरक्षित रूप से दोबारा लंगर डाल दिया गया है और उनके क्रू मेंबर्स पूरी तरह सुरक्षित हैं. हालांकि मढ़ तट के पास खड़ा 'एमटी स्टेलर रूबी' खराब मौसम के कारण अभी भी धीरे-धीरे बह रहा है. वहीं, मानवरहित 'एमटी अल जाफजिया' मनोरी तट के पास जाकर फंस गया है.

चट्टानी इलाका और तेज हवाएं बनीं चुनौती

स्थानीय मछुआरों के मुताबिक, जिस मनोरी क्षेत्र में 'एमटी अल जाफजिया' फंसा है, वह बेहद चट्टानी है. समुद्र में चल रही तेज हवाओं और भारी बारिश के कारण छोटे जहाजों के लिए उस फंसे हुए बड़े टैंकर के पास जाना फिलहाल काफी असुरक्षित और जोखिम भरा हो गया है. गोराई पुलिस और समुद्री एजेंसियां लगातार स्थिति पर पैनी नजर रखे हुए हैं. राहत की बात यह है कि जहाज ने लंगर डाल दिया है और अभी तक किसी अप्रिय घटना या तेल रिसाव (Oil Spill) जैसी सूचना नहीं है.

अवैध ईंधन मामले से जुड़ा है इतिहास

तटरक्षक बल के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि इस साल फरवरी में अवैध रूप से ईंधन भरने के आरोप में तीन जहाजों को पकड़ा गया था, जिनमें यह भी शामिल था. इस संबंध में मुंबई के येलो गेट पुलिस थाने में मामला दर्ज है. मुंबई हाई कोर्ट ने इन जहाजों को कबाड़ (स्क्रैप) में तब्दील करने के लिए गुजरात के अलंग ले जाने का निर्देश दिया था, लेकिन इससे पहले ही यह हादसा हो गया.

रेस्क्यू के लिए समंदर में उतरे 'सम्राट' और 'वाटर लिली'

हालात का जायजा लेने और जहाजों को सुरक्षित निकालने के लिए तटरक्षक बल ने अपने बेड़े के शक्तिशाली जहाज 'आईसीजीएस सम्राट' का मार्ग बदलकर उसे प्रभावित क्षेत्र में भेजा है. इसके साथ ही, प्रदूषण नियंत्रण पोत 'आईसीजीएस समुद्र प्रहरी' और नौवहन महानिदेशालय का आपातकालीन पोत (ETV) 'वाटर लिली' भी मौके पर मुस्तैद हैं ताकि किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके.


विज्ञापन

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola