झारखंड : एसीबी ने 25 हजार रुपये रिश्वत लेते झुमरीतिलैया के सिटी मैनेजर को किया गिरफ्तार, हुई हाथापाई

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हजारीबाग एसीबी की टीम ने झुमरीतिलैया नगर परिषद के सिटी मैनेजर को 25 हजार रुपये घूस लेते रंगेहाथ गिरफ्तार किया है. इस दौरान एसीबी की टीम और सिटी मैनेजर के बीच हाथापाई भी हुई. इसके बाद गिरफ्तार सिटी मैनेजर को हजारीबाग ले गई.

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Jharkhand News: भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) हजारीबाग की टीम ने बुधवार को नगर पर्षद] झुमरीतिलैया के सिटी मैनेजर प्रशांत भारतीय को रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया. सिटी मैनेजर कार्यालय कक्ष में ही एक विज्ञापन एजेंसी के प्रतिनिधि से 25 हजार रुपये रिश्वत ले रहे थे. इसी दौरान निगरानी की टीम ने उन्हें धर दबोचा. हालांकि, कार्रवाई के दौरान एसीबी की टीम व सिटी मैनेजर के बीच कुछ देर के लिए हाथापाई थी हुई. सिटी मैनेजर को एसीबी अपने साथ हजारीबाग ले गई.

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बतौर घूस 50 हजार रुपये मांगने की शिकायत की

जानकारी के अनुसार, नगर पर्षद क्षेत्र में विज्ञापन एजेंसी के रूप में कार्यरत मेसर्स गायत्री इंटरप्राइजेज के राजीव लोचन सिंह विद्यार्थी पिता वीरेंद्र प्रसाद सिंह निवासी परसाबाद ने एसीबी हजारीबाग के एसपी को आवेदन देकर सिटी मैनेजर प्रशांत भारतीय द्वारा कार्यालय से संबंधित कार्य में 50 हजार रुपये घूस मांगने की शिकायत की थी.

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क्या है मामला

विद्यार्थी ने बताया था कि वे विज्ञापन एजेंसी के रूप में कार्य करते हैं जिसके अंतर्गत निजी और सरकारी भूखंड एवं संपत्तियों पर कार्यालय आदेश एवं अधिकारी की स्वीकृति के बाद निर्धारित अग्रिम राशि जमा कर इन स्थानों पर विज्ञापन बोर्ड निर्माण कर विभिन्न कंपनियों एवं फर्म का प्रचार प्रसार किया जाता है. पूर्व में नगर पर्षद द्वारा विज्ञापन के लिए निकाली गई निविदा दर में अधिकतम दर कोटेशन के बाद विज्ञापन कार्य संचालित करने के लिए एकरारनामा कार्यपालक पदाधिकारी व उनकी एजेंसी के बीच हुआ था. यह 31 जनवरी, 2024 तक मान्य था, लेकिन उनके एकरारना को रद्द कर नई नियमावली विज्ञापन बनाकर जनवरी 2023 में इसे विभिन्न समाचार पत्रों में प्रकाशित किया गया.

घूस के कारण काम लटकाया

इसके बाद उन्होंने अपनी संस्था मेसर्स गायत्री इंटरप्राइजेज का एक फरवरी, 2023 को पुनः पंजीकरण कराया. इसको लेकर प्���थम प्रस्ताव उन्होंने दो फरवरी, 2023 को कार्यालय में दिया, जबकि दूसरा प्रस्ताव 11 मार्च, 2023 को दिया एवं विभिन्न माध्यमों से विज्ञापन कार्य करने की अनुमति कार्यालय से मांगी. लेकिन, सिटी मैनेजर प्रशांत द्वारा उनके काम को लटका कर रखा गया और फाइल को आगे बढ़ाने के एवज में 50 हजार रुपये घूस मांगी गई.

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25 हजार रुपये घूस लेते सिटी मैनेजर गिरफ्तार

सिटी मैनेजर द्वारा कोड वर्ड में उनसे घूस मांगा जाता था जिसमें घूस की राशि को लुब्रिकेंट बोल कर डिमांड किया जाता था. कई बार सिटी मैनेजर द्वारा कागज में लिखकर या इशारे में घूस की रकम मांगी जाती थी. शिकायत कर्ता के आवेदन के आलोक में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो, हजारीबाग की टीम ने कांड संख्या 08/23, पांच सितंबर 2023 को पंजीकृत किया. जांच में मामले को सही पाया गया. इसके बाद बुधवार को सिटी मैनेजर को कार्यालय स्थित उनके केबिन से 25 हजार रुपये घूस लेते गिरफ्तार किया गया. एसीबी की इस कार्रवाई से पूरे कार्यालय में हड़कंप मच गया.

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