‘प्लाजा और सुजाता में देखी कई फिल्में, एक दिन में देखता था 4 मूवी’, विनय पाठक ने साझा की कई यादें

Updated:
विज्ञापन

Jharkhand Literary Meet 2022: बातचीत के क्रम में विनय पाठक ने बताया कि उनकी पढ़ाई विकास विद्यालय से ही हुई है. इसलिए रांची से उनका जुड़ाव बहुत ज्यादा है. अपनी पुरानी यादों को ताजा करते हुए उन्होंने बताया कि हर रविवार छुट्टी के दिन वो अपने दोस्तों के साथ फिल्म देखने आते थे.

विज्ञापन

Jharkhand Literary Meet 2022: ‘मुझे याद है कि जब टीवी आया था, तब बहुत चर्चा हुई कि टीवी के आने के बाद सिनेमा हाल जाने की क्या जरूरत हैं लेकिन फिर भी लोग जाते थे क्योंकि सिनेमा हाल के प्रति प्यार लोगों का कम नहीं हुआ है वैसे ही ओटीटी के आ जाने से फीचर फिल्म खत्म हो जाएगी ऐसा कहना गलत है.’ ये बातें बॉलीवुड एक्टर विनय पाठक ने रांची में कही. रांची में आयोजित झारखंड लिटरेरी मीट में रजत कपूर और विनय पाठक ने ‘ओटीटी प्लेटफॉर्म फीचर फिल्म को खत्म कर देगा या पुनर्जीवित करेगा?’ विषय पर अपने विचार रखे.

आपके शहर में

विज्ञापन

विकास विद्यालय से ही हुई है विनय पाठक की पढ़ाई

बातचीत के क्रम में विनय पाठक ने बताया कि उनकी पढ़ाई विकास विद्यालय से ही हुई है. इसलिए रांची से उनका जुड़ाव बहुत ज्यादा है. अपनी पुरानी यादों को ताजा करते हुए उन्होंने बताया कि हर रविवार छुट्टी के दिन वो अपने दोस्तों के साथ फिल्म देखने आते थे. उन्होंने बताया कि प्लाजा और मिनी सुजाता में अपने दोस्तों से साथ उस समय की कई हॉलीवुड फिल्में देखी है. साथ ही उन्होंने बताया कि एक दिन में वो चार फिल्में देखा करते थे. इसलिए सभी साथी चार गुट में बंटकर हर फिल्म की चार टिकट लेते थे ताकि कोई भी फिल्म छूट ना जाए.

यह मानना थोड़ा मुश्किल है कि हम बहुत बेहतर कंटेंट बना रहे हैं

विनय पाठक ने ‘ओटीटी प्लेटफॉर्म फीचर फिल्म को खत्म कर देगा या पुनर्जीवित करेगा?’ विषय पर अपना विचार रखते हुए उन्होंने कहा कि ओटीटी की शुरुआत भी एक वादे के साथ हुई है और हम पश्चिम से बहुत ज्यादा प्रभावित है. उनका एक बाजार है कि वो कैसे कंटेंट बनाते हैं. अभी यह मानना थोड़ा मुश्किल है कि हम बहुत बेहतर कंटेंट बना रहे हैं. हम सिर्फ ओटीटी पर ही क्यों ऊंगली उठायें, सिनेमा में भी पिछले 20 सालों में हम उन 10 फिल्मों के नाम नहीं बता सकते जिन्होंने हमें हैरान किया हो. साथ ही उन्होंने कहा कि सबका फैनबेस अलग है और दोनों अपनी जगह बेस्ट है. बाकी किसी एक प्लेटफॉर्म के आ जाने से दूसरे को नुकसान होगा यह तय नहीं होता है.

Also Read: Jharkhand Literary Meet 2022: रजत कपूर बोले- OTT पर ऐसा कोई कंटेट नहीं जिसे देखकर ‘वाह’ कहा जाये
ओटीटी के आ जाने से कम से कम लोग स्क्रिप्ट लिख रहे

बातचीत के क्रम में उनसे सवाल किया गया कि ओटीटी के प्लेटफॉर्म पर जो लेखक या अभिनेता अच्छा प्रदर्शन किया है उन्हें बड़े परदे पर अवसर मिलेगा या नहीं? इस सवाल पर मजाकिया ढंग से उन्होंने कहा कि ओटीटी के आ जाने से कम से कम लोग स्क्रिप्ट लिख रहे है, वरना पहले तो केवल विचार के आधार पर फिल्म बननी शुरू हो जाती थी. अब इंडस्ट्री भी कमर्शियल हो गयी है और जिसके कंटेन्ट में दम लगता है उसी का हम चुनाव करते है. उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि पहले ब्रेकफास्ट में केवल कॉर्न फ्लेक्स हुआ करते थे लेकिन अब अलग अलग ब्रांड के कॉर्न फ्लेक्स है. इसलिए हमारे पास चयन के विकल्प ज्यादा है.

अभिनय की दुनिया में जाना-माना नाम है विनय पाठक

बता दें कि अभिनय की दुनिया में विनय पाठक जाना-माना नाम है. खोसला का घोंसला, भेजा फ्राइ, आई लैंड सिटी और जॉनी गद्दार समेत कई फिल्मों में अपना लोहा मनवा चुके है. साथ ही जिस्म और रब ने बना दी जोड़ी जैसी फिल्मों में सपोर्टिंग रोल की भूमिका निभा चुके है.

विज्ञापन

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola