17.1 C
Ranchi

लेटेस्ट वीडियो

वरिष्ठ पत्रकार कुलदीप नैयर का निधन, एडिटर्स गिल्ड ने बताया पत्रकारों का मार्गदर्शक

नयी दिल्ली: प्रेस की आजादी और नागरिकों के अधिकारों की रक्षा के लिए हमेशा संघर्षरत रहने वाले वरिष्ठ पत्रकार कुलदीप नैयर का कल आधी रात के बाद यहां एक निजी अस्पताल में निधन हो गया. वह 95 वर्ष के थे. उनका जन्म पाकिस्तान के सियालकोट में 1923 में हुआ था और उन्होंने अपने करियर की […]

नयी दिल्ली: प्रेस की आजादी और नागरिकों के अधिकारों की रक्षा के लिए हमेशा संघर्षरत रहने वाले वरिष्ठ पत्रकार कुलदीप नैयर का कल आधी रात के बाद यहां एक निजी अस्पताल में निधन हो गया. वह 95 वर्ष के थे. उनका जन्म पाकिस्तान के सियालकोट में 1923 में हुआ था और उन्होंने अपने करियर की शुरुआत उर्दू अखबार से की थी. नैयर को प्रेस की आजादी और नागरिकों के अधिकारों की रक्षा करने वाले पत्रकार के रूप में जाना जाता है. उन्होंने इंडियन एक्सप्रेस और स्टेट्समैन सहित विभिन्न अखबारों में काम किया. वरिष्ठ पत्रकार के बड़े बेटे सुधीर नैयर ने बताया कि उनके पिता की मौत कल आधी रात के बाद 12 बजकर 30 मिनट पर एस्कॉर्ट्स अस्पताल में हुई. सुधीर ने बताया कि नैयर निमोनिया से पीड़ित थे और पांच दिन पहले उन्हें अस्पताल में भर्ती किया गया था. उनके परिवार में पत्नी और दो बेटे हैं.

एडिटर्स गिल्ड ऑफ इंडिया ने अपने एक संदेश में कहा कि नैयर अपनी विश्वसनीयता, मानक और पैनेपन से आने वाले युवा पत्रकारों को प्रेरित करते रहेंगे. नैयर गिल्ड के संस्थापकों में से एक थे और इसके अध्यक्ष भी रहे थे. गिल्ड ने अपने बयान में नैयर को पत्रकारिता जगत का बेहद प्रतिष्ठित सदस्य बताया है. गिल्ड ने नैयर को ‘ संवाददाताओं का संपादक’ बताते हुए कहा कि वह विभिन्न समाचार संगठनों में नेतृत्वकर्ता के पद पर रहे और हमेशा संपादकों तथा संवाददाताओं की टीम में पैनापन और गंभीरता भरते रहे. संगठन ने कहा, ‘ एक मार्गदर्शक के तौर पर कुलदीप नैयर अपनी लेखनी के जरिए आपातकाल के दौरान मीडिया की स्वतंत्रता पर लगाए गए प्रतिबंध के खिलाफ लड़ते रहे और इसके परिणामस्वरूप उनकी गिरफ्तारी भी हुई.’

गिल्ड ने कहा कि पत्रकारिता जगत में योगदान के लिए जल्द ही उन्हें सम्मानित करने के प्रस्ताव पर वह विचार करेगा. द वीक मैगजीन के संपादक सच्चिदानंद मूर्ति ने नैयर को प्रेस की आजादी और नागरिकों के अधिकारों की रक्षा के लिए हमेशा संघर्षरत रहने वाले पत्रकार के रूप में याद किया है. मूर्ति ने कहा, ‘ उन्होंने राजीव गांधी सरकार द्वारा लाए गए विवादित मानहानि विधेयक का विरोध किया था. भारत में नागरिकों के अधिकारों की रक्षा के लिए वह सदैव काम करते रहे.’

नैयर ने ‘बियॉन्ड द लाइन्स : एन ऑटोबायोग्राफी’ और ‘बिट्वीन द लाइन्स’ जैसी प्रसिद्ध पुस्तकें लिखी. इसके अलावा उन्होंने भारतीय राजनीति से संबंधित कई किताबें लिखीं. वरिष्ठ पत्रकार प्रतिष्ठित स्तंभकार थे और उनके लेख 50 से ज्यादा अखबारों में प्रकाशित हो रहे थे.

कुलदीप नैयर से जुड़ी ये खबरें भी पढ़ें :

कुलदीप नैयर के निधन पर राजनीतिक दलों ने दी श्रद्धांजलि, शाह, येचुरी, शरद, ममता ने ऐसे किया याद

कुलदीप नैयर लौट जाना चाहते थे पाकिस्तान, मजबूरी में बन गये पत्रकार, जानें जीवन यात्रा

प्रख्यात पत्रकार कुलदीप नैयर का 95 वर्ष की उम्र में निधन, राष्ट्रपति-प्रधानमंत्री ने जताया दु:ख

Prabhat Khabar Digital Desk
Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

संबंधित ख़बरें

Trending News

जरूर पढ़ें

वायरल खबरें

ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel